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ग्रेटर नोएडा: सेल्समैन हत्याकांड में फास्ट ट्रैक कोर्ट का बड़ा फैसला, तीन दोषियों को आजीवन कारावास
Mon, 03 Aug 2026 08:09 PM IST
अनुज कुमार
माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा
माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा
Published by: अनुज कुमार
Updated Mon, 03 Aug 2026 08:09 PM IST
सार
ग्रेटर नोएडा में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने सेल्समैन की हत्या के मामले में सजा का एलान कर दिया है। कोर्ट ने तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने एटा निवासी विवेक, पुनीत और अमन पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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सेल्समैन हत्याकांड में कोर्ट ने सुनाई सजा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) सत्येंद्र सिंह की अदालत ने सेल्समैन की हत्या के मामले में तीन लोगों को दोषी करार दिया है। अदालत ने एटा निवासी विवेक, पुनीत व अमन को दोषी करार देकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषियों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर दोषियों को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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साल 2023 में हुई थी हत्या
मामला थाना बिसरख क्षेत्र के अपराध से जुड़ा है। 11 दिसंबर 2023 को धनंजय ने अपने भाई सुमंजय की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एफआईआर में बताया गया कि 10 दिसंबर 2023 की रात आरोपी पुनीत, विवेक और अमन उसके कमरे पर आए और सुमंजय को अपने साथ ले गए। उस समय धनंजय के अलावा दीपक वर्मा, सुदेश और हृदेश भी मौके पर मौजूद थे।
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अगले दिन जब सुमंजय वापस नहीं लौटा तो धनंजय ने तीनों आरोपियों से उसके बारे में पूछा। आरोपी टालमटोल करते रहे, लेकिन बाद में उन्होंने कथित रूप से यह कह दिया कि सुमंजय उनसे लगातार पैसे मांगता था और उन्होंने उसका "काम तमाम" कर दिया है। इसके बाद धनंजय ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई।
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जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों की निशानदेही पर सुमंजय का शव नाले से बरामद किया गया था। आरोपियों ने हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने की नीयत से शव को नाले में फेंक दिया गया था। मृतक को अंतिम बार आरोपियों के साथ जाते हुए देखा था। अदालत ने पाया कि युवक को अंतिम बार आरोपियों के साथ देखा गया था।
इसके अलावा शव की बरामदगी भी आरोपियों की निशानदेही पर होना दर्शाया गई थी। आरोपियों द्वारा मृतक के क्रेडिट कार्ड से मोबाइल खरीदने की बात सामने आई थी। एडीजीसी अपराध शिल्पी भदौरिया ने बताया कि मामले में मामले में 12 गवाह पेश किए थे। इस कारण अधिकतम सजा की मांग की थी। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने आरोपियों को दोषी करार देकर सजा सुनाई है।
रूमाल से गला दबाकर की गई थी हत्या
मूलरूप से एटा सुमंजय (24) भाई धनंजय के साथ पुराना हैबतपुर गांव में किराये पर रहता था। सुमंजय ग्रेनो वेस्ट के रिटेल स्टोर में सेल्समैन था। उसने कैब चालक दोस्त अमन को अपने क्रेडिट कार्ड से किस्तों पर मोबाइल दिलाया था। हालांकि अमन ने सुमंजय को किस्त नहीं दी। मोबाइल की किस्त सुमंजय के खाते से कट रही थी। सुमंजय ने अमन से रुपये मांगे तो दोनों में विवाद हो गया था। अमन ने अपने दो अन्य साथी पुनीत व विवेक के साथ मिलकर सुमंजय की हत्या की थी। अमन ने रूमाल से गला दबाकर सुमंजय की हत्या की थी।