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एक महीने तैयार होगी डीएनए सेंपलिंग रिपोर्ट
Updated Mon, 27 Aug 2018 09:16 PM IST
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एक महीने में तैयार होगी
डीएनए सेंपलिंग रिपोर्ट
- दिल्ली एफएसएल ने जांच रिपोर्ट तैयार करने का समय किया कम
- महिलाओं व बच्चाें के खिलाफ होने वाले अपराधों में जल्द मिल सकेगा न्याय
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामलों व महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की जांच के लिए डीएनए सेंपलिग रिपोर्ट अब एक महीने के भीतर तैयार होगी। दिल्ली की फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) को जांच रिपोर्ट कम समय में तैयार करने में कामयाबी मिली है। अधिकारियों का मानना है कि डीएनए जांच रिपोर्ट एक महीने में तैयार होने से पीड़ित बच्चों व महिलाओं को जल्द इंसाफ दिलाने में मदद मिलेगी।
बीते दिनों दिल्ली सरकार के गृह मंत्री सत्येंद्र जैन ने एफएसएल को निर्देश दिया था कि वह तयशुदा समय में डीएनए रिपोर्ट तैयार करें। वहीं, लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने को कहा था। गृहमंत्री का निर्देश था कि एक महीने के भीतर रिपोर्ट तैयार होनी चाहिए। इससे पीड़ितों को जल्द इंसाफ दिलाने में मदद मिलेगी। वहीं, पहले दो से तीन महीने या इससे भी अधिक समय लगता था।
एफएसएल के आला अधिकारियों ने समीक्षा बैठक में मंत्री सत्येंद्र जैन को बताया था कि लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटाया किया जा रहा है। वहीं, महिलाओं व बच्चों से जुड़े आपराधिक मामलों की डीएनए सेंपल रिपोर्ट एक महीने के भीतर तैयार की जा रही है। एफएसएल की योजना है कि हर साल एक हजार मामलों की जांच पूरी कर ली जाए। इसके लिए एक प्रस्ताव तैयार कर केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा गया है।
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सत्येंद्र जैन ने जोर देकर कहा कि सरकार महिलाओं व बच्चों के खिलाफ होने वाले आपराधिक मामलों में बेहद संवेदनशील है। पीड़ितों को इंसाफ दिलाने के लिए सरकार हर स्तर पर जांच एजेंसियों की मदद करेगी।
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डीएनए सेंपलिंग रिपोर्ट
- दिल्ली एफएसएल ने जांच रिपोर्ट तैयार करने का समय किया कम
- महिलाओं व बच्चाें के खिलाफ होने वाले अपराधों में जल्द मिल सकेगा न्याय
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामलों व महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की जांच के लिए डीएनए सेंपलिग रिपोर्ट अब एक महीने के भीतर तैयार होगी। दिल्ली की फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) को जांच रिपोर्ट कम समय में तैयार करने में कामयाबी मिली है। अधिकारियों का मानना है कि डीएनए जांच रिपोर्ट एक महीने में तैयार होने से पीड़ित बच्चों व महिलाओं को जल्द इंसाफ दिलाने में मदद मिलेगी।
बीते दिनों दिल्ली सरकार के गृह मंत्री सत्येंद्र जैन ने एफएसएल को निर्देश दिया था कि वह तयशुदा समय में डीएनए रिपोर्ट तैयार करें। वहीं, लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने को कहा था। गृहमंत्री का निर्देश था कि एक महीने के भीतर रिपोर्ट तैयार होनी चाहिए। इससे पीड़ितों को जल्द इंसाफ दिलाने में मदद मिलेगी। वहीं, पहले दो से तीन महीने या इससे भी अधिक समय लगता था।
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एफएसएल के आला अधिकारियों ने समीक्षा बैठक में मंत्री सत्येंद्र जैन को बताया था कि लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटाया किया जा रहा है। वहीं, महिलाओं व बच्चों से जुड़े आपराधिक मामलों की डीएनए सेंपल रिपोर्ट एक महीने के भीतर तैयार की जा रही है। एफएसएल की योजना है कि हर साल एक हजार मामलों की जांच पूरी कर ली जाए। इसके लिए एक प्रस्ताव तैयार कर केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा गया है।
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सत्येंद्र जैन ने जोर देकर कहा कि सरकार महिलाओं व बच्चों के खिलाफ होने वाले आपराधिक मामलों में बेहद संवेदनशील है। पीड़ितों को इंसाफ दिलाने के लिए सरकार हर स्तर पर जांच एजेंसियों की मदद करेगी।