{"_id":"692cabfa638796cd6d0ccf8c","slug":"boat-floats-in-gomti-message-to-save-awadhs-heritage-na-news-c-13-knp1050-1495009-2025-12-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: गोमती में तैरी नाव, अवध की धरोहर बचाने का संदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: गोमती में तैरी नाव, अवध की धरोहर बचाने का संदेश
विज्ञापन
गोमती नदी में नौकायन करते लोग।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ। शहीद स्मारक स्थित गोमती तट से रविवार को अवध की धरोहर और यहां की तहजीब को जीवंत रखने के लिए बोट ट्रायल यात्रा शुरू हुई। नाव के जरिये शहीद स्मारक से छतर मंजिल तक निकली इस यात्रा में अवध के नवाबी घरानों के अलावा हर वर्ग और हर उम्र के लोग शामिल हुए।
रंग-ए-अवध की ओर से आयोजित कार्यक्रम में सर्दियों की नर्म दोपहर में हल्की सर्द हवा और सुनहरी धूप के बीच नाव पर अवध की संस्कृति के चर्चे हो रहे थे। एडवोकेट मेराज हैदर के साथ शायर मोहम्मद साहिल, कुंवर जावेद अली, हसन काजमी और बलवंत सिंह अपने कलाम से समा बांध रहे थे। इस खास मौके पर नाव को बेहद खास अंदाज में सजाया गया था। जिस पर बैठकर लोग लाइव म्यूजिक का आनंद भी उठा रहे थे। नवाब मसूद अब्दुल्लाह ने कहा कि शहर की तहजीब और संस्कृति को जिंदा रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। इस खास मौके पर हम लोग शहर के विभिन्न रंगों को बचाने और आगे बढ़ाने के लिए जमा हुए। नवाबों के समय इस तरह के आयोजन होते थे, जब सजी हुई नाव में नवाब अपनी बेगम के साथ निकलते थे। उसी कल्चर को दोहराने की कोशिश की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रंग-ए-अवध की ओर से आयोजित कार्यक्रम में सर्दियों की नर्म दोपहर में हल्की सर्द हवा और सुनहरी धूप के बीच नाव पर अवध की संस्कृति के चर्चे हो रहे थे। एडवोकेट मेराज हैदर के साथ शायर मोहम्मद साहिल, कुंवर जावेद अली, हसन काजमी और बलवंत सिंह अपने कलाम से समा बांध रहे थे। इस खास मौके पर नाव को बेहद खास अंदाज में सजाया गया था। जिस पर बैठकर लोग लाइव म्यूजिक का आनंद भी उठा रहे थे। नवाब मसूद अब्दुल्लाह ने कहा कि शहर की तहजीब और संस्कृति को जिंदा रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। इस खास मौके पर हम लोग शहर के विभिन्न रंगों को बचाने और आगे बढ़ाने के लिए जमा हुए। नवाबों के समय इस तरह के आयोजन होते थे, जब सजी हुई नाव में नवाब अपनी बेगम के साथ निकलते थे। उसी कल्चर को दोहराने की कोशिश की गई है।
विज्ञापन

गोमती नदी में नौकायन करते लोग।

गोमती नदी में नौकायन करते लोग।
विज्ञापन