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Noida News: बीएलओ का इस्तीफा वायरल, विभाग बोला- अब तक नहीं मिला
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शिक्षकों का दावा, वायरल सूची में शामिल एक बीएलओ की स्कूल में पांच-छह दिन ही रहती है महीनेभर में उपस्थिति
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। दो बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के कथित इस्तीफे सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। हालांकि शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि विभाग को अब तक किसी भी शिक्षक का आधिकारिक इस्तीफा प्राप्त नहीं हुआ है।
ड्यूटी कर रहे बीएलओ का कहना है कि जिम्मेदारी मिलने पर उसे निभाना उनका कर्तव्य है और काम में लापरवाही स्वीकार नहीं की जानी चाहिए। शिक्षकों ने बताया कि जिन बीएलओ के इस्तीफे वायरल हुए हैं, उनमें से एक ऐसी शिक्षिका भी हैं जिनकी स्कूल में महीनेभर की उपस्थिति पांच-छह दिन से अधिक नहीं होती। नियमित उपस्थिति न होने पर उनका वेतन भी कटता है।
एक 45 वर्षीय बीएलओ ने बताया कि वह सेक्टर-22 में रोजाना घर-घर जाकर फॉर्म वितरित और एकत्र कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पैरों में दर्द रहता है, लेकिन विभाग ने जो जिम्मेदारी दी है, उसे निभाना ही शिक्षक का धर्म है।
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अभी तक किसी भी शिक्षक का इस्तीफा विभाग को प्राप्त नहीं हुआ है। जिनका नाम सामने आ रहा है उनमें से एक शिक्षिका की स्कूल में भी बहुत कम उपस्थिति रहती है। दूसरी शिक्षिका अब भी नियमित रूप से अपना काम कर रही हैं। -राहुल पंवार, बेसिक शिक्षा अधिकारी
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। दो बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के कथित इस्तीफे सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। हालांकि शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि विभाग को अब तक किसी भी शिक्षक का आधिकारिक इस्तीफा प्राप्त नहीं हुआ है।
ड्यूटी कर रहे बीएलओ का कहना है कि जिम्मेदारी मिलने पर उसे निभाना उनका कर्तव्य है और काम में लापरवाही स्वीकार नहीं की जानी चाहिए। शिक्षकों ने बताया कि जिन बीएलओ के इस्तीफे वायरल हुए हैं, उनमें से एक ऐसी शिक्षिका भी हैं जिनकी स्कूल में महीनेभर की उपस्थिति पांच-छह दिन से अधिक नहीं होती। नियमित उपस्थिति न होने पर उनका वेतन भी कटता है।
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एक 45 वर्षीय बीएलओ ने बताया कि वह सेक्टर-22 में रोजाना घर-घर जाकर फॉर्म वितरित और एकत्र कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पैरों में दर्द रहता है, लेकिन विभाग ने जो जिम्मेदारी दी है, उसे निभाना ही शिक्षक का धर्म है।
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अभी तक किसी भी शिक्षक का इस्तीफा विभाग को प्राप्त नहीं हुआ है। जिनका नाम सामने आ रहा है उनमें से एक शिक्षिका की स्कूल में भी बहुत कम उपस्थिति रहती है। दूसरी शिक्षिका अब भी नियमित रूप से अपना काम कर रही हैं। -राहुल पंवार, बेसिक शिक्षा अधिकारी