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स्मार्ट पुलिसिंग के लिए नोएडा में कमिश्नरी सिस्टम की शुरुआत : सीएम
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ट्रैफिक पार्क में कार्यक्रम के दौरान संबोधित करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
स्मार्ट पुलिसिंग के लिए नोएडा में कमिश्नरी सिस्टम की शुरुआत : सीएम
नोएडा। ‘पुलिस आयुक्त प्रणाली के अच्छे परिणाम निकलेंगे। स्मार्ट पुलिसिंग और बेहतर नागरिक सुरक्षा के लिए ही नोएडा में पुलिस आयुक्त प्रणाली को शुरू किया गया है। यह प्रस्ताव सालों से पड़ा हुआ था अब इसे साकार कर दिया गया है।’ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को पुलिस आयुक्त कार्यालय के उद्घाटन के बाद यह बातें कहीं।
उन्होंने कमिश्नरी सिस्टम के बारे में कहा कि आधुनिक पुलिसिंग के लिए यह सिस्टम जरूरी है। प्रदेश की राजधानी लखनऊ और प्रदेश की आर्थिक राजधानी नोएडा में इस प्रणाली को लागू किया गया है। पुलिस का जनता से सीधे संवाद होना चाहिए। पुलिसकर्मियों को नसीहत देते हुए उन्होंने कहा कि सीनियर सिटीजन, महिलाओं की समस्याओं का पुलिस प्रमुखता से समाधान करें। नोएडा व ग्रेटर नोएडा में बड़ी संख्या में महिलाएं विभिन्न सेक्टरों में काम करती हैं। इनकी सुरक्षा सर्वोपरि है। डायल 112 की पेट्रेालिंग से लेकर फुट पेट्रोलिंग को बढ़ाने व उन पर नजर रखी जाए। उन्होंने कहा कि जिले में साइबर अपराध एक बड़ी समस्या है। इसके लिए नोएडा में साइबर लैब भी बनेगी। साइबर क्राइम की विवेचना करने वाले पुलिसकर्मियों को ट्रेनिंग दी जा रही है।
वहीं, उन्होंने कहा कि जब से हम लोग सत्ता में आए हैं कानून व्यवस्था की स्थिति सुदृढ़ हुई है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा में निवेश बढ़ा है। पहले उत्तर प्रदेश में उद्योगपति पैसा नहीं लगाना चाहते थे, लेकिन अब वह निवेश करना चाहते हैं। यह यूपी की सुदृढ़ कानून व्यवस्था का ही परिणाम है। उत्तर प्रदेश में स्मार्ट पुलिसिंग व स्मार्ट सिटी को ध्यान में रखकर व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन के अधिकारी व पुलिस के अधिकारी अगर एक साथ मिलकर प्रयास करें तो कानून व्यवस्था और भी मजबूत हो सकती है। प्रदेश की 23 करोड़ जनता की सुरक्षा, शांति व समृद्धि के लिए जो भी कदम उठाने पड़ेंगे वह उठाएंगे।
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पुलिस कमिश्नर ने बताई उपलब्धि
पुलिस आयुक्त कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम में पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने मुख्यमंत्री का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। इसके बाद पुलिस आयुक्त ने पुलिस कमिश्नरी सिस्टम शुरू होने के बाद उपलब्धियां बताईं। पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने कहा कि यह ऐतिहासिक क्षण है और कमिश्नरी सिस्टम शुरू कर पुलिस को काम में स्वतंत्रता दी गई है। कमिश्नर प्रणाली लगने के बाद जनपद की कानून व्यवस्था सुदृढ़ हुई है। महिलाओं की सुरक्षा और जागरूकता के लिए महिला चौपाल का आयोजन किया जा रहा है। साइबर क्राइम रोकने के लिए साइबर अपराधों की विवेचना करने वाले पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए 400 ट्रैफिक पुलिसकर्मी अतिरिक्त तैनात किए गए हैं। ट्रैफिक मार्शल को भी तैनात किया गया है। पुलिस ऑन डिमांड के तहत एक व्हाट्स ऐप नंबर जारी किया गया है। इस नंबर पर कोई भी व्यक्ति सुझाव दे सकता है और पेट्रोलिंग से लेकर अन्य समस्याएं बता सकता है। दंपती के झगड़े को सुलझाने के लिए शारदा विश्वविद्यालय में एक काउंसिलिंग सेंटर बनाया गया है। एंटी रोमियो स्क्वायड का पुर्नगठन किया गया है। कमिश्नरी सिस्टम में संगठित गिरोह पर कार्रवाई की गई है और एक महीने में पुलिस एनकाउंटर में 34 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। बीट व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम चल रहा है। पुलिस पेट्रोलिंग के लिए जनपद के 400 स्थानों पर क्यूआर कोड लगाया गया है। इससे पुलिसकर्मियों को पेट्रोलिंग की जानकारी हो रही है।
सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत 1500 कैमरे लगेंगे
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत जनपद की सुरक्षा को और बेहतर बनाया जा रहा है। इसके लिए जनपद में 1500 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। कैमरे की क्वालिटी अच्छी होगी, ताकि अपराधी को फायदा न मिले। पुलिसकर्मियों के साथ आंतरिक संवाद भी बेहतर बनाया जा रहा है। उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली जा रही है।
सीएम ने हेल्थ कियोस्क का भी किया उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने ट्रैफिक पार्क स्थित सीपी कार्यालय के उद्घाटन के बाद हेल्थ कियोस्क का भी उद्घाटन किया। यह कियोस्क आधुनिक मेडिकल उपकरणों से लैस है। इसमें पुलिसकर्मियों की स्वास्थ्य जांच होगी। सात मिनट के अंदर यह पता चल जाएगा कि पुलिसकर्मी को क्या परेशानी है। इसके बाद उनका इलाज कराया जाएगा।
