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केंद्र की मंजूरी, ग्रेनो को मिली 5000 करोड़ की जमीन
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ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में उद्योग लगाने वालों को बड़ा मौका मिलने जा रहा है। दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर कार्पोरेशन (डीएमआईसी) की इंटीग्रेटेड टाउनशिप में उद्योगों के लिए भूखंड योजना जल्द लांच होगी। रिसर्च एंड डेवलपमेंट व बायोटेक्नोलॉजी के लिए आरक्षित भूखंड को सामान्य उद्योगों के लिए बेचने पर भारत सरकार से सहमति मिल गई है। इससे 169 एकड़ जमीन मिल गई है। इतनी जमीन पर उद्योग लगने से 5000 करोड़ का निवेश होगा और 10 हजार युवाओं को रोजगार मिलेगा।
डीएमआईसी और प्राधिकरण मिलकर दादरी के पास इंटीग्रेटेड टाउनशिप बसा रहे हैं। इसके लिए दोनों ने मिलकर इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप ग्रेटर नोएडा लिमिटेड (आईआईटीजीएनएल) के नाम से कंपनी भी बनाई है। यही कंपनी इस टाउनशिप को विकसित करके जमीन आवंटित कर रही है। अब तक कंपनी करीब 154 एकड़ जमीन आवंटित कर चुकी है। इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद बनाने वाली हायर कंपनी ने भी इसी टाउनशिप में 100 एकड़ जमीन ली है। इसी टाउनशिप में करीब 169 एकड़ जमीन ऐसी है, जिस पर सिर्फ बायो टेक्नोलॉजी व रिचर्स एंड डेवलपमेंट से जुड़ी इकाइयां ही लग सकती थीं, लेकिन बीते चार साल में इन दोनों क्षेत्र की एक भी कंपनी यहां नहीं आईं। इस वजह से प्राधिकरण ने प्रदेश व केंद्र सरकार के पास प्रस्ताव भेजा कि इस जमीन को सामान्य उद्योगों को आवंटित करने की इजाजत दी जाए। केंद्र सरकार से इस पर अनुमति मिल गई है। अब 169 एकड़ जमीन पर सामान्य उद्योग भी लग सकेंगे।
उद्योगों के लिए जमीन कीमत भी बढ़ी
इंटीग्रेटेड टाउनशिप में उद्योगों की जमीन की कीमत भी बढ़ गई है। हाल ही में आईआईटीजीएनएल की बोर्ड बैठक में इस पर मुहर लग गई है। अब तक यहां 4000 वर्ग मीटर तक के औद्योगिक भूखंडों का रेट 10,790 रुपये प्रति वर्ग मीटर था, जिसे बढ़ाकर अब करीब 16990 कर दिया गया है। रेट बढ़ाने के पीछे यहां के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को बताया गया है। दरअसल, इस टाउनशिप को नोएडा-ग्रेटर नोएडा से भी बेहतर प्लान किया गया है। यहां की सड़कों के लंबे समय तक न टूटने का दावा है। यहां कूड़ाघर नहीं होंगे, बल्कि हर प्लॉट को जोड़ते हुए पाइप बनी होगी, जिसमें कूड़ा डाला जाएगा जो प्लांट तक पहुंच जाएगा। सिर्फ साइकिल या बैटरी संचालित वाहन ही चलेंगे। सभी स्ट्रीट लाइटें सोलर संचालित होंगी। ऐसी तमाम खूबियां है, जिनकी वजह से यहां उद्योगों के लिए जमीन की दर नोएडा-ग्रेटर नोएडा से अधिक तय की गई है।
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टाउनशिप में सामान्य श्रेणी के उद्योग लगाने पर राज्य व केंद्र सरकार से अनुमति मिल चुकी है। 169 एकड़ जमीन मिल गई है। सामान्य उद्योगों के लिए अगले हफ्ते स्कीम लाने की तैयारी है।
- नरेंद्र भूषण, सीईओ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण
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इंटीग्रेटर टाउनशिप में इन कंपनियों ने खरीदी है जमीन
