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Noida News: यमुना डूब क्षेत्र में अवैध फार्म हाउसों पर चलेगा बुलडोजर

Tue, 16 Jun 2026 08:41 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 16 Jun 2026 08:41 PM IST
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Bulldozers to raze illegal farmhouses in the Yamuna floodplain.
- सीईओ के सख्त निर्देश, कार्रवाई नहीं होने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर गिरेगी गाज
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माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। यमुना और हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में अवैध रूप से बने फार्म हाउस, पक्के मकान और रिसॉर्टनुमा ढांचों के खिलाफ नोएडा प्राधिकरण एक बार फिर बड़े अभियान की तैयारी में जुट गया है। प्राधिकरण के सीईओ कृष्ण करुणेश ने एसीईओ सतीश पाल को योजना बनाकर अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि संबंधित क्षेत्रों में अवैध निर्माण जारी रहे या समय पर कार्रवाई न हो तो संबंधित वर्क सर्कल प्रभारी और वरिष्ठ प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

प्राधिकरण के अनुसार यमुना और हिंडन का डूब क्षेत्र संवेदनशील क्षेत्र है, जहां किसी भी प्रकार के स्थायी निर्माण की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद पिछले कुछ वर्षों में यहां बड़ी संख्या में अवैध फार्म हाउस, पक्के मकान, रिसॉर्ट और स्विमिंग पूल तक विकसित कर दिए गए हैं। मंगलवार को हुई समीक्षा बैठक में सीईओ ने निर्माणाधीन और पहले से बने सभी अवैध ढांचों की पहचान कर उन्हें हटाने के निर्देश दिए। अधिकारियों को चार दिन के भीतर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। यमुना नदी नोएडा के सेक्टर-94, 124, 125, 127, 128, 131, 133, 134, 135, 150 और 168 के आसपास से गुजरती है, जबकि हिंडन नदी छिजारसी से प्रवेश कर सेक्टर-63ए, बहलोलपुर, शहदरा, सुथियाना, गढ़ी चौखंडी, सेक्टर-123, 118, 115, 143, 143ए, 148 और 150 होते हुए मोमनाथल के पास से बहती हुई यमुना में मिलती है। इन क्षेत्रों में लगातार अवैध निर्माण बढ़ रहे हैं।
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जलस्तर बढ़ने पर जलभराव की चपेट में आ जाते हैं -
प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान यमुना का जलस्तर बढ़ने पर डूब क्षेत्र में बने फार्म हाउस जलभराव की चपेट में आ जाते हैं। ऐसे में वहां रहने वाले श्रमिकों, माली और गोवंश को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की जिम्मेदारी भी प्राधिकरण को निभानी पड़ती है। इसके लिए अस्थायी शिविर और भोजन की व्यवस्था भी करनी पड़ती है। इसी कारण डूब क्षेत्र में अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई को जरूरी माना जा रहा है।
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