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Noida News: रोबोट व मेकाट्रोनिक्स की रिसर्च को बढ़ाएगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
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-दिल्ली नॉलेज डेवलेपमेंट फंड के तहत मिले 8.67 करोड़ रुपये से किया स्थापित
-विवि के अलावा अन्य संस्थानों व विवि के छात्र विभिन्न क्षेत्रों में कर सकते हैं ट्रेनिंग
-ट्रेनिंग के साथ-साथ स्किल प्रोग्राम भी कराए जा सकते हैं आयोजित
-मुख्यमंत्री आतिशी व उपराज्यपाल ने हाल ही में किया था उद्घाघाटन
रश्मि शर्मा
नई दिल्ली। इंदिरा गांधी दिल्ली टेक्निकल महिला विश्वविद्यालय (आईजीडीटीयूडब्लयू) ने रोबोट, मेकाट्रोनिक्स, ऑटोमेशन रिसर्च करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन एडवांस्ड मेकाट्रोनिक्स सिस्टम स्थापित किया गया है। इसके लिए विवि को दिल्ली सरकार के डीटीटीई से दिल्ली नॉलेज डेवलेपमेंट फंड के तहत 8.67 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। इस सेंटर के तहत यूनिवर्सिटी के अलावा अन्य संस्थानों व विश्वविद्यालयों के छात्र विभिन्न क्षेत्रों में रिसर्च व ट्रेनिंग के साथ-साथ स्किल प्रोग्राम भी कर सकते हैं। हाल ही में दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी व उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने इसका उद्घाटन किया था।
इस सेंटर के लिए कुछ माह पहले विवि को फंड का मुख्य हिस्सा प्राप्त हुआ। जिसके बाद इस राशि से तमाम उपकरण खरीद कर इसे पूरी तरह से स्थापित कर दिया गया। इसके लिए पहले फंड का कुछ हिस्सा प्राप्त हो गया था। इस सेंटर में स्पेशलाइज्ड लैब जैसे कैटिया लैब(कंप्यूटर एडेड थ्री.डायमेंशनल इंटरएक्टिव एप्लीकेशन), सीएनसी वर्टिकल मिलिंग सेंटर लैब, इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स लैब, थ्री-डी प्रिंटिंग लैब, मेकाट्रोनिक्स लैब, फैक्टरी ऑटोमेशन लैब को बनाया गया है। इस सेंटर का उद्ेश्य छात्रों को कौशल में व्यावहारिक प्रशिक्षण और विशेषज्ञता प्रदान करके उद्योग और शिक्षा के बीच की खाई को पाटना है। इंडस्ट्री में उत्पाद तैयार करने के लिए जिस तरह की मशीनों का प्रयोग किया जाता है उसी तरह का प्रोटोटाइप मशीनें यहां रखी गई हैं।
विवि के अनुसार इस सेंटर के कारण आसापास के उद्योग इन तकनीकों में अपने कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने और उन्हें कौशल प्रदान करने के लिए हमसे संपर्क करेंगे। इसके अलावा यह सेंटर अनुसंधान और विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा। अधिकारियों के अनुसार, यह केंद्र नवाचार, ज्ञान और कौशल विकास को बढ़ावा देने की हमारी प्रतिबद्धता में एक बड़ा कदम है। यहां इन्हीं तकनीकी क्षेत्रों में कोर्स डवलप किए जा सकते हैं।-- -- -- -- -- -- -- -- -- -
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अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देना लक्ष्य
आईजीडीटीयूडब्ल्यू की कुलपति प्रोफेसर रंजना झा का कहना है कि दिल्ली नॉलेज डेवलपमेंट फंड द्वारा वित्तपोषित उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना के माध्यम से हमारा लक्ष्य उभरती प्रौद्योगिकियों में अत्याधुनिक अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देना है। यह पहल हमारे छात्रों और संकाय को रोबोटिक्स और स्मार्ट सिस्टम में उन्नति करने के लिए सशक्त बनाएगी, जिससे हमारे देश की शैक्षणिक उत्कृष्टता और तकनीकी विकास दोनों में योगदान मिलेगा।