कंपनी का नाम एरिया निवेश रोजगार
हायर अप्लायेंसज 122 3069 3950
सतकृति इंफोटेनमेंट 9.78 235 2000
फोर्मे ट्रेडिंग 3.51 600 100
चेनफेंग टेक 15 206 1100
जे वर्ल्ड इलेक्ट्रॉनिक्स 2.79 100 525
(नोट---एरिया एकड़ में और निवेश करोड़ रुपये में है।)
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डीएमआईसी और प्राधिकरण मिलकर दादरी के पास इंटीग्रेटेड टाउनशिप बसा रहे हैं। इसके लिए दोनों ने मिलकर इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप ग्रेटर नोएडा लिमिटेड (आईआईटीजीएनएल) के नाम से कंपनी भी बनाई है। यही कंपनी इस टाउनशिप को विकसित करके जमीन आवंटित कर रही है। अब तक कंपनी करीब 154 एकड़ जमीन आवंटित कर चुकी है। इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद बनाने वाली हायर कंपनी ने भी इसी टाउनशिप में 100 एकड़ जमीन ली है। इसी टाउनशिप में करीब 169 एकड़ जमीन ऐसी है, जिस पर सिर्फ बायो टेक्नोलॉजी व रिचर्स एंड डेवलपमेंट से जुड़ी इकाइयां ही लग सकती थीं, लेकिन बीते चार साल में इन दोनों क्षेत्र की एक भी कंपनी यहां नहीं आईं। इस वजह से प्राधिकरण ने प्रदेश व केंद्र सरकार के पास प्रस्ताव भेजा कि इस जमीन को सामान्य उद्योगों को आवंटित करने की इजाजत दी जाए। केंद्र सरकार से इस पर अनुमति मिल गई है। अब 169 एकड़ जमीन पर सामान्य उद्योग भी लग सकेंगे।
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उद्योगों के लिए जमीन कीमत भी बढ़ी
इंटीग्रेटेड टाउनशिप में उद्योगों की जमीन की कीमत भी बढ़ गई है। हाल ही में आईआईटीजीएनएल की बोर्ड बैठक में इस पर मुहर लग गई है। अब तक यहां 4000 वर्ग मीटर तक के औद्योगिक भूखंडों का रेट 10,790 रुपये प्रति वर्ग मीटर था, जिसे बढ़ाकर अब करीब 16990 कर दिया गया है। रेट बढ़ाने के पीछे यहां के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को बताया गया है। दरअसल, इस टाउनशिप को नोएडा-ग्रेटर नोएडा से भी बेहतर प्लान किया गया है। यहां की सड़कों के लंबे समय तक न टूटने का दावा है। यहां कूड़ाघर नहीं होंगे, बल्कि हर प्लॉट को जोड़ते हुए पाइप बनी होगी, जिसमें कूड़ा डाला जाएगा जो प्लांट तक पहुंच जाएगा। सिर्फ साइकिल या बैटरी संचालित वाहन ही चलेंगे। सभी स्ट्रीट लाइटें सोलर संचालित होंगी। ऐसी तमाम खूबियां है, जिनकी वजह से यहां उद्योगों के लिए जमीन की दर नोएडा-ग्रेटर नोएडा से अधिक तय की गई है।
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टाउनशिप में सामान्य श्रेणी के उद्योग लगाने पर राज्य व केंद्र सरकार से अनुमति मिल चुकी है। 169 एकड़ जमीन मिल गई है। सामान्य उद्योगों के लिए अगले हफ्ते स्कीम लाने की तैयारी है।
- नरेंद्र भूषण, सीईओ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण
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इंटीग्रेटर टाउनशिप में इन कंपनियों ने खरीदी है जमीन
कंपनी का नाम एरिया निवेश रोजगार
हायर अप्लायेंसज 122 3069 3950
सतकृति इंफोटेनमेंट 9.78 235 2000
फोर्मे ट्रेडिंग 3.51 600 100
चेनफेंग टेक 15 206 1100
जे वर्ल्ड इलेक्ट्रॉनिक्स 2.79 100 525
(नोट---एरिया एकड़ में और निवेश करोड़ रुपये में है।)