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पत्नी ने ही कराई थी ग्रेनो वेस्ट में मैनेजर की हत्या
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अवैध संबंधों में पत्नी ने कराई थी मैनेजर की हत्या
ग्रेटर नोएडा। गौड़ सिटी-2 स्थित गैलेक्सी नार्थ एवेन्यू सोसायटी निवासी व मल्टीनेशनल कंपनी में मैनेजर रूपेंद्र की हत्या अवैध संबंधों के कारण पत्नी अमृता ने कराई थी। पत्नी ने रूपेंद्र की मौसी के दामाद ओमवीर से मिलकर वारदात अंजाम दी थी। ओमवीर ने सोसाइटी के सीसीटीवी कैमरों का संचालन करने वाले गार्ड व एक अन्य को साजिश में शामिल किया था। बिसरख पुलिस ने बुधवार को ओमवीर, गार्ड व अन्य आरोपी को तिगरी गोलचक्कर से गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से हत्या में प्रयुक्त .32 बोर की पिस्टल व चार कारतूस बरामद किए गए हैं। अब पुलिस रूपेंद्र की पत्नी की गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण ने सूरजपुर स्थित कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि मूलरूप से महोबा निवासी रूपेंद्र सिंह चंदेल सोसाइटी के ए ब्लॉक में पत्नी और पांच वर्ष के बेटे के साथ रहते थे। रूपेंद्र की मौसी की बेटी की शादी डेढ़ माह पूर्व इसी सोसाइटी के ई ब्लॉक निवासी ओमवीर के साथ हुई थी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि रूपेंद्र का पत्नी के साथ काफी समय से मनमुटाव चल रहा था। यह बात ओमवीर जानता था। इस बीच रूपेंद्र की पत्नी और ओमवीर के बीच संबंध बन गए। रूपेंद्र की पत्नी तलाक चाहती थी, लेकिन पति और मायके पक्ष के विरोध के कारण वह तलाक नहीं ले पाई। इसके बाद दोनों ने रूपेंद्र की हत्या की साजिश रची। ओमवीर ने साजिश में सोसाइटी के सीसीटीवी का संचालन करने वाले फतेहपुर निवासी गार्ड सुमित और ग्राम बलीपुर बुलंदशहर निवासी भूले को शामिल कर लिया। महिला ने कुछ दिन पहले छह लाख रुपये की ज्वैलरी खरीदी थी। महिला ने सुमित और भूले को जेवर बेचकर तीन लाख रुपये देने का वादा किया था।
गार्ड ने मारी थी रूपेंद्र को गोली
28 अप्रैल की रात रूपेंद्र आठ बजे अपनी फोर्ड फिगो कार से गाजियाबाद में कुछ दिन पहले ली गई ज्वैलरी का बिल बनवाने के लिए सोसाइटी के गेट के बाहर निकले थे। कुछ दूरी पर ओमवीर, गार्ड सुमित व भूले ने हाथ देकर उन्हें रोक लिया और कार में सवार हो गए। थोड़ा आगे जाकर तीनों ने गाड़ी रुकवाई और सुमित ने पिस्टल से गोली चला दी, लेकिन गोली रूपेंद्र को नहीं लगी। इसके बाद सुमित ने रूपेंद्र के कान के पीछे सटाकर गोली मार दी। आरोपियों ने रूपेंद्र को पीछे की सीट पर डाला और एग्जोटिका ड्रीम विले सोसाइटी के पास गाड़ी छोड़कर फरार हो गए।
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सीसीटीवी फुटेज से हुआ झूठ का खुलासा
हत्या के दिन रूपेंद्र की पत्नी ने ज्वैलरी लूट की शंका जाहिर की थी, जबकि सीसीटीवी फुटेज में रूपेंद्र खाली हाथ फ्लैट से निकलते हुए साधारण लोअर में घर से बाहर निकलते दिखाई दिए। वहीं, घटना वाले दिन भी पत्नी बिना किसी शिकायत के वापस घर चली आई थी। इस पर पुलिस को पत्नी पर शक गया। वहीं, सुमित ने घटना वाले दिन का सीसीटीवी फुटेज डिलीट करने का प्रयास किया था, लेकिन नहीं कर पाया था।
