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Noida News: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पुनर्विकास परियोजना की बदली रणनीति
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अब पहाड़गंज की ओर से शुरू होगा काम, चरणबद्ध तरीके से होगा पूरे स्टेशन का विकास
आरएलडीए ने परियोजना प्रबंधन सलाहकार नियुक्त करने के लिए टेंडर निकाला
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04 लाख लोग रोजाना यात्रा करते हैं
300 ट्रेनें रोजाना आवागमन करती हैं
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए रणनीति में बदलाव किया गया है। योजना को अब चरण चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। सबसे पहले रेलवे स्टेशन के पहाड़गंज की तरफ विकास कार्य शुरू होगा। इसके बाद अन्य परिसरों में काम होगा। इसके लिए रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) ने परियोजना प्रबंधन सलाहकार नियुक्त करने के लिए टेंडर जारी किया है।
इससे पहले 25 मंजिल की गुंबदनुमा इमारत के नीचे प्लेटफार्म व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना थी। अब प्लेटफार्म के ऊपर सिर्फ एक मंजिल और स्टेशन के दोनों तरफ बहुमंजिला इमारत बनाने का प्रस्ताव है। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि पूरे स्टेशन का पुनर्विकास भी अलग-अलग हिस्सों में बांटकर किया जाएगा। पहले चरण में पहाड़गंज स्टेशन की ओर मल्टी-माडल ट्रांसपोर्ट हब (एमएमटीएच) के निर्माण के लिए अनुबंध दिया गया है।
पांच बार निकाला टेंडर, नहीं आया बोलीदाता
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य आरएलडीए को सौंपा गया है। पूरे स्टेशन का विकास करने के लिए आरएलडीए ने पांच बार टेंडर आमंत्रित किया, लेकिन कोई बोलीदाता सामने नहीं आया। ऐसे में अलग-अलग हिस्सों में विकास कार्य शुरू करने की योजना बनाई गई है। पहाड़गंज स्टेशन की ओर मल्टी-माडल ट्रांसपोर्ट हब (एमएमटीएच) का भवन बनेगा। यह रेलवे स्टेशन को भूतल पर सिटी बस सेवा के साथ जोड़ेगा। इससे बस से आने वाले यात्रियों को स्टेशन पहुंचने में सुविधा होगी। इमारत की पांच मंजिलों पर वाहन पार्किंग की सुविधा होगी। शेष नौ मंजिलों का उपयोग रेलवे कार्यालयों के लिए किया जाएगा। इसका निर्माण कार्य दो वर्षों में पूरा करने की लक्ष्य रखा गया है।
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निर्माण कार्य शुरू करने के लिए जल्द शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया
आरएलडीए के अधिकारियों का कहना है कि एलिवेटेड रोड नेटवर्क, मुख्य भवन सहित अन्य हिस्से के निर्माण के लिए जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। नई योजना के तहत ट्रैक के ऊपर का काॅनकोर्स एक मंजिल का होगा। छत से दिन में रोशनी पर्याप्त मिल सकेगी। स्टेशन के चारों ओर एलिवेटेड रोड नेटवर्क से कनाॅट प्लेस में भीड़भाड़ कम करने में मदद मिलेगी। इस परियोजना का लक्ष्य रेलवे स्टेशन को सिटी बस, मेट्रो और एयरपोर्ट एक्सप्रेस मेट्रो के साथ एकीकृत (इंटीग्रेट) कर स्टेशन को आधुनिक, मल्टी-माॅडल ट्रांसपोर्ट हब बनाना है।
1931 में बना था नई दिल्ली रेलवे स्टेशन
पहाड़गंज और अजमेरी गेट के बीच 1926 में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का निर्माण कार्य शुरू हुआ। 1931 में इसका उद्घाटन हुआ था। वर्तमान में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर 16 प्लेटफाॅर्म हैं। नई दिल्ली स्टेशन देश का सबसे ज्यादा भीड़भाड़ वाला स्टेशन है। अधिकारियों के मुताबिक, यहां से रोज औसतन चार लाख यात्री आवागमन करते हैं। रोज करीब तीन सौ ट्रेनें आवागमन करती हैं।
