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रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर दो युवकों से लाखों की ठगी
Updated Sat, 08 Dec 2018 12:11 AM IST
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उत्तराखंड के अल्मोड़ा के ध्यानार्थ
रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर दो युवकों से ठगी
पीड़ितों की शिकायत पर थाने में मामला दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। बिंदापुर इलाके मेें रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर दो युवकों से लाखों की ठगी की गई। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, मूलरूप से अल्मोड़ा (उत्तराखंड) के डुगरा गांव निवासी कैलाश चंद्र इस साल मार्च में अपने दोस्त गांव कलिटया (अल्मोड़ा) निवासी रवि प्रकाश के साथ दिल्ली में नौकरी की तलाश में आया। दोनों उत्तम नगर के विश्वास पार्क निवासी अपने परिचित गोविंद सिंह के घर पहुंचे। नौकरी की बातचीत करने पर गोविंद सिंह ने उन्हें अपने पड़ोसी संजय कुमार से मिलवाया। संजय ने उनका मूल प्रमाणपत्र रख लिया और रेलवे में नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया।
संजय ने बताया कि उन्हें नौकरी पाने के लिए पांच-पांच लाख रुपये देने होंगे। कैलाश और उसके दोस्त ने व्यवस्था कर एक-एक लाख रुपये संजय को दे दिए। संजय ने बताया कि बाकी की रकम मिलने के बाद ही उन्हें कॉल लेटर मिलेगा। संजय ने दोनों को अपना और पत्नी का बैंक अकाउंट नंबर दे दिया। कैलाश ने संजय के खाते में 1.90 लाख डलवा दिए। कैलाश के मुताबिक, रुपये मिलने के बाद संजय नौकरी लगवाने में आनाकानी करने लगा।
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रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर दो युवकों से ठगी
पीड़ितों की शिकायत पर थाने में मामला दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। बिंदापुर इलाके मेें रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर दो युवकों से लाखों की ठगी की गई। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, मूलरूप से अल्मोड़ा (उत्तराखंड) के डुगरा गांव निवासी कैलाश चंद्र इस साल मार्च में अपने दोस्त गांव कलिटया (अल्मोड़ा) निवासी रवि प्रकाश के साथ दिल्ली में नौकरी की तलाश में आया। दोनों उत्तम नगर के विश्वास पार्क निवासी अपने परिचित गोविंद सिंह के घर पहुंचे। नौकरी की बातचीत करने पर गोविंद सिंह ने उन्हें अपने पड़ोसी संजय कुमार से मिलवाया। संजय ने उनका मूल प्रमाणपत्र रख लिया और रेलवे में नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया।
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संजय ने बताया कि उन्हें नौकरी पाने के लिए पांच-पांच लाख रुपये देने होंगे। कैलाश और उसके दोस्त ने व्यवस्था कर एक-एक लाख रुपये संजय को दे दिए। संजय ने बताया कि बाकी की रकम मिलने के बाद ही उन्हें कॉल लेटर मिलेगा। संजय ने दोनों को अपना और पत्नी का बैंक अकाउंट नंबर दे दिया। कैलाश ने संजय के खाते में 1.90 लाख डलवा दिए। कैलाश के मुताबिक, रुपये मिलने के बाद संजय नौकरी लगवाने में आनाकानी करने लगा।
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