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कार चालक ने ही रची 55 लाख लूट की साजिश, भाई-दोस्त समेत गिरफ्तार
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सूरजपुर थाना पुलिस की हिरासत में आरोपी व बरामद सामान की जानकारी देते पुलिस के अधिकारी।
- फोटो : Grnoida
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर-143 स्थित एडवांट बिल्डिंग के पास मंगलवार शाम कार चालक से 55 लाख रुपये लूट का पुलिस ने खुलासा कर दिया। जांच में खुलासा हुआ कि चालक ने ही लूट की साजिश रची थी। वहीं, भाई व उसके दोस्त के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देकर पुलिस को झूठी सूचना दी थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर रकम भी बरामद कर ली है। पुलिस ने बताया कि आर्थिक स्थिति खराब और कर्ज होने के कारण आरोपियों ने साजिश रची थी। डीसीपी सेंट्रल नोएडा हरीश चंदर ने बताया कि वृंदा सिटी सोसाइटी निवासी विधु गुप्ता की साइट-5 में प्रिज्म होलोग्रॉफिक एंड सिक्योरिटी कंपनी है।
उन्होंने मंगलवार शाम साढ़े चार बजे चालक राजेश को 55 लाख रुपये देकर दिल्ली के कनॉट प्लेस में एक कारोबारी के पास भेजा था। कारोबारी के नहीं मिलने पर उन्होंने करीब छह बजे चालक को वापस आने के लिए कहा। रात 8 बजे तक चालक के नहीं लौटने पर उन्होंने कॉल की, लेकिन राजेश ने फोन नहीं उठाया। इस पर उन्होंने राजेश के भाई अमित को कॉल की। कुछ देर बाद अमित ने कॉल कर बताया कि राजेश लूट हो गई है और वह एडवांट बिल्डिंग के पास एक नाले में बंधा पड़ा है। विधु गुप्ता ने तुरंत पुलिस अधिकारियों को सूचना दी और स्वयं वहां पहुंचे। उन्होंने देखा कि राजेश के हाथ-पैर बंधे थे। पुलिस ने पूछताछ की तो राजेश ने बताया कि एक ईको स्पोर्ट्स कार ने ओवरटेक कर रोक लिया और हथियार के बल पर बंधक बनाकर 55 लाख लूट लिए।
कॉल डिटेल से हुआ मामले का खुलासा
पुलिस पूछताछ और कॉल डिटेल से मामले का खुलासा हो गया। राजेश ने बताया कि रकम मिलते ही उसने अपने दोस्त रॉकी और भाई अमित को जानकारी देकर फर्जी लूट की साजिश रची। प्लान के मुताबिक, ईको स्पोर्ट्स कार उसकी गाड़ी के पीछे-पीछे चल रही थी। रास्ते में उन्होंने लूट दिखाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस की गाड़ी आसपास देखकर आगे बढ़ गए। वापसी में सेक्टर-143 के पास रॉकी ने ओवरटेक कर राजेश को रोक लिया। राजेश ने दिखावा करते हुए 55 लाख रुपये मर्जी से दे दिए। इसके बाद अमित ने राजेश के हाथ-पैर बांधें और सूखे नाले में डाल दिया। अमित 55 लाख रुपये लेकर रवाना हो गया। पुलिस ने सीसीटीवी खंगाली तो अमित रकम ले जाता दिखाई दिया। पुलिस ने बिलासपुर के अस्तौली निवासी राजेश, उसके भाई अमित व दोस्त रॉकी को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 55 लाख रुपये, ईको कार, तमंचा, दो चाकू व फर्जी आधार कार्ड बरामद किया है। अपर पुलिस आयुक्त लव कुमार ने टीम को 50 हजार का पुरस्कार दिया है। एडिशनल डीसीपी अंकुर अग्रवाल व एसीपी पीपी सिंह की भूमिका अहम रही।
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चार माह में ही बन गया था भरोसेमंद