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आरएलडीए ने परियोजना प्रबंधन सलाहकार नियुक्त करने के लिए टेंडर निकाला
04 लाख लोग रोजाना यात्रा करते हैं
300 ट्रेनें रोजाना आवागमन करती हैं
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए रणनीति में बदलाव किया गया है। योजना को अब चरण चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। सबसे पहले रेलवे स्टेशन के पहाड़गंज की तरफ विकास कार्य शुरू होगा। इसके बाद अन्य परिसरों में काम होगा। इसके लिए रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) ने परियोजना प्रबंधन सलाहकार नियुक्त करने के लिए टेंडर जारी किया है।
इससे पहले 25 मंजिल की गुंबदनुमा इमारत के नीचे प्लेटफार्म व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना थी। अब प्लेटफार्म के ऊपर सिर्फ एक मंजिल और स्टेशन के दोनों तरफ बहुमंजिला इमारत बनाने का प्रस्ताव है। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि पूरे स्टेशन का पुनर्विकास भी अलग-अलग हिस्सों में बांटकर किया जाएगा। पहले चरण में पहाड़गंज स्टेशन की ओर मल्टी-माडल ट्रांसपोर्ट हब (एमएमटीएच) के निर्माण के लिए अनुबंध दिया गया है।
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पांच बार निकाला टेंडर, नहीं आया बोलीदाता
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य आरएलडीए को सौंपा गया है। पूरे स्टेशन का विकास करने के लिए आरएलडीए ने पांच बार टेंडर आमंत्रित किया, लेकिन कोई बोलीदाता सामने नहीं आया। ऐसे में अलग-अलग हिस्सों में विकास कार्य शुरू करने की योजना बनाई गई है। पहाड़गंज स्टेशन की ओर मल्टी-माडल ट्रांसपोर्ट हब (एमएमटीएच) का भवन बनेगा। यह रेलवे स्टेशन को भूतल पर सिटी बस सेवा के साथ जोड़ेगा। इससे बस से आने वाले यात्रियों को स्टेशन पहुंचने में सुविधा होगी। इमारत की पांच मंजिलों पर वाहन पार्किंग की सुविधा होगी। शेष नौ मंजिलों का उपयोग रेलवे कार्यालयों के लिए किया जाएगा। इसका निर्माण कार्य दो वर्षों में पूरा करने की लक्ष्य रखा गया है।
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निर्माण कार्य शुरू करने के लिए जल्द शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया
आरएलडीए के अधिकारियों का कहना है कि एलिवेटेड रोड नेटवर्क, मुख्य भवन सहित अन्य हिस्से के निर्माण के लिए जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। नई योजना के तहत ट्रैक के ऊपर का काॅनकोर्स एक मंजिल का होगा। छत से दिन में रोशनी पर्याप्त मिल सकेगी। स्टेशन के चारों ओर एलिवेटेड रोड नेटवर्क से कनाॅट प्लेस में भीड़भाड़ कम करने में मदद मिलेगी। इस परियोजना का लक्ष्य रेलवे स्टेशन को सिटी बस, मेट्रो और एयरपोर्ट एक्सप्रेस मेट्रो के साथ एकीकृत (इंटीग्रेट) कर स्टेशन को आधुनिक, मल्टी-माॅडल ट्रांसपोर्ट हब बनाना है।
1931 में बना था नई दिल्ली रेलवे स्टेशन
पहाड़गंज और अजमेरी गेट के बीच 1926 में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का निर्माण कार्य शुरू हुआ। 1931 में इसका उद्घाटन हुआ था। वर्तमान में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर 16 प्लेटफाॅर्म हैं। नई दिल्ली स्टेशन देश का सबसे ज्यादा भीड़भाड़ वाला स्टेशन है। अधिकारियों के मुताबिक, यहां से रोज औसतन चार लाख यात्री आवागमन करते हैं। रोज करीब तीन सौ ट्रेनें आवागमन करती हैं।