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Noida News: महिला से 3.26 करोड़ की ठगी मामले में दो साइबर जालसाज गिरफ्तार
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महिला से 3.26 करोड़ की ठगी मामले में दो साइबर जालसाज गिरफ्तार
- कमीशन पर साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराते हैं आरोपी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। महिला से निवेश के नाम पर 3.26 करोड़ की ठगी करने वाले दो दोस्तों को साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दोनों को मध्यप्रदेश से पकड़ा है। दोनों जालसाज साइबर ठगी करने वाले गिरोह को कमीशन पर बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। पुलिस इस ठगी के मामले में 12 जालसाजों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
एडीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि 12 जून को सेक्टर-27 निवासी एक महिला ने साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया था कि उनके साथ निवेश के नाम पर 3 करोड़ 26 लाख की ठगी हो गई है। इसके बाद साइबर थाने की टीम ने जांच शुरू की तब पता चला कि जालसाजों ने महिला से रेट फाइन इनवेस्टेमेंट लिमिटेड कंपनी का कर्मचारी बनकर बात की और शेयर बाजार में निवेश कर मुनाफा कमाने की ट्रेनिंग दी। इसके बाद कई बार में जालसाजों ने खाते में रकम ट्रांसफर करा ली।
इस मामले में पुलिस 12 जालसाजों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब पुलिस ने शुक्रवार को इंदौर से दो जालसाजों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान इंदौर निवासी राजीव वर्मा व उमा शंकर के रूप हुई है। राजीव वर्मा के खाते में करीब 10 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे। इस खाते के खिलाफ भी एनसीआरपी पोर्टल पर करीब 16 शिकायत मिली हैं। पूछताछ के दौरान राजीव वर्मा ने बताया कि वह मोबाइल बेचने की मार्केटिंग का काम करता है। काम अच्छा न चलने के कारण उसको पैसे की तंगी थी। उसने अपने दोस्त उमा शंकर से बात कर अपने नाम करंट बैंक खाता खुलवाया। अपने दोस्त उमाशंकर को दे दिया। इस खाते के बदले 50 हजार रुपये राजीव वर्मा को मिले। वहीं उमाशंकर ने पुलिस को बताया कि उसका संपर्क टेलीग्राम के माध्यम से एक ग्रुप से हुआ था। जिनको करंट बैंक खाता की आवश्यकता थी। वह पैसा लेकर उनको बैंक खाते उपलब्ध करता था।
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- कमीशन पर साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराते हैं आरोपी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। महिला से निवेश के नाम पर 3.26 करोड़ की ठगी करने वाले दो दोस्तों को साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दोनों को मध्यप्रदेश से पकड़ा है। दोनों जालसाज साइबर ठगी करने वाले गिरोह को कमीशन पर बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। पुलिस इस ठगी के मामले में 12 जालसाजों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
एडीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि 12 जून को सेक्टर-27 निवासी एक महिला ने साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया था कि उनके साथ निवेश के नाम पर 3 करोड़ 26 लाख की ठगी हो गई है। इसके बाद साइबर थाने की टीम ने जांच शुरू की तब पता चला कि जालसाजों ने महिला से रेट फाइन इनवेस्टेमेंट लिमिटेड कंपनी का कर्मचारी बनकर बात की और शेयर बाजार में निवेश कर मुनाफा कमाने की ट्रेनिंग दी। इसके बाद कई बार में जालसाजों ने खाते में रकम ट्रांसफर करा ली।
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इस मामले में पुलिस 12 जालसाजों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब पुलिस ने शुक्रवार को इंदौर से दो जालसाजों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान इंदौर निवासी राजीव वर्मा व उमा शंकर के रूप हुई है। राजीव वर्मा के खाते में करीब 10 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे। इस खाते के खिलाफ भी एनसीआरपी पोर्टल पर करीब 16 शिकायत मिली हैं। पूछताछ के दौरान राजीव वर्मा ने बताया कि वह मोबाइल बेचने की मार्केटिंग का काम करता है। काम अच्छा न चलने के कारण उसको पैसे की तंगी थी। उसने अपने दोस्त उमा शंकर से बात कर अपने नाम करंट बैंक खाता खुलवाया। अपने दोस्त उमाशंकर को दे दिया। इस खाते के बदले 50 हजार रुपये राजीव वर्मा को मिले। वहीं उमाशंकर ने पुलिस को बताया कि उसका संपर्क टेलीग्राम के माध्यम से एक ग्रुप से हुआ था। जिनको करंट बैंक खाता की आवश्यकता थी। वह पैसा लेकर उनको बैंक खाते उपलब्ध करता था।
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