{"_id":"5c154199bdec225b565de9ce","slug":"154489695919-ashram-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस की सही जांच से आरोपियों को फांसी की सजा मिली","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पुलिस की सही जांच से आरोपियों को फांसी की सजा मिली
Updated Sat, 15 Dec 2018 11:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निर्भया बरसी
‘सही जांच से आरोपियों को
सुनाई गई फांसी की सजा’
पुलिस की जांच की अदालत ने भी सराहना की : छाया शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। निर्भया कांड के दोषियों को दिल्ली पुलिस की सही जांच से ही फांसी की सुनाई गई थी। हर कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की जांच की सराहना की है। यह कहना है निर्भया कांड की जांच के लिए बनी एसआईटी की हैड और तत्कालीन डीसीपी छाया शर्मा का।
गौरतलब है कि निर्भया कांड की जांच लिए तत्कालीन डीसीपी छाया शर्मा की देख-रेख में 16 सदस्यीय एसआईटी बनाई गई थी। इसने सभी दरिंदों को जल्द ही पकड़ लिया। छाया शर्मा का कहना है कि पुलिस अफसर के लिए सबसे बड़ी बात यह होती है कि उसकी जांच की तारीफ की जाए। इससे पुलिस अफसरों का हौसला बढ़ा है। एसआईटी में शामिल सभी 16 सदस्यों ने सराहनीय भूमिका निभाई थी।
एसआईटी सदस्य और इस समय द्वारका सब-डिवीजन के एसीपी राजेंद्र सिंह ने बताया कि निर्भया कांड के छह साल बाद भी उस घटनाक्रम को याद कर शरीर में सिहरन पैदा हो जाती है। वह बहुत ही दर्दनाक घटना थी। पुलिस अब दोषियों के उनके अंजाम तक पहुंचने का इंतजार कर रही है। मामले के जांच अधिकारी और इस समय कीर्तिनगर थानाध्यक्ष अनिल शर्मा का कहना है कि उन्हेें इस बात की संतुष्टि है कि उनकी जांच के चलते दोषी को सजा सुनाई गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
‘सही जांच से आरोपियों को
सुनाई गई फांसी की सजा’
पुलिस की जांच की अदालत ने भी सराहना की : छाया शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। निर्भया कांड के दोषियों को दिल्ली पुलिस की सही जांच से ही फांसी की सुनाई गई थी। हर कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की जांच की सराहना की है। यह कहना है निर्भया कांड की जांच के लिए बनी एसआईटी की हैड और तत्कालीन डीसीपी छाया शर्मा का।
गौरतलब है कि निर्भया कांड की जांच लिए तत्कालीन डीसीपी छाया शर्मा की देख-रेख में 16 सदस्यीय एसआईटी बनाई गई थी। इसने सभी दरिंदों को जल्द ही पकड़ लिया। छाया शर्मा का कहना है कि पुलिस अफसर के लिए सबसे बड़ी बात यह होती है कि उसकी जांच की तारीफ की जाए। इससे पुलिस अफसरों का हौसला बढ़ा है। एसआईटी में शामिल सभी 16 सदस्यों ने सराहनीय भूमिका निभाई थी।
विज्ञापन
एसआईटी सदस्य और इस समय द्वारका सब-डिवीजन के एसीपी राजेंद्र सिंह ने बताया कि निर्भया कांड के छह साल बाद भी उस घटनाक्रम को याद कर शरीर में सिहरन पैदा हो जाती है। वह बहुत ही दर्दनाक घटना थी। पुलिस अब दोषियों के उनके अंजाम तक पहुंचने का इंतजार कर रही है। मामले के जांच अधिकारी और इस समय कीर्तिनगर थानाध्यक्ष अनिल शर्मा का कहना है कि उन्हेें इस बात की संतुष्टि है कि उनकी जांच के चलते दोषी को सजा सुनाई गई।
विज्ञापन