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Noida News: डिजिटल अरेस्ट कर 1.29 करोड़ की ठगी मामले में आरोपी की जमानत खारिज
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(अदालत से)
शिकायतकर्ता ने 13 मार्च को साइबर क्राइम थाने में दर्ज कराई थी रिपोर्ट
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सत्र अदालत ने डिजिटल अरेस्ट कर 1.29 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में आरोपी इन्द्रेश की जमानत अर्जी खारिज कर दी। शिकायतकर्ता ने 13 मार्च को साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि 6 फरवरी को उसे एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने अजय कुमार के रूप में अपनी पहचान दी और ट्राई का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके नाम पर जारी सिम कार्ड का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों व अश्लील वीडियो भेजने में किया जा रहा है। इसके बाद उन्हें दो घंटे में मुंबई पहुंचने के लिए कहा गया। जब शिकायतकर्ता ने असमर्थता जताई तो उसे वीडियो कॉल के जरिए डिजिटल अरेस्ट में लेने की बात कही गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपियों ने डर दिखाकर उससे 1.29 करोड़ रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए।
शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट और मुंबई स्पेशल ब्रांच के नाम से फर्जी नो ड्यूज सर्टिफिकेट भेजा और कहा कि पैसा जल्द वापस मिल जाएगा, लेकिन वापस नहीं किया गया। इसके बाद ठगी का एहसास होने पर उसने 12 मार्च को एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
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शिकायतकर्ता ने 13 मार्च को साइबर क्राइम थाने में दर्ज कराई थी रिपोर्ट
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सत्र अदालत ने डिजिटल अरेस्ट कर 1.29 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में आरोपी इन्द्रेश की जमानत अर्जी खारिज कर दी। शिकायतकर्ता ने 13 मार्च को साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि 6 फरवरी को उसे एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने अजय कुमार के रूप में अपनी पहचान दी और ट्राई का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके नाम पर जारी सिम कार्ड का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों व अश्लील वीडियो भेजने में किया जा रहा है। इसके बाद उन्हें दो घंटे में मुंबई पहुंचने के लिए कहा गया। जब शिकायतकर्ता ने असमर्थता जताई तो उसे वीडियो कॉल के जरिए डिजिटल अरेस्ट में लेने की बात कही गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपियों ने डर दिखाकर उससे 1.29 करोड़ रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए।
शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट और मुंबई स्पेशल ब्रांच के नाम से फर्जी नो ड्यूज सर्टिफिकेट भेजा और कहा कि पैसा जल्द वापस मिल जाएगा, लेकिन वापस नहीं किया गया। इसके बाद ठगी का एहसास होने पर उसने 12 मार्च को एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
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