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ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क लिमिटेड के निदेशकों पर फर्जीबाड़ा का मामला दर्र्ज

Fri, 07 Dec 2018 11:59 PM IST
Updated Fri, 07 Dec 2018 11:59 PM IST
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ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क लिमिटेड के निदेशकों पर फर्जीबाड़ा का मामला दर्र्ज

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ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क के निदेशकों
पर फर्जीवाडे़ का मामला दर्ज
- कंपनी पर 70 करोड़ रुपये के गबन का आरोप लगाया
- एनसो इंफ्रास्ट्रक्चर(पी) के निदेशक की शिकायत पर दर्ज हुआ केस
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने मेसर्स आईएल एंड एफएस ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क लिमिटेड के निदेशकों के खिलाफ फर्जीवाड़े का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने यह मामला मेसर्स एनसो इंफ्रास्ट्रक्चर(पी) लिमिटेड के निदेशक आशीष बेगवानी की शिकायत पर दर्ज की है। आरोप है कि कंपनी ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर बही खाते में फायदा कम दिखाया और कुछ कंपनियों को खर्च के नाम पर करोड़ों का भुगतान दिखाया गया, जबकि वास्तविक तौर पर उन कंपनियों को भुगतान नहीं किया गया था।
शाखा की पुलिस उपायुक्त वर्षा शर्मा ने बताया कि शिकायतकर्ता ने शिकायत में आरोप लगाया है कि वर्ष 2010 में मेसर्स आईएल एंड एफएस ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क लिमिटेड के तीन निदेशक रवि पार्थसारथी, हरि शंकरन और के रामचंद ने उनसे मुलाकात की थी, जिसके बाद उन्हे व्यापार में अच्छा मुनाफा देने का वादा किया। उनसे गुरुग्राम मेट्रो परियोजना के लिए विशेष प्रयोजन वाहन(एसपीवी) के लिए बात की गई। साथ ही इस प्रोजेक्ट में 15 फीसदी हिस्सेदारी का वादा किया गया था। आशीष ने उनके झांसे में आकर कंपनी में 170 करोड़ रुपये निवेश कर दिए। कुछ समय बाद शिकायतकर्ता को एहसास हुआ कि निदेशकों ने उसके साथ धोखा किया है। कंपनी आशीष को मुनाफा नहीं दे रही थी और निवेश किए गए 170 करोड़ रुपये को भी गलत तरीके से इस्तेमाल कर रही थी।
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शिकायतकर्ता ने बताया कि वर्ष 2015 में मेसर्स आईएल एंड एफएस रेल लिमिटेड के खिलाफ इनकम टैक्स विभाग ने डिमांड नोटिस जारी किया। इनकम टैक्स विभाग ने कंपनी के मूल्यांकन की बात कहीं, क्योंकि कंपनी ने मेसर्स सिल्वर प्वाइंट इंफ्राटेक लिमिटेड को फर्जी अनुबंध आदेश दिया था। सिल्वर प्वाइंट की तरफ से जिस इनवॉयस का जिक्र किया गया, वह फर्जी और छेड़छाड़ वाला था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसके फंड से 70 करोड़ रुपये का गबन किया है। शाखा के पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
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