फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Builder insolvent... authority silent, where to go buyer now

बिल्डर दिवालिया...प्राधिकरण खामोश, अब कहां जाएं खरीदार

Sat, 03 Sep 2022 01:18 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 03 Sep 2022 01:18 AM IST
विज्ञापन
Builder insolvent... authority silent, where to go buyer now
नोएडा। जिले में बिल्डर परियोजनाओं का हाल बेहाल है। परियोजनाओं के फंसने की एक वजह बिल्डरों के ऊपर दिवालिया प्रक्रिया का चलना है। ऐसे में फ्लैट खरीदारों के पास कोई विकल्प नहीं बचा। वहीं, प्राधिकरण इस मामले में खामोश हैं। अगर पहले ही ठोस कदम उठाए गए होते तो परियोजनाओं को उबारा जा सकता था।
विज्ञापन

दरअसल, आम्रपाली की परियोजनाओं के ऊपर दिवालिया प्रक्रिया चलने के साथ ही नोएडा-ग्रेटर नोएडा की बिल्डर परियोजनाओं के बुरू दिन की शुरूआत हो गई। आम्रपाली के निदेशक को जेल जाना पड़ा और नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में दिवालिया प्रक्रिया पर सुनवाई हुई। इस मामले की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट की ओर से नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनबीसीसी) को आम्रपाली परियोजना को पूरा करने का आदेश मिला लेकिन आलम यह है कि एनबीसीसी का काम भी लेटलतीफी का शिकार रहा। हालांकि कुछ खरीदारों की रजिस्ट्री हुई है। इस परियोजना में नोएडा-ग्रेटर नोएडा के 40 हजार फ्लैट खरीदार फंसे हुए हैं। कुछ लोगों को फ्लैट पर कब्जा मिला है तो कुछ की रजिस्ट्री हुई है। ग्रेटर नोएडा में अभी भी आम्रपाली के कई प्रोजेक्ट अधूरे पड़े हैं।
विज्ञापन

जेपी के 22 हजार फ्लैट खरीदार भटक रहे
सेक्टर-128 में जेपी इंफ्राटेक के करीब 22 हजार फ्लैट खरीदार फ्लैट पर कब्जे के लिए भटक रहे हैं। इन खरीदारों ने 12 साल पहले फ्लैट की बुकिंग कराई थी लेकिन अब तक न तो कब्जा मिला है और न ही रजिस्ट्री हुई है। जेपी इंफ्राटेक के मामले में अगस्त 2017 से दिवालिया प्रक्रिया चल रही है। इंटरिम रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (आईआरपी) की ओर से एजेंसी का चयन करने का काम चल रहा है जो कि अधूरे निर्माण को पूरे कर सके। जेपी की परियोजना के एनसीएलटी में जाने से पहले चार हजार फ्लैटों का पजेशन हुआ था। इसके अलावा करीब 8500 फ्लैटों का काम आईआरपी की ओर से कराकर कब्जा दिया गया। लेकिन अब भी 22 हजार फ्लैट खरीदारों को आशियाना मिलना बाकी है। कुल 35 हजार फ्लैट खरीदार इस परियोजना में हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

यूनिटेक के 10 हजार खरीदार फंसे
नोएडा में यूनिटेक के प्रोजेक्ट में करीब 10 हजार फ्लैट खरीदार फंसे हुए हैं। इस प्रोजेक्ट को पूरा कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से एक कमेटी का गठन किया गया था। यही नहीं कोर्ट की ओर से प्रोजेक्ट को पूरा कराने के लिए एक योजना भी मांगी गई थी। यूनिटेक की कमेटी खरीदारों से संपर्क में थी लेकिन पिछले एक दशक से प्रोजेक्ट की गति रुकी हुई है। इसमें कोई परिवर्तन नहीं हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed