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कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर मनाई लोहड़ी
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कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर मनाई लोहड़ी
पुन्हाना। तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग लेकर हरियाणा-राजस्थान के सुनहेड़ा बॉर्डर पर धरने पर बैठे किसानों ने लोहड़ी में इनकी प्रतियां जलाकर विरोध जताया। उनका कहना है कि मर जाएंगे, लेकिन तीनों काले कानून वापस होने तक धरने से नहीं उठेंगे। धरने के दूसरे दिन भी उन्होंने जमकर भड़ास निकाली।
धरने में राजस्थान से आऐ किसान बलकार सिंह सेसन, अकबर खान, नूंह बार के एडवोकेट ताहिर हुसैन ने कहा कि लोहड़ी मनाने के साथ सरकार के तीनों कृषि कानूनों को जलाकर किसानों ने विरोध जता दिया है। सरकार को हठधर्मी छोड़कर तीनों कृषि कानून वापस लेने चाहिए। किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार ने उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए उनसे मशविरा किए बगैर ये कानून बनाए हैं, जिन्हें किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
किसानों ने कहा कि एक-दो दिन में ही मेवात का यह धरना सिंघु बॉर्डर की तरह विशाल हो जाएगा। इसमें राजस्थान से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर हजारों किसान आएंगे। सरकार उद्योगपतियों के दबाव में हठधर्मी कर रही है। किसानों ने कानूनों की मांग ही नहीं की तो फिर सरकार जबरन क्यों ये कानून थोप रही है। उन्होंने कहा कि तीनों कानून वापस होने तक वे मोर्चे पर डटे रहेंगे और क्षेत्र के किसानों को जागरूक करेंगे। उन्होंने केंद्र व हरियाणा सरकार को चेताया कि किसानों के सब्र का इम्तिहान न लें। यह सौदा उनको महंगा पड़ेगा।
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उन्होंने कहा कि डेढ़ महीने से किसान दिल्ली के आसपास और अब मेवात में बैठकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार घमंड में मनमानी पर तुली है। इस दौरान रशीद अहमद, सद्दीक मेव, रमजान खान, बलकार सिंह, गुरुदेव सिंह, समय सिंह एडवोकेट, आजाद, अकबर खानव ताहिर हुसैन आदि मौजूद रहे। उधर, नूंह खंड के गांव घासेड़ा में बुधवार देर शाम संयुक्त किसान मोर्चा के नेता रमजान चौधरी के नेतृत्व में दर्जनों किसानों ने होली चौक पर कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर रोष प्रकट किया। इस दौरान दर्जनों लोग मौजूद रहे।
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पुन्हाना। तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग लेकर हरियाणा-राजस्थान के सुनहेड़ा बॉर्डर पर धरने पर बैठे किसानों ने लोहड़ी में इनकी प्रतियां जलाकर विरोध जताया। उनका कहना है कि मर जाएंगे, लेकिन तीनों काले कानून वापस होने तक धरने से नहीं उठेंगे। धरने के दूसरे दिन भी उन्होंने जमकर भड़ास निकाली।
धरने में राजस्थान से आऐ किसान बलकार सिंह सेसन, अकबर खान, नूंह बार के एडवोकेट ताहिर हुसैन ने कहा कि लोहड़ी मनाने के साथ सरकार के तीनों कृषि कानूनों को जलाकर किसानों ने विरोध जता दिया है। सरकार को हठधर्मी छोड़कर तीनों कृषि कानून वापस लेने चाहिए। किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार ने उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए उनसे मशविरा किए बगैर ये कानून बनाए हैं, जिन्हें किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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किसानों ने कहा कि एक-दो दिन में ही मेवात का यह धरना सिंघु बॉर्डर की तरह विशाल हो जाएगा। इसमें राजस्थान से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर हजारों किसान आएंगे। सरकार उद्योगपतियों के दबाव में हठधर्मी कर रही है। किसानों ने कानूनों की मांग ही नहीं की तो फिर सरकार जबरन क्यों ये कानून थोप रही है। उन्होंने कहा कि तीनों कानून वापस होने तक वे मोर्चे पर डटे रहेंगे और क्षेत्र के किसानों को जागरूक करेंगे। उन्होंने केंद्र व हरियाणा सरकार को चेताया कि किसानों के सब्र का इम्तिहान न लें। यह सौदा उनको महंगा पड़ेगा।
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उन्होंने कहा कि डेढ़ महीने से किसान दिल्ली के आसपास और अब मेवात में बैठकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार घमंड में मनमानी पर तुली है। इस दौरान रशीद अहमद, सद्दीक मेव, रमजान खान, बलकार सिंह, गुरुदेव सिंह, समय सिंह एडवोकेट, आजाद, अकबर खानव ताहिर हुसैन आदि मौजूद रहे। उधर, नूंह खंड के गांव घासेड़ा में बुधवार देर शाम संयुक्त किसान मोर्चा के नेता रमजान चौधरी के नेतृत्व में दर्जनों किसानों ने होली चौक पर कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर रोष प्रकट किया। इस दौरान दर्जनों लोग मौजूद रहे।