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-विवि के अलावा अन्य संस्थानों व विवि के छात्र विभिन्न क्षेत्रों में कर सकते हैं ट्रेनिंग
-ट्रेनिंग के साथ-साथ स्किल प्रोग्राम भी कराए जा सकते हैं आयोजित
-मुख्यमंत्री आतिशी व उपराज्यपाल ने हाल ही में किया था उद्घाघाटन
रश्मि शर्मा
नई दिल्ली। इंदिरा गांधी दिल्ली टेक्निकल महिला विश्वविद्यालय (आईजीडीटीयूडब्लयू) ने रोबोट, मेकाट्रोनिक्स, ऑटोमेशन रिसर्च करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन एडवांस्ड मेकाट्रोनिक्स सिस्टम स्थापित किया गया है। इसके लिए विवि को दिल्ली सरकार के डीटीटीई से दिल्ली नॉलेज डेवलेपमेंट फंड के तहत 8.67 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। इस सेंटर के तहत यूनिवर्सिटी के अलावा अन्य संस्थानों व विश्वविद्यालयों के छात्र विभिन्न क्षेत्रों में रिसर्च व ट्रेनिंग के साथ-साथ स्किल प्रोग्राम भी कर सकते हैं। हाल ही में दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी व उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने इसका उद्घाटन किया था।
इस सेंटर के लिए कुछ माह पहले विवि को फंड का मुख्य हिस्सा प्राप्त हुआ। जिसके बाद इस राशि से तमाम उपकरण खरीद कर इसे पूरी तरह से स्थापित कर दिया गया। इसके लिए पहले फंड का कुछ हिस्सा प्राप्त हो गया था। इस सेंटर में स्पेशलाइज्ड लैब जैसे कैटिया लैब(कंप्यूटर एडेड थ्री.डायमेंशनल इंटरएक्टिव एप्लीकेशन), सीएनसी वर्टिकल मिलिंग सेंटर लैब, इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स लैब, थ्री-डी प्रिंटिंग लैब, मेकाट्रोनिक्स लैब, फैक्टरी ऑटोमेशन लैब को बनाया गया है। इस सेंटर का उद्ेश्य छात्रों को कौशल में व्यावहारिक प्रशिक्षण और विशेषज्ञता प्रदान करके उद्योग और शिक्षा के बीच की खाई को पाटना है। इंडस्ट्री में उत्पाद तैयार करने के लिए जिस तरह की मशीनों का प्रयोग किया जाता है उसी तरह का प्रोटोटाइप मशीनें यहां रखी गई हैं।
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विवि के अनुसार इस सेंटर के कारण आसापास के उद्योग इन तकनीकों में अपने कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने और उन्हें कौशल प्रदान करने के लिए हमसे संपर्क करेंगे। इसके अलावा यह सेंटर अनुसंधान और विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा। अधिकारियों के अनुसार, यह केंद्र नवाचार, ज्ञान और कौशल विकास को बढ़ावा देने की हमारी प्रतिबद्धता में एक बड़ा कदम है। यहां इन्हीं तकनीकी क्षेत्रों में कोर्स डवलप किए जा सकते हैं।
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अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देना लक्ष्य
आईजीडीटीयूडब्ल्यू की कुलपति प्रोफेसर रंजना झा का कहना है कि दिल्ली नॉलेज डेवलपमेंट फंड द्वारा वित्तपोषित उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना के माध्यम से हमारा लक्ष्य उभरती प्रौद्योगिकियों में अत्याधुनिक अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देना है। यह पहल हमारे छात्रों और संकाय को रोबोटिक्स और स्मार्ट सिस्टम में उन्नति करने के लिए सशक्त बनाएगी, जिससे हमारे देश की शैक्षणिक उत्कृष्टता और तकनीकी विकास दोनों में योगदान मिलेगा।