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Noida News: उपभोक्ता आयोग परिसर में अवैध निर्माण पर चलेगा बुलडोजर

Sun, 24 May 2026 07:15 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 24 May 2026 07:15 PM IST
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Bulldozer will be used on illegal construction in the Consumer Commission premises
- ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने पुलिस कमिश्नर और डीएम को लिखा पत्र, मांगा पुलिस बल
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग परिसर में अवैध निर्माण पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाया है। प्राधिकरण अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाएगा। इसके लिए प्राधिकरण ने पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी को पत्र भेजकर सहयोग मांगा है। पुलिस बल मिलने के बाद अवैध निर्माण को तोड़ा जाएगा। प्राधिकरण का कहना है कि निर्माण कार्य बिना स्वीकृत मानचित्र और आवश्यक अनुमति के कराया जा रहा है जो उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास अधिनियम का उल्लंघन है।
प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी लक्ष्मी वीएस ने पुलिस कमिश्नर और डीएम को लिखे पत्र में जानकारी दी है कि 7 मई को जनसुनवाई के दौरान गांव सूरजपुर निवासी देवेंद्र सिंह कटारिया ने शिकायत दर्ज कराई थी। प्राधिकरण की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग परिसर स्थित अधिगृहीत और कब्जा प्राप्त भूमि पर बहुमंजिला निर्माण कराया जा रहा है। स्थल पर मौजूद लोगों ने अधिकारियों को बताया कि निर्माण कार्य बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज कुमार भाटी और सचिव शोभाराम चंदीला की ओर से कराया जा रहा है।
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प्राधिकरण ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बार एसोसिएशन अध्यक्ष को नोटिस भेजकर स्वीकृत मानचित्र, स्ट्रक्चरल डिजाइन और आयोग की अनापत्ति प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। प्राधिकरण का दावा है कि संबंधित दस्तावेज न तो ऑनलाइन और न ही हार्ड कॉपी के रूप में कार्यालय में जमा पाए गए। जबकि मनोज भाटी की ओर से लिखित रूप में यह दावा किया गया था कि स्वीकृत मानचित्र और स्ट्रक्चरल डिजाइन जमा करा दिए गए हैं। जांच में इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। किसी प्रकार की रसीद या अभिलेख भी उपलब्ध नहीं कराए गए।
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इस पूरे मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष की ओर से भी 8 मई को जिलाधिकारी को पत्र भेजा गया था। पत्र में कहा गया कि जिला न्यायालय की बाउंड्रीवाल और आयोग भवन के बीच खाली पड़ी भूमि पर कुछ लोगों ने जबरन निर्माण शुरू कर दिया है। आयोग की ओर से स्पष्ट किया गया कि निर्माण के लिए न तो कोई अनुमति दी गई और न ही कोई प्रस्ताव लंबित है। आयोग ने यह भी कहा कि निर्माण सामग्री लाने और निर्माण कार्य के कारण न्यायिक कार्य प्रभावित हो रहा है। आयोग अध्यक्ष ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि उक्त भूमि पर वर्ष में राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की बेंच स्थापना के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है। ऐसे में भूमि का उपयोग किसी अन्य निर्माण के लिए नहीं किया जा सकता।
प्राधिकरण ने 19 मई को निर्माण कार्य रोकने का नोटिस जारी किया था, लेकिन इसके बावजूद निर्माण जारी रहा। इसके बाद 20 मई को विशेष कार्याधिकारी (भूलेख) की ओर से सात दिन के भीतर निर्माण हटाने और स्थल को मूल स्थिति में बहाल करने का अंतिम नोटिस जारी किया गया। चेतावनी दी गई कि आदेश का पालन नहीं होने पर प्राधिकरण स्वयं ध्वस्तीकरण करेगा और खर्च संबंधित निर्माणकर्ताओं से वसूला जाएगा।

वहीं बार एसोसिएशन पदाधिकारियों की ओर से 22 मई को भेजे गए पत्र में दावा किया गया कि स्थल पर केवल चेंबर रिनोवेशन कार्य कराया जा रहा है और स्वीकृत मानचित्र मौके पर दिखाया गया था। हालांकि, प्राधिकरण ने इस दावे को भी खारिज करते हुए कहा कि कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया।
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