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Noida News: भाजपा लाई केजरीवाल सरकार के प्रति अविश्वास प्रस्ताव
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नई दिल्ली। कार्यकारिणी की बैठक में सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी व योगेंद्र चंदोलिया ने प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि यह कार्यकारिणी दिल्ली के मतदाताओं और देवतुल्य भाजपा कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करती है। साथ ही, मुख्यमंत्री केजरीवाल के खिलाफ अविश्वास जताती है। सांसद बांसुरी स्वराज और प्रवीण खंडेलवाल ने प्रस्ताव पर समर्थन व्यक्त किया। सांसद मनोज तिवारी के विश्वास के बाद इसे सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। बिधूड़ी, हर्ष मल्होत्रा, बांसुरी स्वराज, अरविंदर सिंह लवली और प्रवीण शंकर कपूर ने प्रस्ताव को तैयार किया।
राजनीतिक प्रस्ताव में भाजपा नेताओं ने कहा कि एक ओर केंद्र की मोदी की सरकार तीसरे कार्यकाल में दिल्ली के चहुंमुखी विकास के लिए कृत संकल्प है तो दूसरी तरफ आप सरकार भ्रष्ट, अक्षम, अयोग्य, अदूरदर्शी, लापरवाह और निष्क्रिय बनकर रह गई है। इस सरकार से जनता का विश्वास उठ गया है। केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन समेत कई नेता जेल में हैं। जेल में जाने के बाद भी मुख्यमंत्री इस्तीफा नहीं दे रहे है जिससे सांविधानिक संकट पैदा हो रहा है। शराब घोटाले के अलावा जल बोर्ड घोटाला, मुख्यमंत्री का शीश महल घोटाला, पैनिक बटन घोटाला, क्लास रूम घोटाला, जासूसी घोटाला, डीटीसी बस घोटाला, विज्ञापन घोटाला सहित अन्यों की कार्यकारिणी भर्त्सना करती है। वहीं, लोग जल बोर्ड में करीब एक लाख करोड़ रुपये के घोटालों का दंश झेल रहे थे, लेकिन इस बार पानी की एक-एक बूंद के लिए तरसना पड़ा। ये इस सरकार की अदूरदर्शिता और लापरवाही का सबसे बड़ा प्रमाण है। एक भी नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लगाया गया, न गाद निकाली गई और न ही रेनीवेल लगा। कार्यकारिणी दिल्ली सरकार की इस निष्क्रियता, झूठ और लापरवाही के लिए उसकी घोर भर्त्सना करती है।
सड़कें अब चलने लायक नहीं
भाजपा नेताओं ने कहा कि दिल्ली की सड़कों की हालत किसी से छिपी नहीं है। स्वयं दिल्ली सरकार ने सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टिट्यूट से सड़कों की स्थिति का सर्वेक्षण कराया तो रिपोर्ट आई कि दिल्ली की 80 फीसदी सड़कें खस्ता हाल में हैं और चलने लायक ही नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट को भी कहना पड़ा कि प्रदूषण के लिए ये सड़कें जिम्मेदार हैं। वहीं, आप सरकार महिला सुरक्षा के प्रति बिलकुल सचेत नहीं है। महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष स्वाति मालीवाल मुख्यमंत्री के घर तक में सुरक्षित नहीं है। मुख्यमंत्री के निजी सहायक बिभव कुमार ने उन पर हमला किया। मुख्यमंत्री ने खुद उन दस हजार सिविल डिफेंर्स वालंटियरों को हटाने की सिफारिश उपराज्यपाल से की थी, जो बसों में मार्शल का काम कर रहे थे।
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शिक्षा क्रांति भी मात्र ढोंग
