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Noida News: भाई निकला मास्टरमाइंड, बहन ने दीवाने का गढ़ा था अफसाना

Thu, 25 Sep 2025 01:03 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 25 Sep 2025 01:03 AM IST
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Brother turns out to be the mastermind, sister fabricated the story of a crazy man
Iउत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का प्रश्न पत्र बाहर आने के मामले में पुलिस ने फिलहाल खालिद मलिक को ही मास्टरमाइंड मान लिया है। पुलिस ने कहा कि खालिद पहले भी इस परीक्षा में कुछ नंबरों की कमी से पास नहीं हो सका था, इसलिए इस बार नकल की योजना बनाई। उसने पिछले 24 घंटे की पूछताछ में बताया कि परीक्षा केंद्र से प्रश्न पत्र बाहर भेजने में उसकी अकेले की भूमिका थी, जिसमें बहन साबिया सहयोगी रही।
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Iपुलिस ने दावा किया कि परीक्षा केंद्र के बाहर उसके तकनीकी मददगार के तौर पर जिस दीवाना का नाम सामने आ रहा था, उसके वास्तव में होने के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं। दीवाना उसकी बहन साबिया के दिमाग की उपज था, जिससे वह पुलिस को बरगला रही थी। मामले की विवेचना अधिकारी एसपी जया बलोनी ने बताया कि खालिद परीक्षा से एक दिन पहले अपने परीक्षा केंद्र (हरिद्वार के बहादरपुर जट स्थित आदर्श बाल सदन इंटर कॉलेज) में पहुंचा और वहां दीवार फांदकर निर्माणाधीन हिस्से में छोटा मोबाइल फोन छिपाकर आ गया था।
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Iअगले दिन अपना मोबाइल साबिया को देकर परीक्षा देने चला गया। जांच के बाद परीक्षा केंद्र में प्रवेश कर लिया। परीक्षा शुरू होने से पहले ही अपना छिपाया मोबाइल निकाल लाया और अपनी जैकेट में छिपा लिया। परीक्षा कक्ष में उत्तर पुस्तिका पर रोल नंबर भरने के दौरान मौका देखकर प्रश्न पत्र के फोटो खींच लिए। आधे घंटे बाद बाथरूम जाने के बहाने निकला और बहन साबिया को फोटो भेज दिए, हालांकि घबराहट में तीन पेज के ही फोटो खींच सका।
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Iसहायक प्रोफेसर सुमन को उसने पहले से तैयार किया हुआ था। उसकी योजना के अनुसार, साबिया के भेजे सवालों को सुमन ने हल करके अगले 10 मिनट में उसके पास वापस भेज दिया था। साबिया ने वह जवाब वापस खालिद के फोन पर भेज दिए, लेकिन परीक्षा कक्ष में उसे दोबारा मोबाइल निकालने का मौका नहीं मिला। दूसरी बार बाथरूम जाने की अनुमति नहीं मिली तो बाहर जाकर भी नहीं देख सका। कुल मिलाकर उसकी योजना नाकाम रही, वह जवाबों को ओएमआर शीट में नहीं भर पाया था।
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Iदोनों मोबाइल रीसेट किए, एक ट्रेन में फेंका
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Iएसपी जया ने बताया कि परीक्षा खत्म होने के बाद खालिद और साबिया को सोशल मीडिया पर अपनी करतूत वायरल होने का पता चला तो घबरा गया। वह अपनी बहन से अपना मोबाइल लेकर घर से फरार हो गया। उसने अपना मोबाइल और जिस छोटे मोबाइल से प्रश्न पत्र का फोटो भेजा था, वे दोनों मोबाइल के सिम तोड़कर फेंक दिए। दोनों मोबाइल भी रीसेट कर दिया। फिर बस से पहले दिल्ली गया। वहां से ट्रेन के जरिये लखनऊ पहुंचा। उसी दौरान नकल में इस्तेमाल मोबाइल ट्रेन के कूड़ेदान में फेंक दिया। उसके बाद ट्रेन से वापस हरिद्वार पहुंचा। वह देहरादून में सरेंडर करने की कोशिश कर रहा था, तभी पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे हिरासत में ले लिया।

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Iअब चलेगी तकनीकी जांच, खालिद भी भेजा जेल
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Iएसपी ने कहा कि आगे की जांच अब तकनीकी एक्सपर्ट करेंगे, जिसमें साइबर कमांडो भी शामिल रहेंगे। खालिद का पर्सनल मोबाइल मिला है पर उसका डाटा मिट चुका है। उसे रिकवर करने के लिए फोरेंसिक लैब की मदद ली जा रही है। परीक्षा केंद्र पर इस्तेमाल हुए फोन की तलाश जारी है। फिलहाल साबिया के बाद उसके भाई खालिद को भी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। सुमन और खालिद की बहन हीना अभी भी जांच के दायरे में हैं। उसे गिरफ्तार करने का आधार नहीं मिला है। एसपी ने कहा कि अब तक की जांच में किसी संगठित गिरोह के शामिल होने या प्रश्न पत्र के किसी अन्य स्थान से लीक होने का कोई सबूत नहीं मिला है। पुलिस मामले की आगे तकनीकी जांच कर रही है और यदि किसी व्यक्ति के पास इस मामले से संबंधित कोई सबूत है, तो वह उनसे संपर्क कर सकता है। जल्द जांच से जुड़ा एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया जाएगा।I
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