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Noida News: जीएसटी के 13 करोड़ के नोटिस के बाद प्रतीक लॉरेल में बदला कॉमन एरिया बिजली शुल्क गणित
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अविनाश कुमार
- प्राधिकरण में शिकायत के बाद मिली हरी झंडी, साल के अंत में रिफंड का एओए ने किया वादा
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। सेक्टर-120 स्थित प्रतीक लॉरेल सोसाइटी में कॉमन एरिया बिजली शुल्क की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। पहले निवासियों से बिजली की दर 6.30 रुपये प्रति यूनिट के अलावा 70 पैसे अतिरिक्त लेकर कुल सात रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से शुल्क लिया जा रहा था। अब जीएसटी लागू होने के बाद कॉमन एरिया बिजली शुल्क को अलग मद में शामिल किया गया है। इसके तहत 40 पैसे प्रति स्क्वायर फीट के हिसाब से शुल्क मेंटेनेंस बिल में लिया जाएगा। इसके लिए अलग के इसका कॉलम बनाया जाएगा। एओए के अनुसार, नई व्यवस्था सोसाइटी में लागू हो चुकी है। वहीं, यदि वास्तविक खर्च के मुकाबले निवासियों से अतिरिक्त राशि वसूली जाती है तो साल के अंत में उसका हिसाब कर रकम वापस की जाएगी।
दरअसल, सोसाइटी में कॉमन एरिया यानी साझा स्थानों पर होने वाली बिजली की खपत का खर्च निवासियों से लिया जाता है। पहले बिजली की दर में 70 पैसे अतिरिक्त जोड़कर यह शुल्क वसूला जाता था। जीएसटी अनुपालन और कॉमन एरिया बिजली खर्च के संग्रह में हो रहे घाटे को ध्यान में रखते हुए अब शुल्क की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। एओए के अनुसार, पिछले कुछ सालों में उनको 5 से 6 बार 13 करोड़ का नोटिस आया था। इसमें जीएसटी पूरे सात रुपये पर ही लिया जा रहा था। इसके तहत कॉमन एरिया बिजली शुल्क को मेंटेनेंस बिल में अलग मद में दर्शाया जाएगा। एओए का कहना है कि इससे शुल्क की गणना और वसूली में पारदर्शिता रहेगी।
प्राधिकरण में शिकायत के बाद आया मामला चर्चा में
शुल्क की नई व्यवस्था को लेकर संबंधित पक्षों ने नोएडा प्राधिकरण में शिकायत की थी। एओए सचिव अविनाश कुमार के अनुसार, प्राधिकरण के पत्र के जवाब में 6 अक्तूबर 2026 को जीबीएम से संबंधित अभिलेख और जरूरी कानूनी व वित्तीय दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। इसके बाद प्राधिकरण ने जारी कर शिकायतकर्ता को अवगत कराया। एओए की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, प्रक्रिया में लागू नियमों और दिशानिर्देशों का पालन किया गया था। इसके समर्थन में आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत किए गए थे।
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शुल्क का पुनर्गठन जीएसटी अनुपालन और साझा बिजली खर्च के प्रबंधन को ध्यान में रखकर किया गया है। - अविनाश कुमार, सचिव
जीएसटी बिल न आए इसके लिए कंसल्टेंट से पता करके यह फैसला लिया है। निवासियों से अलग से पैसा नहीं लेंगे। - परवेश नैनी, अध्यक्ष एओए
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संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। सेक्टर-120 स्थित प्रतीक लॉरेल सोसाइटी में कॉमन एरिया बिजली शुल्क की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। पहले निवासियों से बिजली की दर 6.30 रुपये प्रति यूनिट के अलावा 70 पैसे अतिरिक्त लेकर कुल सात रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से शुल्क लिया जा रहा था। अब जीएसटी लागू होने के बाद कॉमन एरिया बिजली शुल्क को अलग मद में शामिल किया गया है। इसके तहत 40 पैसे प्रति स्क्वायर फीट के हिसाब से शुल्क मेंटेनेंस बिल में लिया जाएगा। इसके लिए अलग के इसका कॉलम बनाया जाएगा। एओए के अनुसार, नई व्यवस्था सोसाइटी में लागू हो चुकी है। वहीं, यदि वास्तविक खर्च के मुकाबले निवासियों से अतिरिक्त राशि वसूली जाती है तो साल के अंत में उसका हिसाब कर रकम वापस की जाएगी।
दरअसल, सोसाइटी में कॉमन एरिया यानी साझा स्थानों पर होने वाली बिजली की खपत का खर्च निवासियों से लिया जाता है। पहले बिजली की दर में 70 पैसे अतिरिक्त जोड़कर यह शुल्क वसूला जाता था। जीएसटी अनुपालन और कॉमन एरिया बिजली खर्च के संग्रह में हो रहे घाटे को ध्यान में रखते हुए अब शुल्क की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। एओए के अनुसार, पिछले कुछ सालों में उनको 5 से 6 बार 13 करोड़ का नोटिस आया था। इसमें जीएसटी पूरे सात रुपये पर ही लिया जा रहा था। इसके तहत कॉमन एरिया बिजली शुल्क को मेंटेनेंस बिल में अलग मद में दर्शाया जाएगा। एओए का कहना है कि इससे शुल्क की गणना और वसूली में पारदर्शिता रहेगी।
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प्राधिकरण में शिकायत के बाद आया मामला चर्चा में
शुल्क की नई व्यवस्था को लेकर संबंधित पक्षों ने नोएडा प्राधिकरण में शिकायत की थी। एओए सचिव अविनाश कुमार के अनुसार, प्राधिकरण के पत्र के जवाब में 6 अक्तूबर 2026 को जीबीएम से संबंधित अभिलेख और जरूरी कानूनी व वित्तीय दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। इसके बाद प्राधिकरण ने जारी कर शिकायतकर्ता को अवगत कराया। एओए की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, प्रक्रिया में लागू नियमों और दिशानिर्देशों का पालन किया गया था। इसके समर्थन में आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत किए गए थे।
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शुल्क का पुनर्गठन जीएसटी अनुपालन और साझा बिजली खर्च के प्रबंधन को ध्यान में रखकर किया गया है। - अविनाश कुमार, सचिव
जीएसटी बिल न आए इसके लिए कंसल्टेंट से पता करके यह फैसला लिया है। निवासियों से अलग से पैसा नहीं लेंगे। - परवेश नैनी, अध्यक्ष एओए

अविनाश कुमार