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स्पा सेंटर के दिशा-निर्देशों पर पुलिस और प्रशासन में असमंजस
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नोएडा (सुशांत समदर्शी)। सेक्टर-53 के जकोजी स्पा सेंटर में आग लगने से दो लोगों की मौत के बाद स्पा सेंटरों के दिशा-निर्देशों जारी करने में पुलिस व प्रशासन आमने-सामने आ गए हैं। पुलिस का कहना है कि सराय एक्ट उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता और स्पा सेंटर के लाइसेंस पुलिस जारी नहीं करती, जबकि जिला प्रशासन का कहना है कि स्पा सेंटर का संचालन सराय एक्ट में नहीं आता। यह पुलिस की जिम्मेदारी है। वहीं, मामले में पूर्व अधिकारियों का कहना है कि जिले में हर गतिविधि की जिम्मेदारी प्रशासन व पुलिस दोनों की है।
नोएडा में पांच सौ से अधिक स्पा सेंटरों का संचालन हो रहा है। लोगों की शिकायत पर पुलिस ने इन्हें बंद करा दिया था। स्पा सेंटर से हजारों लोग जुड़े हुए थे और करोड़ों की कमाई हो रही थी। ऐसे में संचालकों ने करीब एक साल बाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की तो अदालत ने पुलिस से जवाब मांग लिया। पुलिस ने अपने जवाब में कहा कि कोविड प्रोटोकॉल के तहत स्पा सेंटर बंद कराए गए थे। अब छूट मिल गई तो संचालकों ने फिर से सेंटर शुरू कर दिए। इसी के तहत जकोजी को भी खोला गया। अब सवाल उठ रहा है कि स्पा सेंटर पर कार्रवाई कौन करे। आग लगने की घटना के बाद पुलिस व प्रशासन आमने-सामने हैं। ऐसे में यह बात सामने आ रही है कि स्पा सेंटर के संबंध में प्रदेश में कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं हैं जबकि दिल्ली व मुंबई आदि महानगरों में स्पष्ट नीति है।
स्पा सेंटर को पुलिस लाइसेंस नहीं जारी करती। पुलिस के पास सराय एक्ट भी नहीं है। एक्ट के तहत जिला प्रशासन को कार्रवाई करने का अधिकार है। पुलिस ने कोविड गाइडलाइंस के तहत स्पा सेंटरों को बंद कराया था। - रणविजय सिंह, एडीसीपी
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स्पा सेंटर का संचालन सराय एक्ट में नहीं आता है। इस एक्ट में स्पा सेंटर का कोई जिक्र नहीं है। मामले की जांच नोएडा पुलिस कर रही है। पुलिस की ही जिम्मेदारी है। - धर्मेंद्र सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट
क्या कहते हैं पूर्व डीजीपी
पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह का कहना है कि स्पा सेंटर के संचालन के दिशा-निर्देशों के संबंध में प्रदेश में बहुत स्पष्टता नहीं है, लेकिन यहां कोई गलत काम होता है तो पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए। यह पुलिस का अधिकार व उत्तरदायित्व है। यह पुलिस की जिम्मेदारी है कि स्पा सेंटर या कहीं और आपराधिक कृत्य न हो।
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नोएडा में पांच सौ से अधिक स्पा सेंटरों का संचालन हो रहा है। लोगों की शिकायत पर पुलिस ने इन्हें बंद करा दिया था। स्पा सेंटर से हजारों लोग जुड़े हुए थे और करोड़ों की कमाई हो रही थी। ऐसे में संचालकों ने करीब एक साल बाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की तो अदालत ने पुलिस से जवाब मांग लिया। पुलिस ने अपने जवाब में कहा कि कोविड प्रोटोकॉल के तहत स्पा सेंटर बंद कराए गए थे। अब छूट मिल गई तो संचालकों ने फिर से सेंटर शुरू कर दिए। इसी के तहत जकोजी को भी खोला गया। अब सवाल उठ रहा है कि स्पा सेंटर पर कार्रवाई कौन करे। आग लगने की घटना के बाद पुलिस व प्रशासन आमने-सामने हैं। ऐसे में यह बात सामने आ रही है कि स्पा सेंटर के संबंध में प्रदेश में कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं हैं जबकि दिल्ली व मुंबई आदि महानगरों में स्पष्ट नीति है।
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स्पा सेंटर को पुलिस लाइसेंस नहीं जारी करती। पुलिस के पास सराय एक्ट भी नहीं है। एक्ट के तहत जिला प्रशासन को कार्रवाई करने का अधिकार है। पुलिस ने कोविड गाइडलाइंस के तहत स्पा सेंटरों को बंद कराया था। - रणविजय सिंह, एडीसीपी
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स्पा सेंटर का संचालन सराय एक्ट में नहीं आता है। इस एक्ट में स्पा सेंटर का कोई जिक्र नहीं है। मामले की जांच नोएडा पुलिस कर रही है। पुलिस की ही जिम्मेदारी है। - धर्मेंद्र सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट
क्या कहते हैं पूर्व डीजीपी
पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह का कहना है कि स्पा सेंटर के संचालन के दिशा-निर्देशों के संबंध में प्रदेश में बहुत स्पष्टता नहीं है, लेकिन यहां कोई गलत काम होता है तो पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए। यह पुलिस का अधिकार व उत्तरदायित्व है। यह पुलिस की जिम्मेदारी है कि स्पा सेंटर या कहीं और आपराधिक कृत्य न हो।