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Noida News: चेक बाउंस मामले में आरोपी की अपील खारिज
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(अदालत से)
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सत्र अदालत ने चेक बाउंस के एक मामले में वीर सिंह निवासी गांव कुलेसरा की आपराधिक अपील को खारिज कर दिया। न्यायालय ने 16 अक्तूबर 2023 को सुनाए गए फैसले को बरकरार रखते हुए वीर सिंह को छह माह के साधारण कारावास और दस लाख रुपये के अर्थदंड की सजा को सही ठहराया है। अर्थदंड में से नौ लाख रुपये परिवादिनी को प्रतिकर स्वरूप दिए जाने का आदेश भी यथावत रहेगा।
मामले के अनुसार परिवादिनी सीमा पत्नी मोहन सिंह ने आरोप लगाया था कि वीर सिंह ने 20 अक्तूबर 2015 को पांच लाख रुपये का चेक उधार की रकम के भुगतान के लिए दिया था, जो 9 नवंबर 2015 को बैंक में बाउंस हो गया। इसके बाद 20 नवंबर 2015 को कानूनी नोटिस भेजी गई, लेकिन भुगतान न होने पर 23 दिसंबर 2015 को न्यायालय में परिवाद दाखिल किया गया। निचली अदालत ने लंबे विचारण के बाद 16 अक्तूबर 2023 को वीर सिंह को दोषी करार दिया था, जिसके खिलाफ यह अपील दायर की गई थी। अदालत ने माना कि निचली अदालत का निष्कर्ष साक्ष्यों के सम्यक परिशीलन पर आधारित है। जिसमें हस्तक्षेप का कोई औचित्य नहीं बनता।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सत्र अदालत ने चेक बाउंस के एक मामले में वीर सिंह निवासी गांव कुलेसरा की आपराधिक अपील को खारिज कर दिया। न्यायालय ने 16 अक्तूबर 2023 को सुनाए गए फैसले को बरकरार रखते हुए वीर सिंह को छह माह के साधारण कारावास और दस लाख रुपये के अर्थदंड की सजा को सही ठहराया है। अर्थदंड में से नौ लाख रुपये परिवादिनी को प्रतिकर स्वरूप दिए जाने का आदेश भी यथावत रहेगा।
मामले के अनुसार परिवादिनी सीमा पत्नी मोहन सिंह ने आरोप लगाया था कि वीर सिंह ने 20 अक्तूबर 2015 को पांच लाख रुपये का चेक उधार की रकम के भुगतान के लिए दिया था, जो 9 नवंबर 2015 को बैंक में बाउंस हो गया। इसके बाद 20 नवंबर 2015 को कानूनी नोटिस भेजी गई, लेकिन भुगतान न होने पर 23 दिसंबर 2015 को न्यायालय में परिवाद दाखिल किया गया। निचली अदालत ने लंबे विचारण के बाद 16 अक्तूबर 2023 को वीर सिंह को दोषी करार दिया था, जिसके खिलाफ यह अपील दायर की गई थी। अदालत ने माना कि निचली अदालत का निष्कर्ष साक्ष्यों के सम्यक परिशीलन पर आधारित है। जिसमें हस्तक्षेप का कोई औचित्य नहीं बनता।
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