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Noida News: गैंगस्टर में गिरफ्तार कश्मीरी की जमानत याचिका खारिज
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(अदालत से)
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने गैंगस्टर एक्ट में गिरफ्तार कश्मीर निवासी आरोपी मोहम्मद असरफ भट की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी के खिलाफ कई जनपदों व राज्यों में गंभीर मामले दर्ज हैं। ऐसे में जमानत प्रदान करना न्यायहित में उचित नहीं होगा।
आरोपी के अधिवक्ता ने यह दलील दी कि वह निर्दोष हैं और उसे झूठा फंसाया गया है। उसने किसी भी गैंग का गठन या संचालन नहीं किया और उससे कोई अवैध वस्तु बरामद नहीं हुई। गैंग चार्ट निराधार है, क्योंकि आरोपी के खिलाफ कोई स्वतंत्र साक्षी नहीं है और उसके खिलाफ दर्ज मुकदमों में पहले ही जमानत स्वीकार की जा चुकी है। वहीं अभियोजन पक्ष ने कहा कि आरोपी के खिलाफ कई जिलों और दिल्ली में चोरी, धोखाधड़ी, जालसाजी और गैंगस्टर एक्ट के गंभीर मामले दर्ज हैं। अदालत ने अभियोजन के तर्कों और गैंग चार्ट का अवलोकन करने के बाद पाया कि उसके खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे लंबित हैं। आरोपी के खिलाफ थाना सेक्टर-58, थाना सेक्टर-20, थाना कविनगर गाजियाबाद, थाना क्राइम ब्रांच लाजपत नगर दिल्ली, थाना कालकाजी दिल्ली और थाना गाजीपुर दिल्ली में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज हैं। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि सह आरोपियों की जमानत अर्जी पहले ही निरस्त की जा चुकी है। इसलिए आरोपी की जमानत अर्जी निरस्त कर दी।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने गैंगस्टर एक्ट में गिरफ्तार कश्मीर निवासी आरोपी मोहम्मद असरफ भट की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी के खिलाफ कई जनपदों व राज्यों में गंभीर मामले दर्ज हैं। ऐसे में जमानत प्रदान करना न्यायहित में उचित नहीं होगा।
आरोपी के अधिवक्ता ने यह दलील दी कि वह निर्दोष हैं और उसे झूठा फंसाया गया है। उसने किसी भी गैंग का गठन या संचालन नहीं किया और उससे कोई अवैध वस्तु बरामद नहीं हुई। गैंग चार्ट निराधार है, क्योंकि आरोपी के खिलाफ कोई स्वतंत्र साक्षी नहीं है और उसके खिलाफ दर्ज मुकदमों में पहले ही जमानत स्वीकार की जा चुकी है। वहीं अभियोजन पक्ष ने कहा कि आरोपी के खिलाफ कई जिलों और दिल्ली में चोरी, धोखाधड़ी, जालसाजी और गैंगस्टर एक्ट के गंभीर मामले दर्ज हैं। अदालत ने अभियोजन के तर्कों और गैंग चार्ट का अवलोकन करने के बाद पाया कि उसके खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे लंबित हैं। आरोपी के खिलाफ थाना सेक्टर-58, थाना सेक्टर-20, थाना कविनगर गाजियाबाद, थाना क्राइम ब्रांच लाजपत नगर दिल्ली, थाना कालकाजी दिल्ली और थाना गाजीपुर दिल्ली में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज हैं। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि सह आरोपियों की जमानत अर्जी पहले ही निरस्त की जा चुकी है। इसलिए आरोपी की जमानत अर्जी निरस्त कर दी।
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