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नोएडा। ‘पुलिस आयुक्त प्रणाली के अच्छे परिणाम निकलेंगे। स्मार्ट पुलिसिंग और बेहतर नागरिक सुरक्षा के लिए ही नोएडा में पुलिस आयुक्त प्रणाली को शुरू किया गया है। यह प्रस्ताव सालों से पड़ा हुआ था अब इसे साकार कर दिया गया है।’ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को पुलिस आयुक्त कार्यालय के उद्घाटन के बाद यह बातें कहीं।
उन्होंने कमिश्नरी सिस्टम के बारे में कहा कि आधुनिक पुलिसिंग के लिए यह सिस्टम जरूरी है। प्रदेश की राजधानी लखनऊ और प्रदेश की आर्थिक राजधानी नोएडा में इस प्रणाली को लागू किया गया है। पुलिस का जनता से सीधे संवाद होना चाहिए। पुलिसकर्मियों को नसीहत देते हुए उन्होंने कहा कि सीनियर सिटीजन, महिलाओं की समस्याओं का पुलिस प्रमुखता से समाधान करें। नोएडा व ग्रेटर नोएडा में बड़ी संख्या में महिलाएं विभिन्न सेक्टरों में काम करती हैं। इनकी सुरक्षा सर्वोपरि है। डायल 112 की पेट्रेालिंग से लेकर फुट पेट्रोलिंग को बढ़ाने व उन पर नजर रखी जाए। उन्होंने कहा कि जिले में साइबर अपराध एक बड़ी समस्या है। इसके लिए नोएडा में साइबर लैब भी बनेगी। साइबर क्राइम की विवेचना करने वाले पुलिसकर्मियों को ट्रेनिंग दी जा रही है।
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वहीं, उन्होंने कहा कि जब से हम लोग सत्ता में आए हैं कानून व्यवस्था की स्थिति सुदृढ़ हुई है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा में निवेश बढ़ा है। पहले उत्तर प्रदेश में उद्योगपति पैसा नहीं लगाना चाहते थे, लेकिन अब वह निवेश करना चाहते हैं। यह यूपी की सुदृढ़ कानून व्यवस्था का ही परिणाम है। उत्तर प्रदेश में स्मार्ट पुलिसिंग व स्मार्ट सिटी को ध्यान में रखकर व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन के अधिकारी व पुलिस के अधिकारी अगर एक साथ मिलकर प्रयास करें तो कानून व्यवस्था और भी मजबूत हो सकती है। प्रदेश की 23 करोड़ जनता की सुरक्षा, शांति व समृद्धि के लिए जो भी कदम उठाने पड़ेंगे वह उठाएंगे।
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पुलिस कमिश्नर ने बताई उपलब्धि
पुलिस आयुक्त कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम में पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने मुख्यमंत्री का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। इसके बाद पुलिस आयुक्त ने पुलिस कमिश्नरी सिस्टम शुरू होने के बाद उपलब्धियां बताईं। पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने कहा कि यह ऐतिहासिक क्षण है और कमिश्नरी सिस्टम शुरू कर पुलिस को काम में स्वतंत्रता दी गई है। कमिश्नर प्रणाली लगने के बाद जनपद की कानून व्यवस्था सुदृढ़ हुई है। महिलाओं की सुरक्षा और जागरूकता के लिए महिला चौपाल का आयोजन किया जा रहा है। साइबर क्राइम रोकने के लिए साइबर अपराधों की विवेचना करने वाले पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए 400 ट्रैफिक पुलिसकर्मी अतिरिक्त तैनात किए गए हैं। ट्रैफिक मार्शल को भी तैनात किया गया है। पुलिस ऑन डिमांड के तहत एक व्हाट्स ऐप नंबर जारी किया गया है। इस नंबर पर कोई भी व्यक्ति सुझाव दे सकता है और पेट्रोलिंग से लेकर अन्य समस्याएं बता सकता है। दंपती के झगड़े को सुलझाने के लिए शारदा विश्वविद्यालय में एक काउंसिलिंग सेंटर बनाया गया है। एंटी रोमियो स्क्वायड का पुर्नगठन किया गया है। कमिश्नरी सिस्टम में संगठित गिरोह पर कार्रवाई की गई है और एक महीने में पुलिस एनकाउंटर में 34 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। बीट व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम चल रहा है। पुलिस पेट्रोलिंग के लिए जनपद के 400 स्थानों पर क्यूआर कोड लगाया गया है। इससे पुलिसकर्मियों को पेट्रोलिंग की जानकारी हो रही है।
सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत 1500 कैमरे लगेंगे
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत जनपद की सुरक्षा को और बेहतर बनाया जा रहा है। इसके लिए जनपद में 1500 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। कैमरे की क्वालिटी अच्छी होगी, ताकि अपराधी को फायदा न मिले। पुलिसकर्मियों के साथ आंतरिक संवाद भी बेहतर बनाया जा रहा है। उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली जा रही है।
सीएम ने हेल्थ कियोस्क का भी किया उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने ट्रैफिक पार्क स्थित सीपी कार्यालय के उद्घाटन के बाद हेल्थ कियोस्क का भी उद्घाटन किया। यह कियोस्क आधुनिक मेडिकल उपकरणों से लैस है। इसमें पुलिसकर्मियों की स्वास्थ्य जांच होगी। सात मिनट के अंदर यह पता चल जाएगा कि पुलिसकर्मी को क्या परेशानी है। इसके बाद उनका इलाज कराया जाएगा।