{"_id":"6ac09ee9a24f5ee68604308f","slug":"company-s-server-in-noida-was-hacked-and-trading-was-done-with-rs-11-crore-of-account-holders-money-2026-10-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"नोएडा: कंपनी का सर्वर हैक कर खातेदारों के 11 करोड़ से की ट्रेडिंग, एक आरोपी गिरफ्तार; अब वह जमानत पर बाहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नोएडा: कंपनी का सर्वर हैक कर खातेदारों के 11 करोड़ से की ट्रेडिंग, एक आरोपी गिरफ्तार; अब वह जमानत पर बाहर
Sat, 03 Oct 2026 11:51 AM IST
Vijay Singh Pundir
अमर उजाला नेटवर्क, हापुड़
अमर उजाला नेटवर्क, हापुड़
Published by: Vijay Singh Pundir
Updated Sat, 03 Oct 2026 11:51 AM IST
सार
साइबर थाना पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक प्राथमिकी सेक्टर-61 निवासी प्रियांक द्विवेदी की शिकायत पर दर्ज की गई। शिकायत के मुताबिक 17 जून 2026 की रात 10:30 से 11:30 बजे के बीच जालसाजों ने कंपनी के सिस्टम और पंजीकृत स्थिर आईपी पते का अनधिकृत उपयोग किया। उन्होंने सर्वर हैक कर एमसीएक्स व्यापार मंच पर पहुंच बनाई। जहां से सात ग्राहकों के ट्रेडिंग खातों के माध्यम से हेरफेर का खेल शुरू हुआ।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Freepik
विस्तार
पूंजी और कमोडिटी बाजार में ट्रेडिंग प्रबंधन से जुड़ी कंपनी के सर्वर में सेंधमारी कर साइबर अपराधियों ने खातेधारों के 11 करोड़ रुपये से ट्रेडिंग कर ली। आरोपियों ने सेक्टर-63 की जोखिम प्रबंधन प्रौद्योगिकी प्रदाता कंपनी मुद्राक्ष का सर्वर हैक कर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) व्यापार मंच पर अनधिकृत पहुंच बना ली। इसके बाद साजिशन गलत तरीके से ट्रेडिंग को अंजाम दिया। नए तरह के हाई-प्रोफाइल साइबर अपराध में प्राथमिकी दर्ज कर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने आरोपी अंकित राय को गिरफ्तार कर लिया जो फिलहाल जमानत पर बाहर है।
साइबर थाना पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक प्राथमिकी सेक्टर-61 निवासी प्रियांक द्विवेदी की शिकायत पर दर्ज की गई। शिकायत के मुताबिक 17 जून 2026 की रात 10:30 से 11:30 बजे के बीच जालसाजों ने कंपनी के सिस्टम और पंजीकृत स्थिर आईपी पते का अनधिकृत उपयोग किया। उन्होंने सर्वर हैक कर एमसीएक्स व्यापार मंच पर पहुंच बनाई। जहां से सात ग्राहकों के ट्रेडिंग खातों के माध्यम से हेरफेर का खेल शुरू हुआ। जालसाजों ने कम तरलता वाले सिल्वर ऑप्शंस अनुबंधों में 1,238 आदेशों के जरिये लगभग 5,559 अनुबंधों में अनधिकृत व्यापार किया। यह प्राथमिकी 18 जून को दर्ज हुई थी। मामले की जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने अंकित राय ने नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया था। बीते 4 सितंबर को आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया।
मूल्य हेरफेर और अनुमानित लाभ का पैटर्न आया सामने
इस हाईप्रोफाइल हैकिंग को स्वतंत्र जांच भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (सीईआरटी-इन) से फॉरेंसिक ऑडिट के रूप में करवाई गई। इसमें मूल्य और मात्रा हेरफेर का पैटर्न दर्ज किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, अत्यधिक कम तरलता वाले सिल्वर ऑप्शंस में महज पांच मिनट के भीतर कीमत 174 रुपये से उछलकर 2,300 रुपये तक पहुंच गई। इस फर्जीवाड़े में लगभग 12 करोड़ रुपये के ऑप्शन प्रीमियम इस्तेमाल कर करीब 11 करोड़ रुपये का संभावित अवैध लाभ कमाने का अनुमान है।