ग्रेटर नोएडा निवासी विधु गुप्ता ने बताया कि राजेश का भाई अमित पिछले छह वर्षों से उनके घर में दूध पहुंचाता है। तीन वर्ष पहले भी उन्होंने राजेश को चालक के रूप में रखा था। फिर उसकी कहीं और नौकरी लगी तो वह चला गया था। दोबारा से उसकी हालत तंग थी तो अमित ने चार माह पहले विधु की पत्नी से मिन्नत कर राजेश को दोबारा नौकरी दिलाई थी। चार माह में भी राजेश ने सभी भरोसा जीत लिया था।
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उन्होंने मंगलवार शाम साढ़े चार बजे चालक राजेश को 55 लाख रुपये देकर दिल्ली के कनॉट प्लेस में एक कारोबारी के पास भेजा था। कारोबारी के नहीं मिलने पर उन्होंने करीब छह बजे चालक को वापस आने के लिए कहा। रात 8 बजे तक चालक के नहीं लौटने पर उन्होंने कॉल की, लेकिन राजेश ने फोन नहीं उठाया। इस पर उन्होंने राजेश के भाई अमित को कॉल की। कुछ देर बाद अमित ने कॉल कर बताया कि राजेश लूट हो गई है और वह एडवांट बिल्डिंग के पास एक नाले में बंधा पड़ा है। विधु गुप्ता ने तुरंत पुलिस अधिकारियों को सूचना दी और स्वयं वहां पहुंचे। उन्होंने देखा कि राजेश के हाथ-पैर बंधे थे। पुलिस ने पूछताछ की तो राजेश ने बताया कि एक ईको स्पोर्ट्स कार ने ओवरटेक कर रोक लिया और हथियार के बल पर बंधक बनाकर 55 लाख लूट लिए।
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कॉल डिटेल से हुआ मामले का खुलासा
पुलिस पूछताछ और कॉल डिटेल से मामले का खुलासा हो गया। राजेश ने बताया कि रकम मिलते ही उसने अपने दोस्त रॉकी और भाई अमित को जानकारी देकर फर्जी लूट की साजिश रची। प्लान के मुताबिक, ईको स्पोर्ट्स कार उसकी गाड़ी के पीछे-पीछे चल रही थी। रास्ते में उन्होंने लूट दिखाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस की गाड़ी आसपास देखकर आगे बढ़ गए। वापसी में सेक्टर-143 के पास रॉकी ने ओवरटेक कर राजेश को रोक लिया। राजेश ने दिखावा करते हुए 55 लाख रुपये मर्जी से दे दिए। इसके बाद अमित ने राजेश के हाथ-पैर बांधें और सूखे नाले में डाल दिया। अमित 55 लाख रुपये लेकर रवाना हो गया। पुलिस ने सीसीटीवी खंगाली तो अमित रकम ले जाता दिखाई दिया। पुलिस ने बिलासपुर के अस्तौली निवासी राजेश, उसके भाई अमित व दोस्त रॉकी को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 55 लाख रुपये, ईको कार, तमंचा, दो चाकू व फर्जी आधार कार्ड बरामद किया है। अपर पुलिस आयुक्त लव कुमार ने टीम को 50 हजार का पुरस्कार दिया है। एडिशनल डीसीपी अंकुर अग्रवाल व एसीपी पीपी सिंह की भूमिका अहम रही।
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चार माह में ही बन गया था भरोसेमंद
ग्रेटर नोएडा निवासी विधु गुप्ता ने बताया कि राजेश का भाई अमित पिछले छह वर्षों से उनके घर में दूध पहुंचाता है। तीन वर्ष पहले भी उन्होंने राजेश को चालक के रूप में रखा था। फिर उसकी कहीं और नौकरी लगी तो वह चला गया था। दोबारा से उसकी हालत तंग थी तो अमित ने चार माह पहले विधु की पत्नी से मिन्नत कर राजेश को दोबारा नौकरी दिलाई थी। चार माह में भी राजेश ने सभी भरोसा जीत लिया था।