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ग्रेटर नोएडा। गौड़ सिटी-2 स्थित गैलेक्सी नार्थ एवेन्यू सोसायटी निवासी व मल्टीनेशनल कंपनी में मैनेजर रूपेंद्र की हत्या अवैध संबंधों के कारण पत्नी अमृता ने कराई थी। पत्नी ने रूपेंद्र की मौसी के दामाद ओमवीर से मिलकर वारदात अंजाम दी थी। ओमवीर ने सोसाइटी के सीसीटीवी कैमरों का संचालन करने वाले गार्ड व एक अन्य को साजिश में शामिल किया था। बिसरख पुलिस ने बुधवार को ओमवीर, गार्ड व अन्य आरोपी को तिगरी गोलचक्कर से गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से हत्या में प्रयुक्त .32 बोर की पिस्टल व चार कारतूस बरामद किए गए हैं। अब पुलिस रूपेंद्र की पत्नी की गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण ने सूरजपुर स्थित कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि मूलरूप से महोबा निवासी रूपेंद्र सिंह चंदेल सोसाइटी के ए ब्लॉक में पत्नी और पांच वर्ष के बेटे के साथ रहते थे। रूपेंद्र की मौसी की बेटी की शादी डेढ़ माह पूर्व इसी सोसाइटी के ई ब्लॉक निवासी ओमवीर के साथ हुई थी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि रूपेंद्र का पत्नी के साथ काफी समय से मनमुटाव चल रहा था। यह बात ओमवीर जानता था। इस बीच रूपेंद्र की पत्नी और ओमवीर के बीच संबंध बन गए। रूपेंद्र की पत्नी तलाक चाहती थी, लेकिन पति और मायके पक्ष के विरोध के कारण वह तलाक नहीं ले पाई। इसके बाद दोनों ने रूपेंद्र की हत्या की साजिश रची। ओमवीर ने साजिश में सोसाइटी के सीसीटीवी का संचालन करने वाले फतेहपुर निवासी गार्ड सुमित और ग्राम बलीपुर बुलंदशहर निवासी भूले को शामिल कर लिया। महिला ने कुछ दिन पहले छह लाख रुपये की ज्वैलरी खरीदी थी। महिला ने सुमित और भूले को जेवर बेचकर तीन लाख रुपये देने का वादा किया था।
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गार्ड ने मारी थी रूपेंद्र को गोली
28 अप्रैल की रात रूपेंद्र आठ बजे अपनी फोर्ड फिगो कार से गाजियाबाद में कुछ दिन पहले ली गई ज्वैलरी का बिल बनवाने के लिए सोसाइटी के गेट के बाहर निकले थे। कुछ दूरी पर ओमवीर, गार्ड सुमित व भूले ने हाथ देकर उन्हें रोक लिया और कार में सवार हो गए। थोड़ा आगे जाकर तीनों ने गाड़ी रुकवाई और सुमित ने पिस्टल से गोली चला दी, लेकिन गोली रूपेंद्र को नहीं लगी। इसके बाद सुमित ने रूपेंद्र के कान के पीछे सटाकर गोली मार दी। आरोपियों ने रूपेंद्र को पीछे की सीट पर डाला और एग्जोटिका ड्रीम विले सोसाइटी के पास गाड़ी छोड़कर फरार हो गए।
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सीसीटीवी फुटेज से हुआ झूठ का खुलासा
हत्या के दिन रूपेंद्र की पत्नी ने ज्वैलरी लूट की शंका जाहिर की थी, जबकि सीसीटीवी फुटेज में रूपेंद्र खाली हाथ फ्लैट से निकलते हुए साधारण लोअर में घर से बाहर निकलते दिखाई दिए। वहीं, घटना वाले दिन भी पत्नी बिना किसी शिकायत के वापस घर चली आई थी। इस पर पुलिस को पत्नी पर शक गया। वहीं, सुमित ने घटना वाले दिन का सीसीटीवी फुटेज डिलीट करने का प्रयास किया था, लेकिन नहीं कर पाया था।