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फाइव स्टार होटल में महिला मित्र संग छुपा चीन का नागरिक गिरफ्तार
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बीटा -2 थाना पुलिस की गिरफ्त में चीन का नागरिक सु फाई उर्फ काएला।
- फोटो : Grnoida
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ग्रेटर नोएडा। फर्जी वीजा बनाकर दिल्ली-एनसीआर में छुपे चीन के नागरिक और उसकी भारतीय महिला मित्र को बीटा-2 थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार को गुरुग्राम के फाइव स्टार होटल से सु फाई उर्फ काएला (36) और नगालैंड निवासी महिला मित्र पेटखे रेनुओ (22) को गिरफ्तार किया गया। उस पर जासूसी का आरोप लगा है। पुलिस के मुताबिक सु फाई ने चीन से दो नागरिकों को अवैध तरीके से बुलाकर ग्रेटर नोएडा के जेपी ग्रींस सोसाइटी में किराए के फ्लैट में ठहराया था। गिरफ्तार आरोपीऔर उसकी महिला मित्र से आईबी और लोकल इंटेलिजेंस पूछताछ कर रही है। पुलिस ने उसके कब्जे से फर्जी वीजा और कई भारतीय सिम कार्ड भी बरामद किए हैं।
अहम है कि दो दिन पहले चीन के दो नागरिक लु लैंग (30) और यू हेलंग (34) को बिहार के सीतामढ़ी स्थित नेपाल बॉर्डर से सशस्त्र सुरक्षा बल (एसएसबी) ने गिरफ्तार किया था। दोनों थाईलैंड से काठमांडू के रास्ते वगैर वीजा के नोएडा आए थे। दोनों ग्रेटर नोएडा की सोसाइटी में पंद्रह दिन तक रुके थे। दोनों के पास वैध दस्तावेज नहीं थे। दोनों से पूछताछ के बाद पुलिस ने सोमवार को गुरुग्राम से सु फाई उर्फ काएला और नगालैंड निवासी पेटेख रेनुओ को गिरफ्तार कर लिया। सु फाई चीन के झांग-गुआंग प्रांत का निवासी है।
जांच में यह बात सामने आई है कि उसके वीजा की अवधि जुलाई 2020 में समाप्त हो गई थी। आरोपी फर्जी वीजा बनाकर ग्रेनो के जेपी ग्रींस सोसाइटी में किराए पर रहता था। पुलिस ने गुरुग्राम स्थित जिस पांच सितारा होटल के कमरे से पकड़ा है उसे सील कर दिया गया है। कमरे में उसका लैपटॉप व अन्य सामान है। आईबी और लोकल इंटेलिजेंस पूरे मामले की जांच कर रही है। हालांकि, पुलिस की गिरफ्त में आते ही सु फाई ने मोबाइल का पूरा डाटा डिलीट कर दिया था।
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भारतीय दोस्त के साथ मिलकर खोली थीं दो फैक्ट्रियां
पुलिस के अनुसार सु फाई नोएडा-ग्रेटर नोएडा में क्लब और कई फैक्ट्रियां संचालित कर रहा था। उसने भारतीय दोस्त रवि और नटवरलाल के साथ मिलकर मोबाइल की दो फैक्ट्रियां खोली थीं। इनमें एक गाजियाबाद व दूसरी नोएडा के सेक्टर-63 में हैं।
डेढ़ लाख रुपये प्रति माह किराया देता था सु फाई
सु फाई जेपी ग्रींस सोसाइटी के सनकोर्ट स्थित टी-401 फ्लैट में किराए पर रहता था। फ्लैट का किराया बिजली बिल समेत करीब डेढ़ लाख रुपये है। आईबी और लोकल इंटेलिजेंस आरोपी और उसकी भारतीय गर्लफ्रेंड से पूछताछ कर रही है। वह तीन वर्ष से हिंदी भाषी क्षेत्र में रह रहा था। इसलिए उसे थोड़ी हिंदी आती है।
लोकल इंटेलिजेंस हुआ फेल
