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ओवरलोड डंपर से टकराई गाड़ी, धार्मिक यात्रा पर निकलीं चार महिलाओं समेत पांच की मौत
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हादसे में क्षतिग्रस्त वाहन। अमर उजाला
- फोटो : Grnoida
जेवर। यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को नोएडा लौट रहे एक ही परिवार के सात लोगों की मौत के बाद अब बृहस्पतिवार को एक हादसे में धार्मिक यात्रा पर निकले पांच लोगों की मौत हो गई। जेवर टोल प्लाजा के समीप बृहस्पतिवार सुबह गिट्टी से भरे ओवरलोड डंपर के चालक ने अचानक ब्रेक लगा दी। इस कारण पीछे आ रही बोलेरो गाड़ी उससे टकरा गई। हादसे में बोलेरो सवार चार महिलाओं समेत पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लोगों की हालत गंभीर है। सभी लोग पुणे से तीर्थ यात्रा पर निकले थे और उज्जैन महाकालेश्वर, मथुरा-वृंदावन के दर्शन करने के बाद बद्रीनाथ-केदारनाथ जाने के लिए दिल्ली जा रहे थे।
पुलिस के अनुसार, 58 तीर्थ यात्रियों का एक दल पुणे से धार्मिक यात्रा पर निकला था। एक बोलेरो में सात लोग और बाकी बस में सवार थे। श्रद्धालु बृहस्पतिवार सुबह चार बजे वृंदावन से केदारनाथ-बद्रीनाथ जाने लिए निकले थे। सुबह पांच बजे यमुना एक्सप्रेसवे के जेवर टोल प्लाजा के पास पत्थर की गिट्टी से भरे ओवरलोड डंपर में बोलेरो पीछे से जाकर टकरा गई। हादसा इतना जबरदस्त था कि बोलेरो में सवार सात लोग बुरी तरह फंस गए। पीछे से आ रही श्रद्धालुओं की बस में सवार लोगों ने हादसे को देखकर गाड़ी को पहचाना और पुलिस व एक्सप्रेसवे के निजी सुरक्षाकर्मियों को सूचना दी।
पुलिस व निजी सुरक्षाकर्मियों ने सातों लोगों को किसी तरह बाहर निकालते हुए जेवर के कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया। यहां डॉक्टरों ने बारामती पुणे निवासी चंद्रकांत नारायण बुराडे (60) व पत्नी स्वर्णा चंद्रकांत बुराड़े (59), मालान विश्वनाथ कुंभार (68), रंजना भारत पवार (60) और हिरेकुड़ी बेलगांव चिकोड़ी कर्नाटक निवासी नुवंजन मुजावर (53) को मृत घोषित कर दिया।
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वहीं, बोलेरो के चालक गांव नोडल तहसील फरहान जिला सतारा महाराष्ट्र निवासी नारायण रामचंद्र कोलेकर व हिरेकुड़ी बेलगांव चिकोड़ी कर्नाटक निवासी सुनीता राज (35) का गंभीर हालत में इलाज चल रहा है। पुलिस ने सतारा जिले के लोंलद थाना क्षेत्र के नौदल गांव निवासी सत्यवान देवदास जाधव की शिकायत पर मुकदमा दर्ज करते हुए डंपर को कब्जे में ले लिया, जबकि चालक की तलाश की जा रही है।
बस में सवार श्रद्धालु इधर-उधर भटकते रहे
दोपहर बाद तक बस में सवार अन्य श्रद्धालु इधर-उधर भटकते रहे। कुछ ने बताया कि दिल्ली में कुछ मुख्य जगहों पर घूमने के बाद शाम को कुरुक्षेत्र में रुकने की योजना थी। इसके बाद मां वैष्णो देवी के दर्शन और बद्रीनाथ-केदारनाथ होते हुए हरिद्वार, अयोध्या और वाराणसी में धार्मिक स्थलों के दर्शन करने थे, लेकिन हादसे से गमगीन कर दिया है।
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पुलिस के अनुसार, 58 तीर्थ यात्रियों का एक दल पुणे से धार्मिक यात्रा पर निकला था। एक बोलेरो में सात लोग और बाकी बस में सवार थे। श्रद्धालु बृहस्पतिवार सुबह चार बजे वृंदावन से केदारनाथ-बद्रीनाथ जाने लिए निकले थे। सुबह पांच बजे यमुना एक्सप्रेसवे के जेवर टोल प्लाजा के पास पत्थर की गिट्टी से भरे ओवरलोड डंपर में बोलेरो पीछे से जाकर टकरा गई। हादसा इतना जबरदस्त था कि बोलेरो में सवार सात लोग बुरी तरह फंस गए। पीछे से आ रही श्रद्धालुओं की बस में सवार लोगों ने हादसे को देखकर गाड़ी को पहचाना और पुलिस व एक्सप्रेसवे के निजी सुरक्षाकर्मियों को सूचना दी।
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पुलिस व निजी सुरक्षाकर्मियों ने सातों लोगों को किसी तरह बाहर निकालते हुए जेवर के कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया। यहां डॉक्टरों ने बारामती पुणे निवासी चंद्रकांत नारायण बुराडे (60) व पत्नी स्वर्णा चंद्रकांत बुराड़े (59), मालान विश्वनाथ कुंभार (68), रंजना भारत पवार (60) और हिरेकुड़ी बेलगांव चिकोड़ी कर्नाटक निवासी नुवंजन मुजावर (53) को मृत घोषित कर दिया।
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वहीं, बोलेरो के चालक गांव नोडल तहसील फरहान जिला सतारा महाराष्ट्र निवासी नारायण रामचंद्र कोलेकर व हिरेकुड़ी बेलगांव चिकोड़ी कर्नाटक निवासी सुनीता राज (35) का गंभीर हालत में इलाज चल रहा है। पुलिस ने सतारा जिले के लोंलद थाना क्षेत्र के नौदल गांव निवासी सत्यवान देवदास जाधव की शिकायत पर मुकदमा दर्ज करते हुए डंपर को कब्जे में ले लिया, जबकि चालक की तलाश की जा रही है।
बस में सवार श्रद्धालु इधर-उधर भटकते रहे
दोपहर बाद तक बस में सवार अन्य श्रद्धालु इधर-उधर भटकते रहे। कुछ ने बताया कि दिल्ली में कुछ मुख्य जगहों पर घूमने के बाद शाम को कुरुक्षेत्र में रुकने की योजना थी। इसके बाद मां वैष्णो देवी के दर्शन और बद्रीनाथ-केदारनाथ होते हुए हरिद्वार, अयोध्या और वाराणसी में धार्मिक स्थलों के दर्शन करने थे, लेकिन हादसे से गमगीन कर दिया है।