पुन्हाना/पिनगवां। पुन्हाना और पिनगवां के कई गांवों में शुक्रवार को पैगंबर मोहम्मद साहब का जन्मदिवस ईद-मिलादुन्नबी हर्षोल्लास से मनाया गया। लोगों ने गांव में जुलूस निकालकर जश्न मनाया। बिछौर, मामलीका, पापड़ा, ढ़ाणा और मुंढ़ेता में लोगों ने मोहम्मद साहब की जीवनी पर प्रकाश डाला। मौलाना सहाबुद्दीन कादरी ने बताया कि ईद-मिलादुन्नबी के दिन पैगंबर मोहम्मद साहब का जन्म हुआ था। ईद और बकरीद के अलावा मुस्लिमों का यह एक मुख्य त्योहार है, जिसे ईद-ए-मिलादुन्नबी कहा जाता है। मुसलमानों के लिए यह बेहद खास दिन माना जाता है। इस्लामिक कैलेंडर के तीसरे महीने की 12 तारीख को मनाए जाने वाले इस त्योहार की बहुत अहमियत है। इस दिन लोग जश्न मनाते हैं, मिठाइयां बांटते हैं और जुलूस निकालते हैं।
एडवोकेट सलीम सैय्यद और मुजम्मिल मामलीका ने बताया कि ईद मिलादुन्नबी इस्लाम के इतिहास का सबसे अहम दिन माना जाता है। इस दिन को मनाने की शुरुआत मिस्र से 11वीं सदी में हुई थी। इस मौके पर लोग रात भर जागते हैं और मस्जिदों में मोहम्मद साहब के बताए गए रास्ते और उनके आदर्शों पर चलने की सलाह दी जाती है। इस मौके पर हजरत सदरुद्दीन शाह दरगाह कमेटी के सदर मुन्ना मियां, जेजेपी नेता इकबाल जेलदार, मुस्ताक ठेकेदार, रहीश, डॉ. साबिर, मुजम्मिल मामलीका समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।