भाजपा नेताओं ने कहा कि शिक्षा क्रांति का दावा महज प्रचार है। यह बात एमसीडी के कोर्ट में दाखिल हलफनामे में सामने आई है। सितंबर 2023 के हलफनामे में बताया गया था कि एमसीडी स्कूलों में 7,88,224 बच्चे पढ़ते हैं, जबकि जुलाई के हलफनामे में बच्चों की संख्या कम होकर 6,50,951 रह गई है। यही हाल दिल्ली सरकार के स्कूलों का भी है। वहीं, डोर स्टेप डिलीवरी, फ्री वाई-फाई योजना का अता-पता नहीं है। सीसीटीवी बंद पड़े हैं। 20 लाख रोजगार देने का वादा भी सिफर। दिल्ली में कूड़े के पहाड़ों को खत्म करने का वादा भी फ्लॉप रहा।
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राजनीतिक प्रस्ताव में भाजपा नेताओं ने कहा कि एक ओर केंद्र की मोदी की सरकार तीसरे कार्यकाल में दिल्ली के चहुंमुखी विकास के लिए कृत संकल्प है तो दूसरी तरफ आप सरकार भ्रष्ट, अक्षम, अयोग्य, अदूरदर्शी, लापरवाह और निष्क्रिय बनकर रह गई है। इस सरकार से जनता का विश्वास उठ गया है। केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन समेत कई नेता जेल में हैं। जेल में जाने के बाद भी मुख्यमंत्री इस्तीफा नहीं दे रहे है जिससे सांविधानिक संकट पैदा हो रहा है। शराब घोटाले के अलावा जल बोर्ड घोटाला, मुख्यमंत्री का शीश महल घोटाला, पैनिक बटन घोटाला, क्लास रूम घोटाला, जासूसी घोटाला, डीटीसी बस घोटाला, विज्ञापन घोटाला सहित अन्यों की कार्यकारिणी भर्त्सना करती है। वहीं, लोग जल बोर्ड में करीब एक लाख करोड़ रुपये के घोटालों का दंश झेल रहे थे, लेकिन इस बार पानी की एक-एक बूंद के लिए तरसना पड़ा। ये इस सरकार की अदूरदर्शिता और लापरवाही का सबसे बड़ा प्रमाण है। एक भी नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लगाया गया, न गाद निकाली गई और न ही रेनीवेल लगा। कार्यकारिणी दिल्ली सरकार की इस निष्क्रियता, झूठ और लापरवाही के लिए उसकी घोर भर्त्सना करती है।
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सड़कें अब चलने लायक नहीं
भाजपा नेताओं ने कहा कि दिल्ली की सड़कों की हालत किसी से छिपी नहीं है। स्वयं दिल्ली सरकार ने सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टिट्यूट से सड़कों की स्थिति का सर्वेक्षण कराया तो रिपोर्ट आई कि दिल्ली की 80 फीसदी सड़कें खस्ता हाल में हैं और चलने लायक ही नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट को भी कहना पड़ा कि प्रदूषण के लिए ये सड़कें जिम्मेदार हैं। वहीं, आप सरकार महिला सुरक्षा के प्रति बिलकुल सचेत नहीं है। महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष स्वाति मालीवाल मुख्यमंत्री के घर तक में सुरक्षित नहीं है। मुख्यमंत्री के निजी सहायक बिभव कुमार ने उन पर हमला किया। मुख्यमंत्री ने खुद उन दस हजार सिविल डिफेंर्स वालंटियरों को हटाने की सिफारिश उपराज्यपाल से की थी, जो बसों में मार्शल का काम कर रहे थे।
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शिक्षा क्रांति भी मात्र ढोंग
भाजपा नेताओं ने कहा कि शिक्षा क्रांति का दावा महज प्रचार है। यह बात एमसीडी के कोर्ट में दाखिल हलफनामे में सामने आई है। सितंबर 2023 के हलफनामे में बताया गया था कि एमसीडी स्कूलों में 7,88,224 बच्चे पढ़ते हैं, जबकि जुलाई के हलफनामे में बच्चों की संख्या कम होकर 6,50,951 रह गई है। यही हाल दिल्ली सरकार के स्कूलों का भी है। वहीं, डोर स्टेप डिलीवरी, फ्री वाई-फाई योजना का अता-पता नहीं है। सीसीटीवी बंद पड़े हैं। 20 लाख रोजगार देने का वादा भी सिफर। दिल्ली में कूड़े के पहाड़ों को खत्म करने का वादा भी फ्लॉप रहा।