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एटीएम में नोट भरने के दौरान 1.17 करोड़ निकालने का मामला, 13 कर्मियों से हुई पूछताछ
ब्यूरो, अमर उजाला, नोएडा
Updated Sat, 01 Sep 2018 11:13 PM IST
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एटीएम बूथ
- फोटो : amar ujala
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एटीएम में कैश डालने के दौरान पैसे निकालने के मामले में शनिवार को पुलिस ने कैश डालने वाली कंपनी के कई कर्मचारियों को हिरासत में लिया है। जबकि 13 कर्मियों से थाने बुलाकर पूछताछ की है। प्राथमिक जांच के दौरान संदेह के घेरे में आए कंपनी के एचआर अधिकारियों और कुछ बैंक अधिकारियों से भी जल्द पूछताछ हो सकती है। पुलिस अधिकारी लॉजीकैश कंपनी के मुंबई निवासी मालिक से संपर्क साधने का प्रयास कर रही है।
सीओ द्वितीय राजीव कुमार ने बताया कि लॉजीकैश सॉल्यूशन कंपनी का ऑफिस दिल्ली में है। कंपनी की ओर से हायर की गई सिक्योरिटी कंपनी के अधिकारी अजीत सिंह ने तीन कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट के मुताबिक फरीदाबाद के पल्ला स्थित अमर नगर निवासी राजन भारद्वाज, दिल्ली के कालका निवासी शंकर झा और अलीगढ़ के टप्पल स्थित जैदपुरा निवासी अजीत एटीएम में कैश डालने का काम करते थे।
तीनों ने जुलाई और अगस्त में एनसीआर के अलग शहरों में लगी 11 एटीएम मशीन से 1.17 लाख रुपये निकाले थे। इनमें नोएडा का सेक्टर-11 स्थित एक एटीएम से भी पैसे निकाले गए थे। कंपनी की ओर से जिस सिक्योरिटी एजेंसी को हायर किया गया है। उसका कार्यालय भी सेक्टर-11 में है।
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सीओ ने बताया कि कंपनी के कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया है। इसके अलावा 13 लोगों को थाने बुलाकर पूछताछ की गई। इस पूरे मामले में जांच की जिम्मेदारी इंस्पेक्टर पंकज पंत को दी गई है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
ऑडिट के बाद भी बैंक कर्मियों ने नहीं लिया संज्ञान
प्राथमिक जांच में लॉजीकैश कंपनी के एचआर विभाग और कुछ बैंक अधिकारी भी संदेह के घेरे में आ गए हैं। पुलिस के मुताबिक कई माह तक रुपये निकाले जाते रहे लेकिन आडिट होने के बावजूद भी बैंक अधिकारियों ने इसका संज्ञान नहीं लिया गया। इससे देखते हुए मामले में बैंककर्मियों के लिप्त होने की आशंका जताई जा रही है।
दिल्ली और गुरुग्राम के एटीएम से सबसे ज्यादा निकाले पैसे
जुलाई और अगस्त में 11 एटीएम मशीन से 28 बार में पैसे निकाले गए। सीओ ने बताया कि इस रुपये निकालने के मामले में दिल्ली और गुरुग्राम के एटीएम को ज्यादा प्रयोग किया गया है। रुपये डालकर रसीद लेने के बाद तुरंत बाद एडमिन कार्ड से ही 9 लाख रुपये तक एक बार में निकालने की बात सामने आई है।
पुलिस को किसी ‘गुरू’ की तलाश
पुलिस फिलहाल यह मान कर चल रही है कि कर्मचारियों ने खुद यह काम नहीं किया होगा। इन कर्मियों का कोई तकनीकी गुरु होगा जिसे पूरे सिस्टम और उसके लूपहोल की जानकारी होगी। पुलिस इसी कॉल डिटेल से इसकी जानकारी जुटाने में लगी है।
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सीओ द्वितीय राजीव कुमार ने बताया कि लॉजीकैश सॉल्यूशन कंपनी का ऑफिस दिल्ली में है। कंपनी की ओर से हायर की गई सिक्योरिटी कंपनी के अधिकारी अजीत सिंह ने तीन कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट के मुताबिक फरीदाबाद के पल्ला स्थित अमर नगर निवासी राजन भारद्वाज, दिल्ली के कालका निवासी शंकर झा और अलीगढ़ के टप्पल स्थित जैदपुरा निवासी अजीत एटीएम में कैश डालने का काम करते थे।
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तीनों ने जुलाई और अगस्त में एनसीआर के अलग शहरों में लगी 11 एटीएम मशीन से 1.17 लाख रुपये निकाले थे। इनमें नोएडा का सेक्टर-11 स्थित एक एटीएम से भी पैसे निकाले गए थे। कंपनी की ओर से जिस सिक्योरिटी एजेंसी को हायर किया गया है। उसका कार्यालय भी सेक्टर-11 में है।
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सीओ ने बताया कि कंपनी के कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया है। इसके अलावा 13 लोगों को थाने बुलाकर पूछताछ की गई। इस पूरे मामले में जांच की जिम्मेदारी इंस्पेक्टर पंकज पंत को दी गई है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
ऑडिट के बाद भी बैंक कर्मियों ने नहीं लिया संज्ञान
प्राथमिक जांच में लॉजीकैश कंपनी के एचआर विभाग और कुछ बैंक अधिकारी भी संदेह के घेरे में आ गए हैं। पुलिस के मुताबिक कई माह तक रुपये निकाले जाते रहे लेकिन आडिट होने के बावजूद भी बैंक अधिकारियों ने इसका संज्ञान नहीं लिया गया। इससे देखते हुए मामले में बैंककर्मियों के लिप्त होने की आशंका जताई जा रही है।
दिल्ली और गुरुग्राम के एटीएम से सबसे ज्यादा निकाले पैसे
जुलाई और अगस्त में 11 एटीएम मशीन से 28 बार में पैसे निकाले गए। सीओ ने बताया कि इस रुपये निकालने के मामले में दिल्ली और गुरुग्राम के एटीएम को ज्यादा प्रयोग किया गया है। रुपये डालकर रसीद लेने के बाद तुरंत बाद एडमिन कार्ड से ही 9 लाख रुपये तक एक बार में निकालने की बात सामने आई है।
पुलिस को किसी ‘गुरू’ की तलाश
पुलिस फिलहाल यह मान कर चल रही है कि कर्मचारियों ने खुद यह काम नहीं किया होगा। इन कर्मियों का कोई तकनीकी गुरु होगा जिसे पूरे सिस्टम और उसके लूपहोल की जानकारी होगी। पुलिस इसी कॉल डिटेल से इसकी जानकारी जुटाने में लगी है।