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संविधान, समानता व सामाजिक न्याय सरकार का ध्येय : इन्द्राज
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संविधान दिवस पर इंदिरा गांधी दिल्ली महिला तकनीकी विश्वविद्यालय में मंत्री हुए शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
समाज कल्याण मंत्री रविंद्र इन्द्राज सिंह ने बुधवार को कहा कि दिल्ली सरकार संविधान, समानता और सामाजिक न्याय को विकास मॉडल का केंद्र मानकर आगे बढ़ रही है।
संविधान दिवस पर इंदिरा गांधी दिल्ली महिला तकनीकी विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि संविधान केवल पढ़ने की किताब नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का मार्गदर्शक है। संविधान में नागरिकों के मूल कर्तव्य हमारे अधिकारों और दायित्वों की नींव हैं। इनका सही क्रियान्वयन तभी संभव है जब नागरिक, संस्थाएं और शासन समान भाव से जिम्मेदारी निभाएं। प्रधानमंत्री ने 11 साल में समानता और सामाजिक न्याय की वह अवधारणा मजबूत की है जिसका सपना बाबा साहेब आंबेडकर देखा करते थे। महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 फीसदी आरक्षण देना ऐतिहासिक कदम है। आज भारत की सशक्त नारी सेना में पराक्रम दिखा रही है और राष्ट्र की सुरक्षा का नेतृत्व कर रही है। उन्होंने छात्राओं से कहा कि तकनीक से संविधान को समझने के कई साधन उपलब्ध हैं लेकिन सबसे जरूरी है संविधान के प्रति निष्ठा और समाज के प्रति समर्पण। कार्यक्रम में कुलपति रंजना झा, शिक्षक, सोशल वेलफेयर डायरेक्टर यश चौधरी और बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
समाज कल्याण मंत्री रविंद्र इन्द्राज सिंह ने बुधवार को कहा कि दिल्ली सरकार संविधान, समानता और सामाजिक न्याय को विकास मॉडल का केंद्र मानकर आगे बढ़ रही है।
संविधान दिवस पर इंदिरा गांधी दिल्ली महिला तकनीकी विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि संविधान केवल पढ़ने की किताब नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का मार्गदर्शक है। संविधान में नागरिकों के मूल कर्तव्य हमारे अधिकारों और दायित्वों की नींव हैं। इनका सही क्रियान्वयन तभी संभव है जब नागरिक, संस्थाएं और शासन समान भाव से जिम्मेदारी निभाएं। प्रधानमंत्री ने 11 साल में समानता और सामाजिक न्याय की वह अवधारणा मजबूत की है जिसका सपना बाबा साहेब आंबेडकर देखा करते थे। महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 फीसदी आरक्षण देना ऐतिहासिक कदम है। आज भारत की सशक्त नारी सेना में पराक्रम दिखा रही है और राष्ट्र की सुरक्षा का नेतृत्व कर रही है। उन्होंने छात्राओं से कहा कि तकनीक से संविधान को समझने के कई साधन उपलब्ध हैं लेकिन सबसे जरूरी है संविधान के प्रति निष्ठा और समाज के प्रति समर्पण। कार्यक्रम में कुलपति रंजना झा, शिक्षक, सोशल वेलफेयर डायरेक्टर यश चौधरी और बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं।
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