फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Chemical-rich colors can spoil the complexion of the face

कहीं बिगाड़ न जाए चेहरे का नूर: रंग या गुलाल खरीदने से पहले करें ये टेस्ट, वरना ये आपको बीमार भी कर सकते हैं

Mon, 06 Mar 2023 09:22 PM IST
Vikas Kumar माई सिटी रिपोर्टर, नोएडा
माई सिटी रिपोर्टर, नोएडा Published by: Vikas Kumar Updated Mon, 06 Mar 2023 09:22 PM IST
सार

काले रंग में लेड ऑक्साइड होता है जो शरीर से रिसकर अंदर जाए तो किडनी भी खराब कर सकता है। हरे रंग में कॉपर सल्फेट होता है। इससे आंख और चेहरे में सूजन आ जाती है साथ ही एलर्जी हो जाती है। 

विज्ञापन
Chemical-rich colors can spoil the complexion of the face
गुलाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बाजारों में केमिकल वाले रंगों और गुलाल जमकर बिक रहे हैं। ऑर्गेनिक रंगों और गुलाल से महंगे होने के कारण लोग केमिकल युक्त रंगों की जमकर खरीदारी कर रहे हैं, लेकिन इनका प्रयोग न केवल चेहरे की रंगत बिगाड़ सकता है बल्कि रंग आंखों और सांस की प्रणाली के लिए भी घातक साबित हो सकते हैं। 

विज्ञापन

फेलिक्स अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. सौरभ भाटिया केमिकल वाले रंग और गुलाल में कांच के महीन टुकड़े या पाउडर को मिलाया जाता है। इससे त्वचा कट सकती है। गुलाल खरीदने से पहले उसे हाथों की हथेली पर लगाकर रगड़ें। हाथों के छोटे से हिस्से पर गुलाल या गीले वाले रंग लगाकर देखें। 15 मिनट बाद इस रंग को सादा पानी से धोकर छुड़ाने की कोशिश करें। अगर रंग नहीं छूटता तो इसमें मिलावट की संभावना होती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

किस मिलावटी रंग से कौन-सी बीमारी
काले रंग में लेड ऑक्साइड होता है जो शरीर से रिसकर अंदर जाए तो किडनी भी खराब कर सकता है। हरे रंग में कॉपर सल्फेट होता है। इससे आंख और चेहरे में सूजन आ जाती है साथ ही एलर्जी हो जाती है। सिल्वर रंग से स्किन कैंसर होने का खतरा रहता है। लाल रंग में मरक्यूरी सल्फाइड होता है जो स्किन कैंसर के लिए जिम्मेदार होता है। मिलावटी गुलाल से फेफड़ों की बीमारी का खतरा बना रहता है। मिलावटी रंगों से फंगल इंफेक्शन और एलर्जी का खतरा रहता है। इससे शरीर पर चकत्ते, दाने, खुजली आदि होने लगते हैं।

विज्ञापन

आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं रंग
वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मोहिता शर्मा कहते हैं कि रंग आंखों में चले जाएं तो आंखें अस्थायी/स्थायी रूप से खराब हो सकती हैं। इससे आंखों में जलन, चुभन, आंखों का लाल होना, एलर्जी, कॉर्नियल अल्सर, कंजंक्टिवाइटिस, ब्लाइंडनेस का खतरा रहता है। आंखों में रंग या धूल का कोई कण चला जाएं तो आंखों को रगड़ना नहीं चाहिए। स्वयं कोई इलाज नहीं करें और बिना चिकित्सक की सलाह के कोई आईड्रॉप भी नहीं डालें।

बचाव के लिए करें तेल या क्रीम का इस्तेमाल
डॉ. अभिषेक दुबे का कहना है कि होली खेलने से पहले त्वचा पर तेल या मॉइस्चराइजर लगा लिया जाए तो काफी हद तक बचाव हो सकता है। इसके लिए नारियल का तेल, सरसों का तेल, वैसलीन अथवा कोई भी मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे त्वचा पर अवरोध (कोडिंग) बन जाता है जो रंगों के दुष्प्रभाव को कम कर देता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed