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Noida News: यूएसनगर के 1500 हेक्टेयर में हो रही रसायन मुक्त खेती
Fri, 26 Sep 2025 03:30 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Fri, 26 Sep 2025 03:30 AM IST
सार
रुद्रपुर जिले में नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के तहत 1500 हेक्टेयर में प्राकृतिक खेती की जा रही है। इससे 3750 किसान लाभान्वित हो रहे हैं और बाजार में भी अच्छे दाम मिल रहे हैं। प्राकृतिक खेती से मृदा और पर्यावरण सुरक्षित रहता है।
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विस्तार
नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग को मिल रहा बढ़ावा
रुद्रपुर। जिले में 1500 हेक्टेयर में नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग (प्राकृतिक खेती) खेती हो रही है। मडुआ, कोदो, गेहूं, धान व साग-सब्जी की खेती की जाती है। इससे 3750 किसान लाभान्वित हो रहे हैं। वे न सिर्फ इससे उपजे अनाज का अपने घरों में इस्तेमाल कर रहे हैं, बल्कि बाजार में महंगे दामों पर बेच भी रहे हैं।
मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. अभय सक्सेना ने बताया कि केंद्र पोषित योजना का संचालन जिले के छह ब्लाॅकाें के 30 क्लस्टरों में किया जा रहा है। प्राकृतिक खेती सस्ती टिकाऊ और आर्थिक लाभ देती है। साथ ही इससे मृदा, पौधों, जानवरों, जलवायु भी सुरक्षित रहता है। उन्होंने बताया कि सभी 30 क्लस्टरों में 3,750 किसानों को लाभान्वित किया जाना है।
बताया कि प्राकृतिक खेती एक रसायन मुक्त खेती है। इसका उद्देश्य मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार करना और लागत को कम करना है। प्राकृतिक खेती में पशुपालन, कृषि निवेशों जैसे बीजामृत, जीवामृत धन, नीमास्त्र, दशपर्जी आदि पारंपरिक बीजों का प्रयोग और खेतों में बफरजोन में पेड़ी का एक कारण शामिल है। जिले के कुल 3750 किसानों के सापेक्ष 3001 किसानों का कृषि मैपर पर रजिस्ट्रेशन हो चुका है। सभी क्लस्टरों में कृषि सखी का चयन हो चुका है।
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रुद्रपुर। जिले में 1500 हेक्टेयर में नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग (प्राकृतिक खेती) खेती हो रही है। मडुआ, कोदो, गेहूं, धान व साग-सब्जी की खेती की जाती है। इससे 3750 किसान लाभान्वित हो रहे हैं। वे न सिर्फ इससे उपजे अनाज का अपने घरों में इस्तेमाल कर रहे हैं, बल्कि बाजार में महंगे दामों पर बेच भी रहे हैं।
मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. अभय सक्सेना ने बताया कि केंद्र पोषित योजना का संचालन जिले के छह ब्लाॅकाें के 30 क्लस्टरों में किया जा रहा है। प्राकृतिक खेती सस्ती टिकाऊ और आर्थिक लाभ देती है। साथ ही इससे मृदा, पौधों, जानवरों, जलवायु भी सुरक्षित रहता है। उन्होंने बताया कि सभी 30 क्लस्टरों में 3,750 किसानों को लाभान्वित किया जाना है।
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बताया कि प्राकृतिक खेती एक रसायन मुक्त खेती है। इसका उद्देश्य मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार करना और लागत को कम करना है। प्राकृतिक खेती में पशुपालन, कृषि निवेशों जैसे बीजामृत, जीवामृत धन, नीमास्त्र, दशपर्जी आदि पारंपरिक बीजों का प्रयोग और खेतों में बफरजोन में पेड़ी का एक कारण शामिल है। जिले के कुल 3750 किसानों के सापेक्ष 3001 किसानों का कृषि मैपर पर रजिस्ट्रेशन हो चुका है। सभी क्लस्टरों में कृषि सखी का चयन हो चुका है।
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