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बिसाहड़ा प्लांट बंद होने से अटकी रहीं मरीजों की सांसें

Fri, 07 May 2021 01:16 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 07 May 2021 01:16 AM IST
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Breathing of patients stuck due to the closure of the Bisahara plant
ग्रेटर नोएडा। बिसाहड़ा ऑक्सीजन प्लांट तकनीकी गड़बड़ी के कारण बुधवार सुबह अचानक बंद हो गया। इससे दादरी समेत कई अस्पतालों तक ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं की जा सकी। ऑक्सीजन की किल्लत महसूस होने पर मरीजों की सांसें अटक गईं। हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने किसी तरह मरीजों ऑक्सीजन मुहैया कराई। वहीं, इंजीनियरों की टीम ने दिन-रात काम कर 24 घंटे के अंदर प्लांट दोबारा शुरू कर दिया। हालांकि, 5 घंटे बाद प्रेशर बना, तब जाकर सिलिंडर भरने का काम शुरू हो पाया। बता दें कि इस प्लांट से प्रशासन सीधे अस्पतालों को ऑक्सीजन की सप्लाई कर रहा है। अधिकारियों ने बताया कि ऑक्सीजन प्लांट बंद होने से ऑक्सीजन सिलिंडर भरने की प्रक्रिया बीच में ही रुक गई। जबकि, कंपनी को अन्य अस्पतालों में सिलिंडर की सप्लाई करनी थी। प्लांट को ठीक करने में इंजीनियरों को 24 घंटे लग गए। बृहस्पतिवार सुबह करीब 10:30 बजे प्लांट शुरू हो पाया। उन्होंने बताया कि दोबारा से ऐसा न हो, इसके लिए कंपनी और प्रशासन की टीम खास ध्यान रख रही है।
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पांच घंटे बाद शुरू हो सका सिलिंडर भरने का काम
प्लांट के बंद होने के बाद सिलिंडर भरने के लिए प्रेशर बनाने में करीब पांच घंटे का समय लगता है। इस वजह से बृहस्पतिवार को दोपहर करीब तीन बजे प्रेशर बन पाया, तब सिलिंडर भरने का काम शुरू हो पाया। एक घंटे में एक साथ 13 सिलिंडर भरे जाते हैं। अस्पतालों की जरूरत को देखते हुए इन दिनों 24 घंटे सिलिंडर भरे जा रहे हैं।
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तकनीकी खामी से आई दिक्कत
कंपनी के मैनेजर प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि तकनीकी खामियों के कारण प्लांट बंद हो गया था। कमियों को दूर कर प्लांट दोबारा चालू किया गया है। अब ठीक से काम करने की संभावना है। पूरा प्रेशर बनने के बाद पूरी क्षमता से सिलिंडर भरे जा सकेंगे। वहीं, अपर जिलाधिकारी दिवाकर सिंह ने बताया कि तकनीकी खामियों को दूर करा दिया गया है। दोबारा ऐसा नहीं हो, इसका पूरा ध्यान दिया जाएगा।
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पहले से ही ऑक्सीजन की किल्लत
बता दें कि जिले में पहले से ही ऑक्सीजन की किल्लत चल रही है। वहीं, प्लांट बंद होने से और परेशानी बढ़ गई। प्रशासन ने गाजियाबाद स्थित गोयल और एमजी गैस प्राइवेट लिमिटेड से आपूर्ति बढ़ाने की मांग की है। ये एजेंसी गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मेरठ, दिल्ली को ऑक्सीजन की आपूर्ति कर रही हैं। मौजूदा समय में जिले को 900 ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत है। जबकि, इसके अनुपात में सिर्फ 22 फीसदी ऑक्सीजन मिल पा रही है। ऐसे में जिलाधिकारी ने एजेंसी से 675 ऑक्सीजन सिलिंडर की आपूर्ति और करने की मांग की थी, ताकि गंभीर मरीजों की जान बचाई जा सके।
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