विज्ञापन
ट्रेडिंग अकाउंट धारक परेशान, धनराशि वापसी के स्पष्ट संकेत नहीं
सर्वर में सेंधमारी कर 7 ट्रेडिंग अकाउंट हैक कर कम तरलता और मांग वाले सिल्वर ऑप्शंस की खरीद को ट्रेडिंग का आरोप है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जिससे सिल्वर ऑप्शंस खरीदे गए और बेचने वाले मिले हुए थे। इस वजह से कम कीमत व मांग वाली खरीद को ट्रेडिंग की गई है।
सभी अकाउंट धारक व्यापारी इनमें शशिकांत साहू के 3.15 करोड़ , शांति भूषण रखेजा के 2.09 करोड़, मीनू रखेजा के 2.90 करोड़, निहार रंजन के 96 लाख, अरविंद मिश्रा के 83 लाख, रवीन साहनी के 73 लाख की आर्थिक हानि हुई है। आरोपी पकड़े जाने के बाद भी इनकी धनराशि वापसी की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हुई है।
विज्ञापन
साइबर थाना पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक प्राथमिकी सेक्टर-61 निवासी प्रियांक द्विवेदी की शिकायत पर दर्ज की गई। शिकायत के मुताबिक 17 जून 2026 की रात 10:30 से 11:30 बजे के बीच जालसाजों ने कंपनी के सिस्टम और पंजीकृत स्थिर आईपी पते का अनधिकृत उपयोग किया। उन्होंने सर्वर हैक कर एमसीएक्स व्यापार मंच पर पहुंच बनाई। जहां से सात ग्राहकों के ट्रेडिंग खातों के माध्यम से हेरफेर का खेल शुरू हुआ। जालसाजों ने कम तरलता वाले सिल्वर ऑप्शंस अनुबंधों में 1,238 आदेशों के जरिये लगभग 5,559 अनुबंधों में अनधिकृत व्यापार किया। यह प्राथमिकी 18 जून को दर्ज हुई थी। मामले की जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने अंकित राय ने नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया था। बीते 4 सितंबर को आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया।
विज्ञापन
मूल्य हेरफेर और अनुमानित लाभ का पैटर्न आया सामने
इस हाईप्रोफाइल हैकिंग को स्वतंत्र जांच भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (सीईआरटी-इन) से फॉरेंसिक ऑडिट के रूप में करवाई गई। इसमें मूल्य और मात्रा हेरफेर का पैटर्न दर्ज किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, अत्यधिक कम तरलता वाले सिल्वर ऑप्शंस में महज पांच मिनट के भीतर कीमत 174 रुपये से उछलकर 2,300 रुपये तक पहुंच गई। इस फर्जीवाड़े में लगभग 12 करोड़ रुपये के ऑप्शन प्रीमियम इस्तेमाल कर करीब 11 करोड़ रुपये का संभावित अवैध लाभ कमाने का अनुमान है।
विज्ञापन
ट्रेडिंग अकाउंट धारक परेशान, धनराशि वापसी के स्पष्ट संकेत नहीं
सर्वर में सेंधमारी कर 7 ट्रेडिंग अकाउंट हैक कर कम तरलता और मांग वाले सिल्वर ऑप्शंस की खरीद को ट्रेडिंग का आरोप है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जिससे सिल्वर ऑप्शंस खरीदे गए और बेचने वाले मिले हुए थे। इस वजह से कम कीमत व मांग वाली खरीद को ट्रेडिंग की गई है।
सभी अकाउंट धारक व्यापारी इनमें शशिकांत साहू के 3.15 करोड़ , शांति भूषण रखेजा के 2.09 करोड़, मीनू रखेजा के 2.90 करोड़, निहार रंजन के 96 लाख, अरविंद मिश्रा के 83 लाख, रवीन साहनी के 73 लाख की आर्थिक हानि हुई है। आरोपी पकड़े जाने के बाद भी इनकी धनराशि वापसी की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हुई है।