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Noida News: पीएमओ के निर्देश पर बनी कमेटी पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
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देवेंद्र यादव ने कहा- प्रवेश वर्मा को विशेष अधिकार देकर नाराजगी दूर करना असल मकसद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के निर्देश पर गठित की गई उच्चस्तरीय कमेटी को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने सवाल किया कि क्या अब दिल्ली की चुनी हुई सरकार को प्रधानमंत्री कार्यालय संचालित करेगा। जब दिल्ली में कांग्रेस की सरकार थी और केंद्र में भी कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार थी, तब कभी भी दिल्ली सरकार के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि शीला सरकार ने राजधानी के विकास में ऐतिहासिक कार्य किए थे। इस कमेटी के गठन के बाद अब यह सवाल उठता है कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की भूमिका क्या होगी। जब प्रधानमंत्री कार्यालय की कमेटी दिल्ली सरकार के कामकाज पर सीधी निगरानी रखेगी, तो क्या इसका मतलब यह है कि केंद्र सरकार को मुख्यमंत्री की कार्यक्षमता पर भरोसा नहीं है या फिर उन्हें केवल औपचारिक पद पर बैठाकर निर्णय लेने की शक्ति किसी और को सौंप दी गई है। इस कमेटी की कमान मंत्री प्रवेश वर्मा को सौंपी गई है, जिससे साफ होता है कि उन्हें एक तरह से सुपर मुख्यमंत्री बना दिया गया है। जब दिल्ली सरकार का गठन हुआ था, तो प्रवेश वर्मा मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार थे, लेकिन भाजपा नेतृत्व ने रेखा गुप्ता को यह जिम्मेदारी सौंप दी। इससे वर्मा नाराज थे और उनकी नाराजगी सोशल मीडिया पर भी दिखी थी। यादव ने आरोप लगाया कि इस उच्चस्तरीय कमेटी के गठन के पीछे असल मकसद प्रवेश वर्मा को विशेष अधिकार देना और उनकी नाराजगी दूर करना है। ब्यूरो
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के निर्देश पर गठित की गई उच्चस्तरीय कमेटी को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने सवाल किया कि क्या अब दिल्ली की चुनी हुई सरकार को प्रधानमंत्री कार्यालय संचालित करेगा। जब दिल्ली में कांग्रेस की सरकार थी और केंद्र में भी कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार थी, तब कभी भी दिल्ली सरकार के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि शीला सरकार ने राजधानी के विकास में ऐतिहासिक कार्य किए थे। इस कमेटी के गठन के बाद अब यह सवाल उठता है कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की भूमिका क्या होगी। जब प्रधानमंत्री कार्यालय की कमेटी दिल्ली सरकार के कामकाज पर सीधी निगरानी रखेगी, तो क्या इसका मतलब यह है कि केंद्र सरकार को मुख्यमंत्री की कार्यक्षमता पर भरोसा नहीं है या फिर उन्हें केवल औपचारिक पद पर बैठाकर निर्णय लेने की शक्ति किसी और को सौंप दी गई है। इस कमेटी की कमान मंत्री प्रवेश वर्मा को सौंपी गई है, जिससे साफ होता है कि उन्हें एक तरह से सुपर मुख्यमंत्री बना दिया गया है। जब दिल्ली सरकार का गठन हुआ था, तो प्रवेश वर्मा मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार थे, लेकिन भाजपा नेतृत्व ने रेखा गुप्ता को यह जिम्मेदारी सौंप दी। इससे वर्मा नाराज थे और उनकी नाराजगी सोशल मीडिया पर भी दिखी थी। यादव ने आरोप लगाया कि इस उच्चस्तरीय कमेटी के गठन के पीछे असल मकसद प्रवेश वर्मा को विशेष अधिकार देना और उनकी नाराजगी दूर करना है। ब्यूरो
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