डीपीएस में रैगिंग के बाद छात्र ने छोड़ा स्कूल, छह आरोपी सस्पेंड
- परिजन बेटे को वापस बुलंदशहर ले गए
- 5 मई को हुई रैगिंग
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डीपीएस हॉस्टल में रैगिंग और जानलेवा हमले के बाद छात्र ने स्कूल छोड़ दिया है। छात्र के घर वाले उसे नोएडा से बुलंदशहर गृह जनपद वापस ले गए। छात्र के पिता का कहना है कि वह बेटे को अब उस स्कूल में नहीं पढ़ाने चाहते, जहां बेटे की जिंदगी सुरक्षित न हो।
घटना के बाद से छात्र भी काफी डरा और सहमा हुआ है। वहीं, स्कूल प्रशासन ने आरोपी 6 छात्रों को हॉस्टल से सस्पेंड कर दिया है। पुलिस के अनुसार, मूलरूप से बुलंदशहर निवासी राहुल (परिवर्तित नाम) सेक्टर-30 स्थित डीपीएस में 11वीं क्लास में पढ़ता था और स्कूल के ही हॉस्टल में रहता था।
पिता का आरोप है कि 5 मई को हॉस्टल में राहुल के साथ 12वीं के छात्रों ने रैगिंग की। उस दिन उसकी हालत बिगड़ गई। वार्डन ने उसे मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया। हालत में सुधार होने पर दोबारा स्कूल के हॉस्टल में 8 मई को दाखिला मिल गया।
9 मई की रात करीब नौ बजे उन्हीं सीनियर छात्रों ने दोबारा रैगिंग की और विरोध करने पर लात घूंसों व रॉड से वार करके उसे बुरी तरह घायल कर दिया। उसे बचाने के लिए साथी आया तो सीनियर छात्रों ने उसे भी पीटकर घायल कर दिया।
हॉस्टल के वार्डन ने दोनों छात्रों को कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया। हालत में सुधार होने के बाद मंगलवार रात दोनों छात्रों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। राहुल के परिजनों ने 6 नामजद छात्र व 12 अज्ञात के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है जिसकी जांच सेक्टर-20 पुलिस कर रही है।
रैगिंग के बाद स्कूल में मीडिया बैन
रैगिंग के बाद स्कूल में मीडिया बैन
रैगिंग और छात्रों पर जानलेवा हमले की खबरें प्रकाशित होने के बाद स्कूल में मीडिया की एंट्री बैन कर दी गई है। किसी को भी स्कूल के भीतर जाने की इजाजत नहीं है। काफी मशक्कत के बाद स्कूल प्रिंसिपल ने फोन पर मीडिया को जवाब दिया और अपना पक्ष सामने रखा।
आरोपी छात्रों को हॉस्टल से सस्पेंड कर दिया है। मारपीट के दौरान बचाने आया छात्र घायल हो गया था। वह ठीक होने के बाद बुधवार को स्कूल आया था। पूरे मामले की स्कूल प्रशासन भी जांच कर रहा है। - कामिनी भसीन, प्रिंसिपल डीपीएस
एसएचओ सेक्टर-20 ने सोमवार रात स्कूल प्रिंसिपल से पूछताछ की है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -दिनेश यादव, एसपी सिटी
जिस स्कूल में मेरे बेटे की जिंदगी ही सुरक्षित न हो, वहां पर बेटे को एक पल भी नहीं रखूंगा। रैगिंग और जानलेवा हमले की घटना के बाद से बेटे का स्कूल छुड़वा दिया है। उसे बुलंदशहर वापस ले आए हैं।- पीड़ित छात्र के पिता
डीपीएस रैगिंग प्रकरण में पुलिस और स्कूल प्रबंधन जांच कर रहा है। पुलिस की जांच में अगर रैगिंग का मामला आता है तो स्कूल प्रशासन के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा स्कूलों में एंटी रैगिंग कमेटी के बारे में भी जानकारी ली जा रही है कि किस स्कूल में बनी है और किस में नहीं। - बच्चू सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट