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Noida News: बिसरख ब्लॉक की रैंकिंग गिरी, 16 % स्कूल ही बन पाए ‘निपुण’
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- बीते साल के मुकाबले 64 प्रतिशत गिरा परिणाम
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। निपुण एसेसमेंट परीक्षा में सबसे खराब स्थिति बिसरख ब्लॉक की सामने आई है। बीते साल 80 प्रतिशत से अधिक निपुण स्कूलों वाले इस ब्लॉक में अबकी बार संख्या 16 प्रतिशत पर आकर सिमट गई है। पुरानी से बेहतर स्थिति रखना तो दूर, ब्लॉक बीते साल की स्थिति को भी सुनिश्चित नहीं कर पाया है। जनपद की गिरती रैंक का ठीकरा सब एक दूसरे के ऊपर फोड़ रहे हैं।
विभाग डायट पर फेल होने का जिम्मा मढ़ रहा है, तो डायट विभाग की कमियां निकाल रहा है। डायट का मानना है कि कहीं कमी जरूर हुई है। उन्हें सही करने के लिए जिम्मेदारों के साथ बैठक की गई है। वहीं शिक्षा विभाग का तर्क है कि एसआईआर प्रक्रिया में शिक्षकों की ड्यूटी लगने के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित हुई है। इसी वजह से परिणाम उम्मीद के अनुसार नहीं मिला। बता दें 2026 में हर स्कूल की पहली और दूसरी कक्षा के बच्चों को भाषा और गणित में निपुण बनाने का लक्ष्य है।
वहीं दादरी ब्लॉक के प्रदर्शन के बाद पूर्व बीईओ नरेंद्र श्रीवास्तव की रणनीति की चर्चा हर तरफ हो रही हैं। उनके ब्लॉक के 96 में से 49 स्कूल निपुण बन गए हैं। एशिया में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए चर्चा में आए जेवर की स्थिति भी खराब रही। यहां 93 में से केवल 15 स्कूल ही निपुण हो सके हैं। ज्ञात हो निपुण बने 123 स्कूलों को मंगलवार को जनपद स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।
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बिसरख के खराब परिणाम और इसके कारणों की समीक्षा की जाएगी। इसके लिए रिपोर्ट तैयार की जा रही है। - राहुल पंवार, बीएसए
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। निपुण एसेसमेंट परीक्षा में सबसे खराब स्थिति बिसरख ब्लॉक की सामने आई है। बीते साल 80 प्रतिशत से अधिक निपुण स्कूलों वाले इस ब्लॉक में अबकी बार संख्या 16 प्रतिशत पर आकर सिमट गई है। पुरानी से बेहतर स्थिति रखना तो दूर, ब्लॉक बीते साल की स्थिति को भी सुनिश्चित नहीं कर पाया है। जनपद की गिरती रैंक का ठीकरा सब एक दूसरे के ऊपर फोड़ रहे हैं।
विभाग डायट पर फेल होने का जिम्मा मढ़ रहा है, तो डायट विभाग की कमियां निकाल रहा है। डायट का मानना है कि कहीं कमी जरूर हुई है। उन्हें सही करने के लिए जिम्मेदारों के साथ बैठक की गई है। वहीं शिक्षा विभाग का तर्क है कि एसआईआर प्रक्रिया में शिक्षकों की ड्यूटी लगने के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित हुई है। इसी वजह से परिणाम उम्मीद के अनुसार नहीं मिला। बता दें 2026 में हर स्कूल की पहली और दूसरी कक्षा के बच्चों को भाषा और गणित में निपुण बनाने का लक्ष्य है।
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वहीं दादरी ब्लॉक के प्रदर्शन के बाद पूर्व बीईओ नरेंद्र श्रीवास्तव की रणनीति की चर्चा हर तरफ हो रही हैं। उनके ब्लॉक के 96 में से 49 स्कूल निपुण बन गए हैं। एशिया में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए चर्चा में आए जेवर की स्थिति भी खराब रही। यहां 93 में से केवल 15 स्कूल ही निपुण हो सके हैं। ज्ञात हो निपुण बने 123 स्कूलों को मंगलवार को जनपद स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।
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बिसरख के खराब परिणाम और इसके कारणों की समीक्षा की जाएगी। इसके लिए रिपोर्ट तैयार की जा रही है। - राहुल पंवार, बीएसए