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Noida News: आवासीय योजना निरस्त होने पर ब्याज सहित जमा पैसा लौटाए बिल्डर
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जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने सुनाया फैसला
आवंटी ने जेपी एसोसिएटस की योजना में फ्लैट बुक कराया था
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। आवासीय योजना निरस्त होने पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बिल्डर को आवंटी को 6 फीसदी ब्याज के साथ जमा पैसा 3 लाख रुपये 30 दिन में लौटाने का आदेश दिया। साथ ही पांच हजार रुपये मानसिक संताप और वाद व्यय के एक हजार रुपये का भी भुगतान करना होगा।
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर चाई-1 निवासी प्राचीश मिश्रा ने जेपी एसोसिएटस की आवासीय योजना में फ्लैट बुक कराया था। 29 नवंबर, 2010 को बिल्डर ने बुकिंग की पुष्टि करते हुए पत्र भेजा था। आवंटी की ओर से तीन लाख रुपये का भुगतान किया गया था। बाद में बुकिंग करने का पत्र भी मिला था और उसमें कहा गया कि इसका कमीशन भी उनको मिलेगा, लेकिन योजना के निरस्त होने पर बिल्डर अपनी जिम्मेदारी से मुकर गया। उन्होंने अपनी जमा राशि बिल्डर से वापस मांगी, लेकिन बिल्डर ने पैसा नहीं लौटाया। उन्होंने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में केस दायर किया। सुनवाई के दौरान आयोग ने बिल्डर को नोटिस जारी किया, इसके बावजूद बिल्डर ने अपना पक्ष नहीं रखा। इस पर आयोग ने एकपक्षीय सुनवाई की और कहा कि बिल्डर ने सेवा में कमी की है, इसलिए जमा राशि 3 लाख रुपये 6 फीसदी ब्याज के साथ 30 दिन में लौटाने का आदेश दिया है।
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आवंटी ने जेपी एसोसिएटस की योजना में फ्लैट बुक कराया था
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। आवासीय योजना निरस्त होने पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बिल्डर को आवंटी को 6 फीसदी ब्याज के साथ जमा पैसा 3 लाख रुपये 30 दिन में लौटाने का आदेश दिया। साथ ही पांच हजार रुपये मानसिक संताप और वाद व्यय के एक हजार रुपये का भी भुगतान करना होगा।
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर चाई-1 निवासी प्राचीश मिश्रा ने जेपी एसोसिएटस की आवासीय योजना में फ्लैट बुक कराया था। 29 नवंबर, 2010 को बिल्डर ने बुकिंग की पुष्टि करते हुए पत्र भेजा था। आवंटी की ओर से तीन लाख रुपये का भुगतान किया गया था। बाद में बुकिंग करने का पत्र भी मिला था और उसमें कहा गया कि इसका कमीशन भी उनको मिलेगा, लेकिन योजना के निरस्त होने पर बिल्डर अपनी जिम्मेदारी से मुकर गया। उन्होंने अपनी जमा राशि बिल्डर से वापस मांगी, लेकिन बिल्डर ने पैसा नहीं लौटाया। उन्होंने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में केस दायर किया। सुनवाई के दौरान आयोग ने बिल्डर को नोटिस जारी किया, इसके बावजूद बिल्डर ने अपना पक्ष नहीं रखा। इस पर आयोग ने एकपक्षीय सुनवाई की और कहा कि बिल्डर ने सेवा में कमी की है, इसलिए जमा राशि 3 लाख रुपये 6 फीसदी ब्याज के साथ 30 दिन में लौटाने का आदेश दिया है।
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