सुफाई एक वर्ष से अधिक समय से बिना वीजा का रह रहा है। वहीं, वह अपने यहां चीन से अवैध तरीके से अन्य नागरिकों को भी बुला लेता थ। लोकल इंटेलिजेंस इसका पता लगाने में नाकाम रही है। यदि बिहार के सीतामढ़ी स्थित इंडो नेपाल बार्डर पर दोनों चीनी नागरिक नहीं पकड़े जाते तो इनका खुलासा ही नहीं होता। पूरे प्रकरण से खुफिया विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
बिहार के सीतामढ़ी स्थित इंडो-नेपाल बार्डर पर पकड़े गए चीनी नागरिकों को शरण देने वाले उसके दोस्त सु फाई को पकड़ लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। - लव कुमार, अपर पुलिस आयुक्त, गौतमबुद्धनगर
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अहम है कि दो दिन पहले चीन के दो नागरिक लु लैंग (30) और यू हेलंग (34) को बिहार के सीतामढ़ी स्थित नेपाल बॉर्डर से सशस्त्र सुरक्षा बल (एसएसबी) ने गिरफ्तार किया था। दोनों थाईलैंड से काठमांडू के रास्ते वगैर वीजा के नोएडा आए थे। दोनों ग्रेटर नोएडा की सोसाइटी में पंद्रह दिन तक रुके थे। दोनों के पास वैध दस्तावेज नहीं थे। दोनों से पूछताछ के बाद पुलिस ने सोमवार को गुरुग्राम से सु फाई उर्फ काएला और नगालैंड निवासी पेटेख रेनुओ को गिरफ्तार कर लिया। सु फाई चीन के झांग-गुआंग प्रांत का निवासी है।
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जांच में यह बात सामने आई है कि उसके वीजा की अवधि जुलाई 2020 में समाप्त हो गई थी। आरोपी फर्जी वीजा बनाकर ग्रेनो के जेपी ग्रींस सोसाइटी में किराए पर रहता था। पुलिस ने गुरुग्राम स्थित जिस पांच सितारा होटल के कमरे से पकड़ा है उसे सील कर दिया गया है। कमरे में उसका लैपटॉप व अन्य सामान है। आईबी और लोकल इंटेलिजेंस पूरे मामले की जांच कर रही है। हालांकि, पुलिस की गिरफ्त में आते ही सु फाई ने मोबाइल का पूरा डाटा डिलीट कर दिया था।
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भारतीय दोस्त के साथ मिलकर खोली थीं दो फैक्ट्रियां
पुलिस के अनुसार सु फाई नोएडा-ग्रेटर नोएडा में क्लब और कई फैक्ट्रियां संचालित कर रहा था। उसने भारतीय दोस्त रवि और नटवरलाल के साथ मिलकर मोबाइल की दो फैक्ट्रियां खोली थीं। इनमें एक गाजियाबाद व दूसरी नोएडा के सेक्टर-63 में हैं।
डेढ़ लाख रुपये प्रति माह किराया देता था सु फाई
सु फाई जेपी ग्रींस सोसाइटी के सनकोर्ट स्थित टी-401 फ्लैट में किराए पर रहता था। फ्लैट का किराया बिजली बिल समेत करीब डेढ़ लाख रुपये है। आईबी और लोकल इंटेलिजेंस आरोपी और उसकी भारतीय गर्लफ्रेंड से पूछताछ कर रही है। वह तीन वर्ष से हिंदी भाषी क्षेत्र में रह रहा था। इसलिए उसे थोड़ी हिंदी आती है।
लोकल इंटेलिजेंस हुआ फेल
सुफाई एक वर्ष से अधिक समय से बिना वीजा का रह रहा है। वहीं, वह अपने यहां चीन से अवैध तरीके से अन्य नागरिकों को भी बुला लेता थ। लोकल इंटेलिजेंस इसका पता लगाने में नाकाम रही है। यदि बिहार के सीतामढ़ी स्थित इंडो नेपाल बार्डर पर दोनों चीनी नागरिक नहीं पकड़े जाते तो इनका खुलासा ही नहीं होता। पूरे प्रकरण से खुफिया विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
बिहार के सीतामढ़ी स्थित इंडो-नेपाल बार्डर पर पकड़े गए चीनी नागरिकों को शरण देने वाले उसके दोस्त सु फाई को पकड़ लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। - लव कुमार, अपर पुलिस आयुक्त, गौतमबुद्धनगर