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सरकारी आवास आवंटित कराने के नाम पर सिपाही ने पुलिसकर्मियों को ठगा
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नोएडा। कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने से पहले एसएसपी ऑफिस स्थित बड़े बाबू कार्यालय में तैनात रहे सिपाही कपिल बालियान ने सरकारी मकान आवंटित कराने के नाम पर 6 पुलिसकर्मियों को ठग लिया। जब कई महीनों के बाद भी पुलिसकर्मियों को आवास नहीं मिला तो मामले की शिकायत वरिष्ठ अधिकारी से की गई। मामला करीब छह महीने पुराना है। सोमवार को इस मामले में कई पीड़ित पुलिसकर्मियों ने बयान दर्ज कराया है।
एक पीड़ित पुलिसकर्मी ने बताया कि आरोपी सिपाही कपिल ने पुलिस लाइन समेत अन्य स्थानों पर सरकारी आवास आवंटित कराने के नाम पर मोटी रकम वसूली। आरोपी ने अधिकारियों से नजदीकी संबंध होने का झांसा देकर ठगी की है। कई महीने बीत जाने के बाद मकान आवंटित नहीं हुआ तो यातायात पुलिस में तैनात एक सिपाही मामले की शिकायत आला अधिकारियों से की। इसके बाद मामले में जांच शुरू की गई। अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय श्रीपर्णा गांगुली ने बताया कि मामला कमिश्नरेट बनने से पहले का है। कमिश्नरेट बनने के कुछ महीने के बाद मामला संज्ञान में आया तो आरोपी सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया गया था। उसके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जा रही है। इसमें सिपाही की बर्खास्तगी तक हो सकती है।
समिति आवंटित कराती है आवास : सीपी
पुलिस आयुक्त आलोक सिंह ने बताया कि पुलिसकर्मियों को सरकारी आवास आवंटित करने के लिए कमिश्नरेट में एक समिति काम करती है। इसके अध्यक्ष डीआईजी नितिन तिवारी हैं। इनके साथ दो अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं। जिस सिपाही पर आरोप लगा है, वह इस समिति में किसी तरह से नहीं जुड़ा है।
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एक पीड़ित पुलिसकर्मी ने बताया कि आरोपी सिपाही कपिल ने पुलिस लाइन समेत अन्य स्थानों पर सरकारी आवास आवंटित कराने के नाम पर मोटी रकम वसूली। आरोपी ने अधिकारियों से नजदीकी संबंध होने का झांसा देकर ठगी की है। कई महीने बीत जाने के बाद मकान आवंटित नहीं हुआ तो यातायात पुलिस में तैनात एक सिपाही मामले की शिकायत आला अधिकारियों से की। इसके बाद मामले में जांच शुरू की गई। अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय श्रीपर्णा गांगुली ने बताया कि मामला कमिश्नरेट बनने से पहले का है। कमिश्नरेट बनने के कुछ महीने के बाद मामला संज्ञान में आया तो आरोपी सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया गया था। उसके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जा रही है। इसमें सिपाही की बर्खास्तगी तक हो सकती है।
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समिति आवंटित कराती है आवास : सीपी
पुलिस आयुक्त आलोक सिंह ने बताया कि पुलिसकर्मियों को सरकारी आवास आवंटित करने के लिए कमिश्नरेट में एक समिति काम करती है। इसके अध्यक्ष डीआईजी नितिन तिवारी हैं। इनके साथ दो अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं। जिस सिपाही पर आरोप लगा है, वह इस समिति में किसी तरह से नहीं जुड़ा है।
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