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बाल सुधार गृह से किशोर भागे
Updated Mon, 17 Sep 2018 11:37 PM IST
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बाल सुधार गृह से तीन किशोर फरार
बाथरूम का रोशनदान उखाड़कर भागे, दो पुलिस के हाथ लगे
- पुलिस ने सुधार गृह के कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। फेज टू स्थित बाल सुधार गृह से तीन किशोर बाथरूम का रोशनदान उखाड़कर भाग गए। शनिवार दोपहर से गृह के अधिकारी व कर्मचारी मामले को छिपाते रहे। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने दो किशोरों को जेवर इलाके से पकड़ लिया। एक किशोर का अब तक पता नहीं चला है। कोतवाली फेज टू में बाल सुधार गृह के दो केयरटेकर के खिलाफ लापरवाही का केस दर्ज किया गया है।
फेज टू स्थित बाल सुधार गृह में जेवर क्षेत्र के दो किशोर और बिसरख क्षेत्र का एक किशोर पॉक्सो एक्ट में बंद थे। तीनों किशोरों पर रेप का आरोप है। शनिवार सुबह तीनों किशोर दूसरी मंजिल पर बने गृह के बाथरूम में गए थे। वहां टूटे हुए रोशनदान को उखाड़कर तीनों किशोर टॉयलेट के पाइप को पकड़कर नीचे उतरकर भाग गए। किशोरों के गायब होने की सूचना मिलते ही गृह में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान प्रबंधकों ने न तो पुलिस और न ही जिला प्रशासन के अधिकारियों को सूचना दी। किशोरों की तलाश के लिए गृह के कर्मचारी ही इधर-उधर दौड़ते रहे। बाद में पुलिस को सूचना मिली तो सोमवार को जेवर से दोनों किशोरों को बरामद कर लिया। वहीं बिसरख क्षेत्र के तिगरी गांव का रहने वाला किशोर अब तक नहीं मिला है।
इस मामले में कोतवाली फेज टू में गृह के केयर टेकर रामशृंगार यादव और राजेंद्र कुमार के खिलाफ लापरवाही बरतने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एसएसपी डॉ. अजयपाल शर्मा ने बताया कि फरार किशोर की तलाश के लिए पुलिस उसके परिजनों और दोस्तों से संपर्क कर रही है।
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पहले भी मिली थी लापरवाही
फेज टू के बाल सुधार गृह में पहले भी लापरवाही सामने आती रही है। कभी खाना खराब होने, कभी गंदगी होने तो कभी किसी अन्य मामले की शिकायत मिलती रही है। यहां रहने वाले बच्चों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं करने से लेकर खाने-पीने में कटौती करने तक की बात सामने आई है। इन मामलों की भी जांच जिला प्रशासन स्तर पर की जा रही है।
मंत्री ने भी पकड़ी थी लापरवाही
प्रदेश की कैबिनेट मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने भी दिसंबर 2017 में नोएडा के बाल सुधार गृह का औचक निरीक्षण किया था। इसमें तमाम तरह की खामियां मिली थीं। बच्चों को व्यवस्थित तरीके से मानक के मुताबिक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही थीं। मंत्री ने तत्कालीन अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई थी और व्यवस्था सुधारने केनिर्देश दिए थे। इसके बाद भी स्थिति नहीं सुधरी और बाथरूम के टूटे रोशनदान से कूदकर बच्चे भाग गए।
एनएचआरसी से भी मिला था नोटिस
इस बाल सुधार गृह में बंद एक किशोर की मौत हो गई थी। पिछले वर्ष बंदी किशोर की तबीयत खराब हुई थी। परिजनों का आरोप था कि बच्चे का समय पर समुचित रूप से इलाज नहीं कराया गया। इस कारण उसकी मौत हो गई। इसके बाद इस मामले में मानवाधिकार आयोग से भी नोटिस दिया गया था।
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बाथरूम का रोशनदान उखाड़कर भागे, दो पुलिस के हाथ लगे
- पुलिस ने सुधार गृह के कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। फेज टू स्थित बाल सुधार गृह से तीन किशोर बाथरूम का रोशनदान उखाड़कर भाग गए। शनिवार दोपहर से गृह के अधिकारी व कर्मचारी मामले को छिपाते रहे। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने दो किशोरों को जेवर इलाके से पकड़ लिया। एक किशोर का अब तक पता नहीं चला है। कोतवाली फेज टू में बाल सुधार गृह के दो केयरटेकर के खिलाफ लापरवाही का केस दर्ज किया गया है।
फेज टू स्थित बाल सुधार गृह में जेवर क्षेत्र के दो किशोर और बिसरख क्षेत्र का एक किशोर पॉक्सो एक्ट में बंद थे। तीनों किशोरों पर रेप का आरोप है। शनिवार सुबह तीनों किशोर दूसरी मंजिल पर बने गृह के बाथरूम में गए थे। वहां टूटे हुए रोशनदान को उखाड़कर तीनों किशोर टॉयलेट के पाइप को पकड़कर नीचे उतरकर भाग गए। किशोरों के गायब होने की सूचना मिलते ही गृह में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान प्रबंधकों ने न तो पुलिस और न ही जिला प्रशासन के अधिकारियों को सूचना दी। किशोरों की तलाश के लिए गृह के कर्मचारी ही इधर-उधर दौड़ते रहे। बाद में पुलिस को सूचना मिली तो सोमवार को जेवर से दोनों किशोरों को बरामद कर लिया। वहीं बिसरख क्षेत्र के तिगरी गांव का रहने वाला किशोर अब तक नहीं मिला है।
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इस मामले में कोतवाली फेज टू में गृह के केयर टेकर रामशृंगार यादव और राजेंद्र कुमार के खिलाफ लापरवाही बरतने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एसएसपी डॉ. अजयपाल शर्मा ने बताया कि फरार किशोर की तलाश के लिए पुलिस उसके परिजनों और दोस्तों से संपर्क कर रही है।
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पहले भी मिली थी लापरवाही
फेज टू के बाल सुधार गृह में पहले भी लापरवाही सामने आती रही है। कभी खाना खराब होने, कभी गंदगी होने तो कभी किसी अन्य मामले की शिकायत मिलती रही है। यहां रहने वाले बच्चों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं करने से लेकर खाने-पीने में कटौती करने तक की बात सामने आई है। इन मामलों की भी जांच जिला प्रशासन स्तर पर की जा रही है।
मंत्री ने भी पकड़ी थी लापरवाही
प्रदेश की कैबिनेट मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने भी दिसंबर 2017 में नोएडा के बाल सुधार गृह का औचक निरीक्षण किया था। इसमें तमाम तरह की खामियां मिली थीं। बच्चों को व्यवस्थित तरीके से मानक के मुताबिक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही थीं। मंत्री ने तत्कालीन अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई थी और व्यवस्था सुधारने केनिर्देश दिए थे। इसके बाद भी स्थिति नहीं सुधरी और बाथरूम के टूटे रोशनदान से कूदकर बच्चे भाग गए।
एनएचआरसी से भी मिला था नोटिस
इस बाल सुधार गृह में बंद एक किशोर की मौत हो गई थी। पिछले वर्ष बंदी किशोर की तबीयत खराब हुई थी। परिजनों का आरोप था कि बच्चे का समय पर समुचित रूप से इलाज नहीं कराया गया। इस कारण उसकी मौत हो गई। इसके बाद इस मामले में मानवाधिकार आयोग से भी नोटिस दिया गया था।