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झोलाछाप डॉक्टर
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संवाद न्यूज एजेंसी।
तावडू। गांव धुलावट में झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से पांच साल के बच्चे का पैर खराब हो गया। पुलिस ने नामजद आरोपी झोलाछाप चिकित्सक के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। धुलावट निवासी पीड़ित हुसैनदीन ने तावडू थाने मेें शिकायत देकर बताया कि 5 माह पहले 5 वर्षीय पुत्र फाजिर बीमार हो गया था, जिसे वह गांव में स्थित इस्ताक क्लीनिक पर बुखार की दवाई दिलाने ले गया। जहां पर उसके पुत्र को एक इंजेक्शन लगाया गया। पीड़ित का आरोप है कि इंजेक्शन लगने के कुछ देर बाद बच्चे के पैर की नस ब्लॉक हो गई। कुछ दिन के अंतराल पर ही बच्चे का एक पैर लकवा से ग्रस्त हो गया। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी के पास डॉक्टर से संबंधित कोई डिग्री डिप्लोमा नहीं है। वह झोलाछाप डॉक्टर है, उसने पीड़ित के बेटे की जिंदगी खराब कर दी है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर आरोपी झोलाछाप डॉक्टर इसताक पुत्र रणजीत के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
बता दें ग्रामीण अंचलों में अपने दवाखाने संचालित कर रहे झोलाछाप डॉक्टर सस्ते इलाज के नाम पर लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं, न तो इनके पास इलाज करने की पात्रता है और न ही ज्ञान। बावजूद इसके ऐसे डॉक्टर ग्रामीण लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर मनमर्जी से दवाएं दे रहे हैं।
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तावडू। गांव धुलावट में झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से पांच साल के बच्चे का पैर खराब हो गया। पुलिस ने नामजद आरोपी झोलाछाप चिकित्सक के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। धुलावट निवासी पीड़ित हुसैनदीन ने तावडू थाने मेें शिकायत देकर बताया कि 5 माह पहले 5 वर्षीय पुत्र फाजिर बीमार हो गया था, जिसे वह गांव में स्थित इस्ताक क्लीनिक पर बुखार की दवाई दिलाने ले गया। जहां पर उसके पुत्र को एक इंजेक्शन लगाया गया। पीड़ित का आरोप है कि इंजेक्शन लगने के कुछ देर बाद बच्चे के पैर की नस ब्लॉक हो गई। कुछ दिन के अंतराल पर ही बच्चे का एक पैर लकवा से ग्रस्त हो गया। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी के पास डॉक्टर से संबंधित कोई डिग्री डिप्लोमा नहीं है। वह झोलाछाप डॉक्टर है, उसने पीड़ित के बेटे की जिंदगी खराब कर दी है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर आरोपी झोलाछाप डॉक्टर इसताक पुत्र रणजीत के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
बता दें ग्रामीण अंचलों में अपने दवाखाने संचालित कर रहे झोलाछाप डॉक्टर सस्ते इलाज के नाम पर लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं, न तो इनके पास इलाज करने की पात्रता है और न ही ज्ञान। बावजूद इसके ऐसे डॉक्टर ग्रामीण लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर मनमर्जी से दवाएं दे रहे हैं।
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