{"_id":"6286ad07a9336916131e2972","slug":"case-on-two-directors-for-giving-possession-of-flats-without-occupancy-certificate-noida-news-noi649555890","type":"story","status":"publish","title_hn":"अधिभोग प्रमाण पत्र के बिना फ्लैटों का कब्जा देने पर दो निदेशकों पर केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अधिभोग प्रमाण पत्र के बिना फ्लैटों का कब्जा देने पर दो निदेशकों पर केस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर-143 स्थित ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी में बिना अधिभोग प्रमाण पत्र (ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट) के फ्लैट खरीदारों को कब्जा देने पर नोएडा प्राधिकरण ने बिल्डर कंपनी के दो निदेशकों पर केस दर्ज कराया है। नोएडा सेक्टर-142 थाना पुलिस ने नोएडा प्राधिकरण के सहयुक्त वास्तुविद सुमित ग्रोवर की शिकायत जीएसएस प्रोकोन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक लक्ष्मण सिंह और निदेश रमेश राव पर आईपीसी की धारा 285 और 287 के अंतर्गत केस दर्ज कर जांच शुरू की है।
सहयुक्त वास्तुविद सुमित ग्रोवर ने दर्ज कराई गई एफआईआर में कहा है कि ग्रुप हाउसिंग भूखंड आवंटी जीएसएस प्रोकोन प्राइवेट लिमिटेड ने वर्ष 30 दिसंबर 2014 को संपूर्ण योजना में निर्मित पांच टावर के अधिभोग प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था। 20 फरवरी 2015 के पत्र के माध्यम से समायोजन शुल्क एवं अन्य आवश्यक प्रपत्र जमा कराने के लिए आवंटी संस्था को सूचित किया गया था। शुल्क और प्रपत्र जमा कराने के लिए वर्ष 2017 और वर्ष 2019 में नोटिस देकर सूचित किया गया। शुल्क व प्रपत्र जमा नहीं कराने पर अधिभोग प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया। इसके बावजूद आवंटी संस्था ने खरीदों को फ्लैट पर कब्जा दे दिया। अधिभोग प्रमाण पत्र में लिए दमकल विभाग से भी एनओसी लेनी पड़ती है। जिसमें लिफ्ट आदि का निरीक्षण किया जाता है। दमकल विभाग की बिना एनओसी के किसी अप्रिय घटना भी हो सकती है। इसके चलते इस मामले में डीसीपी आदि अधिकारियों को पत्र लिखकर मामले में केस दर्ज करा दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पत्र के आधार पर केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
विज्ञापन
सहयुक्त वास्तुविद सुमित ग्रोवर ने दर्ज कराई गई एफआईआर में कहा है कि ग्रुप हाउसिंग भूखंड आवंटी जीएसएस प्रोकोन प्राइवेट लिमिटेड ने वर्ष 30 दिसंबर 2014 को संपूर्ण योजना में निर्मित पांच टावर के अधिभोग प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था। 20 फरवरी 2015 के पत्र के माध्यम से समायोजन शुल्क एवं अन्य आवश्यक प्रपत्र जमा कराने के लिए आवंटी संस्था को सूचित किया गया था। शुल्क और प्रपत्र जमा कराने के लिए वर्ष 2017 और वर्ष 2019 में नोटिस देकर सूचित किया गया। शुल्क व प्रपत्र जमा नहीं कराने पर अधिभोग प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया। इसके बावजूद आवंटी संस्था ने खरीदों को फ्लैट पर कब्जा दे दिया। अधिभोग प्रमाण पत्र में लिए दमकल विभाग से भी एनओसी लेनी पड़ती है। जिसमें लिफ्ट आदि का निरीक्षण किया जाता है। दमकल विभाग की बिना एनओसी के किसी अप्रिय घटना भी हो सकती है। इसके चलते इस मामले में डीसीपी आदि अधिकारियों को पत्र लिखकर मामले में केस दर्ज करा दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पत्र के आधार पर केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
विज्ञापन