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Noida News: हत्यारोपी को पकड़कर तीन लोगों की जान बचाई
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तीनों की हत्या करने के लिए पैरोल जंप की थी
हत्या के लिए सुंदर भाटी गिरोह ने हथियार दिए थे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पुलिस की अपराध शाखा ने हत्यारोपी को पकड़कर तीन लोगों की जान बचाई है। आरोपी मनोज जाटव (34) तीनों की हत्या करने के लिए पैरोल जंप कर गया था। जिन लोगों की ये हत्या करना चाहता था वे हत्या के मामले के गवाह हैं। आरोपी को लगता था कि तीनों की झूठी गवाही से पिता व भाइयों को जेल हो गई। जेल के कारण सदमे से पिता की मौत हो गई। हत्या की वारदात उसने की थी और पिता व भाइयों को फंसाया गया था। आरोपी मनोज को हत्या करने के लिए सुंदर भाटी गिरोह ने हथियार दिए थे। इसके कब्जे से पिस्टल और दो कारतूस बरामद किए गए हैं।
अपराध शाखा के विशेष पुलिस आयुक्त रविंद्र सिंह यादव के अनुसार, हवलदार सुधीर को गुप्त सूचना मिली थी कि पैरोल जंप करने वाला मनोज ईस्ट आजाद नगर, कृष्णा नगर, दिल्ली आएगा। सूचना के बाद एसीपी राजकुमार शाह की देखरेख में इंस्पेक्टर सुनील कुंडू, एसआई पवन मलिक, हवलदार सुधीर व दीपक की विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने यहां घेराबंदी कर नया गांव, उस्मानपुर निवासी मनोज को पकड़ लिया। इसने वर्ष 2016 में मामूली बात पर पड़ोसी की पांच से छह बार चाकू मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में मनोज, पिता व दो भाई गिरफ्तार हुए थे। हाईकोर्ट की हाईपावर कमेटी ने कोविड के कारण वर्ष 2020 में इसे 45 दिन की पैरोल दे दी थी। मनोज अपने केस के गवाह विक्की, सोनू और विक्की के पिता नेपाल सिंह की हत्या करना चाहता था। इसके लिए ये एक वर्ष से घूम रहा था। मनोज की जेल में सुंदर भाटी गिरोह के सदस्य जितेंद्र उर्फ छेन्नू से मुलाकात हुई थी। जेल से बाहर आकर जितेंद्र ने मनोज को अवैध पिस्टल व कारतूस दिए थे। आरोपी मनोज का कहना था कि पड़ोसी उसे चाकू मारने आ रहा था। उसने हाथ से चाकू छीनकर उसे ही मार दिया था। पड़ोसी की हत्या उसने की थी, जबकि इन लोगों की गवाही कारण पिता व दो भाई भी गिरफ्तार हो गए।
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हत्या के लिए सुंदर भाटी गिरोह ने हथियार दिए थे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पुलिस की अपराध शाखा ने हत्यारोपी को पकड़कर तीन लोगों की जान बचाई है। आरोपी मनोज जाटव (34) तीनों की हत्या करने के लिए पैरोल जंप कर गया था। जिन लोगों की ये हत्या करना चाहता था वे हत्या के मामले के गवाह हैं। आरोपी को लगता था कि तीनों की झूठी गवाही से पिता व भाइयों को जेल हो गई। जेल के कारण सदमे से पिता की मौत हो गई। हत्या की वारदात उसने की थी और पिता व भाइयों को फंसाया गया था। आरोपी मनोज को हत्या करने के लिए सुंदर भाटी गिरोह ने हथियार दिए थे। इसके कब्जे से पिस्टल और दो कारतूस बरामद किए गए हैं।
अपराध शाखा के विशेष पुलिस आयुक्त रविंद्र सिंह यादव के अनुसार, हवलदार सुधीर को गुप्त सूचना मिली थी कि पैरोल जंप करने वाला मनोज ईस्ट आजाद नगर, कृष्णा नगर, दिल्ली आएगा। सूचना के बाद एसीपी राजकुमार शाह की देखरेख में इंस्पेक्टर सुनील कुंडू, एसआई पवन मलिक, हवलदार सुधीर व दीपक की विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने यहां घेराबंदी कर नया गांव, उस्मानपुर निवासी मनोज को पकड़ लिया। इसने वर्ष 2016 में मामूली बात पर पड़ोसी की पांच से छह बार चाकू मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में मनोज, पिता व दो भाई गिरफ्तार हुए थे। हाईकोर्ट की हाईपावर कमेटी ने कोविड के कारण वर्ष 2020 में इसे 45 दिन की पैरोल दे दी थी। मनोज अपने केस के गवाह विक्की, सोनू और विक्की के पिता नेपाल सिंह की हत्या करना चाहता था। इसके लिए ये एक वर्ष से घूम रहा था। मनोज की जेल में सुंदर भाटी गिरोह के सदस्य जितेंद्र उर्फ छेन्नू से मुलाकात हुई थी। जेल से बाहर आकर जितेंद्र ने मनोज को अवैध पिस्टल व कारतूस दिए थे। आरोपी मनोज का कहना था कि पड़ोसी उसे चाकू मारने आ रहा था। उसने हाथ से चाकू छीनकर उसे ही मार दिया था। पड़ोसी की हत्या उसने की थी, जबकि इन लोगों की गवाही कारण पिता व दो भाई भी गिरफ्तार हो गए।
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