{"_id":"5ae079794f1c1b9f098b678d","slug":"101524660601-noida-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"8. टीके लगाने गई टीम के साथ गुमटबिहारी गांव में मारपीट","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
8. टीके लगाने गई टीम के साथ गुमटबिहारी गांव में मारपीट
Updated Wed, 25 Apr 2018 06:20 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बच्चों के टीके को नसबंदी टीका बताया, टीम को पीटा
नगीना।
भारत सरकार की ओर से मेवात क्षेत्र के गांवों में चलाए जा रहे खसरा और
रुबैला टीकाकरण अभियान को कुछ लोग फेल करने में लगे हैं। टीके लगाने वाली टीम के साथ बुधवार को गुमटबिहारी गांव में मारपीट का मामला
सामने आया। शिकायत मुख्याध्यापक, एएनएम, आशा वर्कर व अन्य ने नगीना
थाने में दी है। दारूलउलूम देवबंद ने देशभर के मुस्लिम बच्चों को
टीका लगवाने के लिए 26 मार्च को फतवा जारी किया था और हर हाल में एमआर
टीकाकरण कराने की बात कही थी।
शिकायत के अनुसार, बुधवार को एमआर
वैक्सीन के चरण के दौरान 4-5 बच्चों को टीके लगने शुरू हुए। आरोप है कि उसी दौरान ईशाक,
अकबरी, मुस्ताक, जमशेद, हसीना व अन्य लोग टीकाकरण बूथ पर आए और उक्त टीके को नसबंदी का टीका बताकर एमआर वैक्सीन का विरोध किया। टीम सदस्यों ने टीके लगाने
जारी रखे। आरोपी इस पर भड़क गए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग
की आशा वर्कर व महिला एवं बाल विकास की आंगनबाड़ी वर्कर के साथ गाली-गलौज
करनी शुरू कर दी। उनमें से दो औरतों और तीन पुरुषों ने
टीम सदस्यों के साथ मारपीट भी की। यही नहीं, खसरा और रुबैला की
वैक्सीन छीनकर फेंक दी। एएनएम व मुख्याध्यापक ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, तो उनके साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। घटना की सूचना मिलते ही डिप्टी सिविल
सर्जन ने डॉक्टरों की टीम भेजी। हालात को समझने के बाद मुख्याध्यापक,
एएनएम असमां बानो, आशा वर्कर परवीना, सीएचओ नवीन कुमार व मौके पर मौजूद
अन्य शिक्षक सुरेंद्र, रामबीर ने एक शिकायत नगीना थाना प्रभारी के नाम
दी। वहीं चिकित्सा अधिकारी के नाम भी एक पत्र भेजा गया है, जिस पर कार्रवाई करते हुए सिविल
सर्जन को लिखित में अवगत कराया गया है।
----
घटना के बारे में एएनएम ने बताया कि एक
ही परिवार के पांच सदस्यों ने हमारी दवाइयां व उपकरण फेंक दिए। हमारे
साथ मारपीट की व वहां मौजूद बच्चों को टीके नहीं लगाने दिए। डिप्टी सिविल
सर्जन डॉ. के.के. ने बताया कि नगीना थाने को शिकायत भेजी जा चुकी है।
कर्मचारियों के साथ मारपीट करने, दवाइयां फेंकने और अफवाह फैलाने का
मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है।
विज्ञापन
नगीना।
भारत सरकार की ओर से मेवात क्षेत्र के गांवों में चलाए जा रहे खसरा और
रुबैला टीकाकरण अभियान को कुछ लोग फेल करने में लगे हैं। टीके लगाने वाली टीम के साथ बुधवार को गुमटबिहारी गांव में मारपीट का मामला
सामने आया। शिकायत मुख्याध्यापक, एएनएम, आशा वर्कर व अन्य ने नगीना
थाने में दी है। दारूलउलूम देवबंद ने देशभर के मुस्लिम बच्चों को
टीका लगवाने के लिए 26 मार्च को फतवा जारी किया था और हर हाल में एमआर
टीकाकरण कराने की बात कही थी।
शिकायत के अनुसार, बुधवार को एमआर
वैक्सीन के चरण के दौरान 4-5 बच्चों को टीके लगने शुरू हुए। आरोप है कि उसी दौरान ईशाक,
अकबरी, मुस्ताक, जमशेद, हसीना व अन्य लोग टीकाकरण बूथ पर आए और उक्त टीके को नसबंदी का टीका बताकर एमआर वैक्सीन का विरोध किया। टीम सदस्यों ने टीके लगाने
जारी रखे। आरोपी इस पर भड़क गए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग
की आशा वर्कर व महिला एवं बाल विकास की आंगनबाड़ी वर्कर के साथ गाली-गलौज
करनी शुरू कर दी। उनमें से दो औरतों और तीन पुरुषों ने
टीम सदस्यों के साथ मारपीट भी की। यही नहीं, खसरा और रुबैला की
वैक्सीन छीनकर फेंक दी। एएनएम व मुख्याध्यापक ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, तो उनके साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। घटना की सूचना मिलते ही डिप्टी सिविल
सर्जन ने डॉक्टरों की टीम भेजी। हालात को समझने के बाद मुख्याध्यापक,
एएनएम असमां बानो, आशा वर्कर परवीना, सीएचओ नवीन कुमार व मौके पर मौजूद
अन्य शिक्षक सुरेंद्र, रामबीर ने एक शिकायत नगीना थाना प्रभारी के नाम
दी। वहीं चिकित्सा अधिकारी के नाम भी एक पत्र भेजा गया है, जिस पर कार्रवाई करते हुए सिविल
सर्जन को लिखित में अवगत कराया गया है।
----
घटना के बारे में एएनएम ने बताया कि एक
ही परिवार के पांच सदस्यों ने हमारी दवाइयां व उपकरण फेंक दिए। हमारे
साथ मारपीट की व वहां मौजूद बच्चों को टीके नहीं लगाने दिए। डिप्टी सिविल
सर्जन डॉ. के.के. ने बताया कि नगीना थाने को शिकायत भेजी जा चुकी है।
कर्मचारियों के साथ मारपीट करने, दवाइयां फेंकने और अफवाह फैलाने का
मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है।