फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Builder charged more GST, now it has to be returned

Noida: ग्रेटर नोएडा में बिल्डर ने वसूला ज्यादा जीएसटी, अब लौटाना होगा, दो साल के संघर्ष के बाद मिली जीत

Thu, 28 Jul 2022 01:48 AM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा Published by: नोएडा ब्यूरो Updated Thu, 28 Jul 2022 01:48 AM IST
सार

वर्ष 2019 में खरीदारों ने राष्ट्रीय मुनाफाखोरी रोधी प्राधिकरण में बिल्डर की वसूली को चुनौती दी। प्राधिकरण के डायरेक्टर जनरल ने मामले की जांच की। जांच रिपोर्ट, साक्ष्य और दोनों पक्षों को सुनने के बाद प्राधिकरण ने खरीदारों के पक्ष में फैसला सुना दिया। प्राधिकरण ने बिल्डर को 1158 खरीदारों को 6.87 करोड़ रुपये ब्याज समेत वापस लौटाने का आदेश दिया है।

विज्ञापन
Builder charged more GST, now it has to be returned
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सेक्टर ईटा दो स्थित मिगसन विन प्रोजेक्ट के 1158 खरीदारों से बिल्डर ने अधिक वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) वसूला था। अब राष्ट्रीय मुनाफाखोरी रोधी प्राधिकरण ने बिल्डर एसजेपी होटल एंड रिसोर्ट को 18 फीसदी ब्याज के साथ खरीदारों का 6.87 करोड़ रुपये लौटाने का आदेश दिया है। तीन माह में अगर बिल्डर पैसा वापस नहीं किया तो वसूली की जाएगी।
विज्ञापन


वर्ष 2016 में प्रोजेक्ट में फ्लैटों की बुकिंग शुरू हुई थी। बिल्डर ने खरीदारों से किस्तों में जीएसटी लिया था। एक से पांच प्रतिशत तक जीएसटी लिया जा सकता है, लेकिन वर्ष 2017 से 2019 के बीच बिल्डर ने खरीदारों से 12 प्रतिशत तक जीएसटी वसूला गया। वर्ष 2019 में खरीदारों ने राष्ट्रीय मुनाफाखोरी रोधी प्राधिकरण में बिल्डर की वसूली को चुनौती दी। प्राधिकरण के डायरेक्टर जनरल ने मामले की जांच की। जांच रिपोर्ट, साक्ष्य और दोनों पक्षों को सुनने के बाद प्राधिकरण ने खरीदारों के पक्ष में फैसला सुना दिया।
विज्ञापन


प्राधिकरण ने बिल्डर को 1158 खरीदारों को 6.87 करोड़ रुपये ब्याज समेत वापस लौटाने का आदेश दिया है। जिले के जीएसटी कमिश्नर को आदेश का पालन करवाना होगा। समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित करवाकर खरीदारों से आवेदन मांगने होंगे। इसके बाद एक माह में जीएसटी कमिश्नर को रिपोर्ट देनी होगी। साथ ही, जीएसटी कमिश्नर को बिल्डर के अन्य प्रोजेक्टों का भी ऑडिट कराना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


बिल्डर ने लगाए थे 51 खरीदारों के फर्जी पत्र
बिल्डर ने मुनाफाखोरी रोधी प्राधिकरण के समक्ष जीएसटी की अधिक धनराशि को वापस लौटाने का दावा किया था। इस संबंध में 51 खरीदारों के हस्ताक्षरयुक्त पत्र भी प्रस्तुत किए गए थे। खरीदारों ने प्राधिकरण के समक्ष इसका विरोध दर्ज कराया और जांच कराने की मांग की। प्राधिकरण के डायरेक्टर जनरल की रिपोर्ट में सभी पत्र फर्जी निकले।


दो साल के संघर्ष के बाद मिली जीत
प्रोजेक्ट मिगसन विन के खरीदार आदेश से काफी खुश हैं। खरीदारों ने बताया कि बिल्डर के चक्कर लगाने के बाद दिसंबर, 2020 में प्राधिकरण में अपील दायर की गई थी। दो साल लगातार संघर्ष किया। कई बार उम्मीद भी टूटी, लेकिन जीत का भरोसा था। यह एक साथ 1158 खरीदारों की जीत है। 40 हजार से एक लाख तक खरीदारों से अतिरिक्त जीएसटी वसूला गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed