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फर्जी दस्तावेज के आधार पर बैंक लोन लेने वाले गिरोह का पर्दाफाश
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आरोपी रौशन
नोएडा। पुलिस ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर प्राइवेट बैंक व फाइनेंस कंपनियों से करोड़ों का लोन लेने वाले एक गिरोह का खुलासा किया है। कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो प्रधानमंत्री आवास योजना की सरकारी वेबसाइट से डाटा लेकर फर्जी आधार व पैन कार्ड बनवाते थे और इसके लिए सेक्टर-1 में दफ्तर बना रखा था। पुलिस को इनके 21 बैंक खातों के बारे में जानकारी मिली है और इनमें 75 लाख रुपये हैं। पुलिस पूरे नेटवर्क के बारे में पता लगा रही है। आरोपियों के कब्जे से पांच लैपटॉप, आठ मोबाइल, 40 फर्जी आधार कार्ड और 20 फर्जी पैन कार्ड मिले हैं।
नोएडा जोन के एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि पुलिस को शिकायत मिली थी कि एक कंपनी बनाकर कुछ लोग फर्जी कागजात से बैंक से लोन ले रहे हैं। इस मामले की जांच के बाद पुलिस टीम ने सोमवार को सेक्टर-1 में दबिश देकर एक फर्जी कंपनी का खुलासा किया और दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान मयूर विहार निवासी रोशन उर्फ केशव और त्रिलोकपुरी निवासी बीरेंद्र के रूप में हुई है। आरोपी एक गिरोह चलाते थे और सेक्टर-1 में तराना कम्यूनिकेशन के नाम से कंपनी का दफ्तर खोल रखा था। पता चला है कि गिरोह में सात आरोपी काम करते थे और अजय मास्टरमाइंड है। इनकी तलाश की जा रही है। एडीसीपी ने बताया कि आरोपियों ने फर्जी कागजात बनाकर करोड़ों रुपये की ठगी की है। आरोपी पहले सेक्टर-6 में कंपनी चलाते थे। वहां से फर्जीवाड़ा करने के बाद सेक्टर-1 में अपना दफ्तर खोला था।
ऐसे करते थे फर्जीवाड़ा
आरोपी प्रधानमंत्री आवास योजना की सरकारी वेबसाइट पर जाकर वहां से लोगों के डाटा लेते थे और उनके आधार पर फर्जी पैन व आधार कार्ड बनवाते थे। इन आधार कार्ड व पैन कार्ड पर अपने साथियों की फोटो लगवाते थे। इसके बाद बैंक व फाइनेंस कंपनियों में इन्हीं कागजात के आधार पर लोन कराते थे। ागजात फर्जी होने के कारण बैंक इनसे संपर्क नहीं कर पाती थी। एडीसीपी ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि आरोपी एक्सिस, आईडीएफसी, आईडीबीआई, आईसीआईसीआई बैंक आदि के सेल्स एजेंट से सीधे संपर्क करते थे। इसमें बहुत अधिक सत्यापन की आवश्यकता नहीं होती है।
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गिरोह ने एक करोड़ का भरा है आईटीआर
गैंग का उदेश्य बड़े बड़े लोन करा कर फर्जीवाड़ा करना था। इस कारण आरोपियों ने एक करोड़ रुपये का इनकम टैक्स रिटर्न भरा था और कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय में अपनी कंपनी का निबंधन कराया था। इनका उदेश्य मंत्रालय में निबंधन और एक करोड़ आईटीआर दिखाकर बड़े बड़े लोन लेना था। इससे पहले ही नोएडा पुलिस ने दबोच लिया।
प्रधानमंत्री आवास योजना की वेबसाइट से डाटा लेकर फर्जी दस्तावेज बना लोन कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। गिरोह के दो जालसाजों को गिरफ्तार किया है और अन्य की तलाश में दबिश दी जा रही है।
- रणविजय सिंह, एडीसीपी
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नोएडा जोन के एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि पुलिस को शिकायत मिली थी कि एक कंपनी बनाकर कुछ लोग फर्जी कागजात से बैंक से लोन ले रहे हैं। इस मामले की जांच के बाद पुलिस टीम ने सोमवार को सेक्टर-1 में दबिश देकर एक फर्जी कंपनी का खुलासा किया और दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान मयूर विहार निवासी रोशन उर्फ केशव और त्रिलोकपुरी निवासी बीरेंद्र के रूप में हुई है। आरोपी एक गिरोह चलाते थे और सेक्टर-1 में तराना कम्यूनिकेशन के नाम से कंपनी का दफ्तर खोल रखा था। पता चला है कि गिरोह में सात आरोपी काम करते थे और अजय मास्टरमाइंड है। इनकी तलाश की जा रही है। एडीसीपी ने बताया कि आरोपियों ने फर्जी कागजात बनाकर करोड़ों रुपये की ठगी की है। आरोपी पहले सेक्टर-6 में कंपनी चलाते थे। वहां से फर्जीवाड़ा करने के बाद सेक्टर-1 में अपना दफ्तर खोला था।
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ऐसे करते थे फर्जीवाड़ा
आरोपी प्रधानमंत्री आवास योजना की सरकारी वेबसाइट पर जाकर वहां से लोगों के डाटा लेते थे और उनके आधार पर फर्जी पैन व आधार कार्ड बनवाते थे। इन आधार कार्ड व पैन कार्ड पर अपने साथियों की फोटो लगवाते थे। इसके बाद बैंक व फाइनेंस कंपनियों में इन्हीं कागजात के आधार पर लोन कराते थे। ागजात फर्जी होने के कारण बैंक इनसे संपर्क नहीं कर पाती थी। एडीसीपी ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि आरोपी एक्सिस, आईडीएफसी, आईडीबीआई, आईसीआईसीआई बैंक आदि के सेल्स एजेंट से सीधे संपर्क करते थे। इसमें बहुत अधिक सत्यापन की आवश्यकता नहीं होती है।
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गिरोह ने एक करोड़ का भरा है आईटीआर
गैंग का उदेश्य बड़े बड़े लोन करा कर फर्जीवाड़ा करना था। इस कारण आरोपियों ने एक करोड़ रुपये का इनकम टैक्स रिटर्न भरा था और कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय में अपनी कंपनी का निबंधन कराया था। इनका उदेश्य मंत्रालय में निबंधन और एक करोड़ आईटीआर दिखाकर बड़े बड़े लोन लेना था। इससे पहले ही नोएडा पुलिस ने दबोच लिया।
प्रधानमंत्री आवास योजना की वेबसाइट से डाटा लेकर फर्जी दस्तावेज बना लोन कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। गिरोह के दो जालसाजों को गिरफ्तार किया है और अन्य की तलाश में दबिश दी जा रही है।
- रणविजय सिंह, एडीसीपी

आरोपी विरेंद्र