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धान से भरी ट्रॉली में पीछे से घुसी कार, दो की मौत
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नोएडा। एक्सप्रेसवे पर रविवार दोपहर धान से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली में पीछे से एक कार ने टक्कर मार दी। हादसे में कार सवार गेझा निवासी अजय (39) और सोहनपाल सिंह (49) की मौत हो गई। अजय घर पर ही दुकान चलाता था, जबकि सोहनपाल राजमिस्त्री था।
एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि दोपहर 12 बजे अजय ऑल्टो को सर्विस कराने के लिए दोस्त सोहनलाल के साथ निकला था। जब वह नोएडा एक्सप्रेसवे पर चरखा चौराहे के पास पहुंचे तो आगे धान से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली में पीछे से कार घुस गई। इससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जिस तरह से कार क्षतिग्रस्त हुई है उससे रफ्तार तेज होने की आशंका है।
‘दोस्त के साथ ही जीना मरना है’
गांव के एक व्यक्ति के मुताबिक, सोहनलाल अक्सर कहता था कि दोस्त के साथ जीना है तो दोस्त के साथ ही मरना है। ऐसा पता नहीं था कि उसकी कही यह बात ऐसे सच साबित हो जाएगी।
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20 साल पहले गेझा आया था सोहनपाल
अजय गेझा गांव का ही मूल निवासी था और उसके दो बच्चे हैं, जबकि सोहनपाल मुरादनगर स्थित जलालाबाद गांव का निवासी था। सोहनपाल करीब 20 साल से गेझा में रह रहा था। दो साल पहले उसकी पत्नी की मौत हो गई थी। वह राजमिस्त्री का काम करके बच्चों का पालन कर रहा था। दोनों परिवारों का एक-दूसरे के घर काफी आना-जाना था। गांव के गौतम अवाना ने बताया कि घटना के बाद से माहौल गमगीन है। दोनों की उम्र में भले ही फर्क रहा हो, लेकिन उनमें गहरी दोस्ती थी।
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एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि दोपहर 12 बजे अजय ऑल्टो को सर्विस कराने के लिए दोस्त सोहनलाल के साथ निकला था। जब वह नोएडा एक्सप्रेसवे पर चरखा चौराहे के पास पहुंचे तो आगे धान से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली में पीछे से कार घुस गई। इससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जिस तरह से कार क्षतिग्रस्त हुई है उससे रफ्तार तेज होने की आशंका है।
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‘दोस्त के साथ ही जीना मरना है’
गांव के एक व्यक्ति के मुताबिक, सोहनलाल अक्सर कहता था कि दोस्त के साथ जीना है तो दोस्त के साथ ही मरना है। ऐसा पता नहीं था कि उसकी कही यह बात ऐसे सच साबित हो जाएगी।
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20 साल पहले गेझा आया था सोहनपाल
अजय गेझा गांव का ही मूल निवासी था और उसके दो बच्चे हैं, जबकि सोहनपाल मुरादनगर स्थित जलालाबाद गांव का निवासी था। सोहनपाल करीब 20 साल से गेझा में रह रहा था। दो साल पहले उसकी पत्नी की मौत हो गई थी। वह राजमिस्त्री का काम करके बच्चों का पालन कर रहा था। दोनों परिवारों का एक-दूसरे के घर काफी आना-जाना था। गांव के गौतम अवाना ने बताया कि घटना के बाद से माहौल गमगीन है। दोनों की उम्र में भले ही फर्क रहा हो, लेकिन उनमें गहरी दोस्ती थी।