UP: 11वीं के छात्र ने रची खुद के ही अपहरण की झूठी कहानी, पहले मांगे 50 हजार फिर 10 लाख; मिले पांच हजार
छात्र मोबाइल पर आवाज बदलने वाले एक एप का प्रयोग कर लगातार धमकी भरे वाइस मैसेज भेजने लगा। सूचना मिलने के बाद पुलिस उसे तलाशते हुए उसके मोबाइल की लोकेशन के माध्यम से दिल्ली जा पहुंची। लेकिन उसे इसकी भनक लग गई। इसके बाद छात्र राजस्थान के जयपुर में पहुंच गया।
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ग्रेटर नोएडा स्थित दनकौर कस्बे के एक इंटर कॉलेज के 11वीं कक्षा के छात्र ने अपने ही अपहरण झूठी कहानी रच डाली। इस दौरान छात्र ने अपनी आवाज बदलकर परिजनों से अपहरण की रकम भी मांगी। परिजन फिरौती के लिए फोन आने के बाद परेशान हो गए। परिजनों सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने करीब 8 घंटे बाद राजस्थान से बरामद कर लिया और परिजनों को सौंपा है। परिवार के लोगों ने इसके लिए दनकौर पुलिस टीम को सम्मानित कर आभार व्यक्त किया है।
रबूपुरा कोतवाली क्षेत्र के खेरली भाव गांव का रहने वाला 15 वर्षीय किशोर दनकौर कस्बे के बिहारी लाल इंटर कॉलेज में 11वीं कक्षा का छात्र है। वह दो भाइयों में सबसे छोटा है। जिसके पिता करीब 12 वर्ष से लापता हैं।
रोजाना की तरह वह बुधवार को कॉलेज गया। लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा। रात होने पर परिजनों द्वारा उसकी सभी संभावित स्थानों पर तलाश की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका। देर रात को छात्र द्वारा अपने ही अपहरण की साजिश रच अपहरणकर्ता के रूप में सोशल मीडिया के एक प्लेटफॉर्म पर परिजनों से पहले 50 हजार रुपये और बाद में 10 लाख रुपये की मांग की। साथ ही रुपये नहीं देने पर हत्या की चेतावनी भी दे डाली।
आवाज बदलने वाला एप इस्तेमाल किया
छात्र मोबाइल पर आवाज बदलने वाले एक एप का प्रयोग कर लगातार धमकी भरे वाइस मैसेज भेजने लगा। सूचना मिलने के बाद पुलिस उसे तलाशते हुए उसके मोबाइल की लोकेशन के माध्यम से दिल्ली जा पहुंची। लेकिन उसे इसकी भनक लग गई। इसके बाद छात्र राजस्थान के जयपुर में पहुंच गया। साथ ही अपने परिवार को डरा धमकाकर पांच हजार रुपये भी ऑनलाइन ले लिए।
किसी ने नहीं दी नौकरी तो रचा खुद के अपहरण का नाटक
छात्र को तलाशने के लिए पुलिस की दो टीमों का गठन किया गया था। दोनों ही टीमें राजस्थान पहुंच गईं। लेकिन छात्र काफी देर तक पुलिस को चकमा देता रहा। हालांकि इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस का प्रयोग कर छात्र को सकुशल बरामद कर लिया गया। पूछताछ में छात्र ने पुलिस को बताया कि वह रुपये कमाने के लिए पहले दिल्ली गया। लेकिन किसी ने नौकरी नहीं दी। इसके बाद राजस्थान पहुंचकर भी नौकरी की तलाश की गई। लेकिन वहां भी असफल रहा। इसके बाद रुपये लेने के लिए अपने ही अपहरण की साजिश रच डाली।
गायब छात्र को करीब 8 घंटे में टीम ने राजस्थान से सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया है। छात्र ने खुद के अपहरण की फर्जी सूचना परिवार को दी थी। -मुनेंद्र सिंह, कोतवाली प्रभारी, दनकौर।