दादरी में हुई मुठभेड़ में दरोगा की मौत का मामला: सबसे पहले जावेद ने चलाई थी पुलिस पर गोली
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दरोगा अख्तर खान की हत्या के आरोप में गिरफ्तार फुरकान ने पूछताछ में बताया है कि 24 अप्रैल को जावेद, गुलफाम उर्फ तोता, चांद और इरशाद उर्फ कालिया देर रात उसके घर आए थे। सभी के पास हथियार मौजूद थे।
रात को सभी ने पार्टी की थी। 25 अप्रैल की सुबह पुलिस ने जब दबिश दी तो सभी जाग रहे थे। घर का दरवाजा खुला था। सभी पीछे कमरे में बैठे पत्ते खेल रहे थे। अख्तर खान सहित अन्य पुलिसकर्मियों के अंदर घुसते ही जावेद ने दीवार की आड़ में उन पर गोलियां चला दीं।
गोली की आवाज सुनते ही तीनों बाहर कमरे में आ गए और पुलिस पर गोलियां बरसा दीं। इसके बाद सभी सीढ़ी से छत पर चढ़कर फरार हो गए। फुरकान की पत्नी अनमोल और साला औरंगजेब भी छत के रास्ते भागने में कामयाब हो गए।
औरंगजेब की आंख के पास लगी थी गोली
फॉरेंसिक जांच में पता चलेगा किसकी गोली एसआई को लगी
एसएसपी किरण एस ने बताया कि पूछताछ में फुरकान ने भी गोलियां चलाने की बात स्वीकार की है। हालांकि, अफरातफरी के माहौल में पता नहीं लगा कि किसकी गोली अख्तर खान को लगी। फॉरेंसिक जांच और जावेद की गिरफ्तारी के बाद ही पता लगेगा कि किसके तमंचे से चली गोली एसआई को लगी।
नई आबादी में रहने वाले सभी बदमाश फरार
दरोगा की हत्या के बाद से नई आबादी में रहने वाले सभी बदमाश फरार हैं। पुलिस सभी बदमाशों और उन्हें शरण देने वालों की सूची तैयार कर ली है। वहीं, घटनास्थल वाली गली में सन्नाटा पसरा है। इक्का-दुक्का लोग ही गली में दिखाई देते हैं।
गली में पहले सारा दिन लोगों का आना जाना रहता था। पुलिस से बात करने से भी लोग परहेज कर रहे हैं। उन्हें डर है कि कहीं जावेद या उसके साथियों को पुलिस को जानकारी देने का खामियाजा न भुगतना पडे़।
अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में पहले ही कर दिया था खुलासा
दरोगा अख्तर खान के हत्यारोपी फुरकान को दादरी पुलिस ने चिटहेरा नहर के नजदीक अंडरपास बाईपास रोड से गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस ने इसके पास से हत्या में इस्तेमाल 315 बोर का तमंचा और तीन कारतूस बरामद किए हैं। मालूम हो कि अमर उजाला ने फुरकान के पुलिस के कब्जे में होने का खुलासा शुक्रवार के अंक में ही कर दिया था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दादरी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कालरा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बृहस्पतिवार को फुरकान को गिरफ्तार किया। घटना के बाद आरोपी की गिरफ्तारी पर पचास हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
फुरकान पुत्र सगीर निवासी नई आबादी के घर पर ही दबिश के दौरान जावेद और उसके साथियों ने पुलिस पर गोलियां चलाई थीं। शुक्रवार दोपहर फुरकान को न्यायालय में पेश किया गया जहां से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
आरोपी को पकड़ने वाली टीम में दरोगा गजेंद्र सिंह, दरोगा कमल शंकर त्रिवेदी, कॉस्टेबल सहदेव, प्रवेंद्र, जाहिर हुसैन, जितेंद्र कुमार भी शामिल थे।
तीन आपराधिक मामले पहले से दर्ज
फुरकान पर दादरी कोतवाली में तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें 2013 में लूटपाट करने, 25 अप्रैल 2016 को पुलिस मुठभेड़ के दौरान दरोगा की हत्या करने और गिरफ्तारी के दौरान अवैध हथियार बरामद होने के मामले दर्ज हैं।