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Noida News: हिंडन नदी में प्रदूषण फैला रहा बहलोलपुर, आठ अवैध फैक्ट्रियां चिह्नित

Tue, 17 Oct 2023 02:19 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 17 Oct 2023 02:19 AM IST
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Bahalolpur spreading pollution in Hindon river, eight illegal factories identified
हिंडन नदी में प्रदूषण फैला रहा बहलोलपुर, आठ अवैध फैक्ट्रियां चिह्नित
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जून में कार्रवाई कर पहले ही 30 फैक्ट्रियां को बंद करा चुका है उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
जिला पर्यावरण समिति की बैठक में उठा मुद्दा तो डीएम ने बिजली काटकर बंद कराने के लिए कहा





फोटो
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। हिंडन नदी में प्रदूषण फैलाने का काम नोएडा का बहलोलपुर कर रहा है। यहां अब भी कपड़े रंगने का काम अवैध रूप से जारी है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने ऐसी आठ अवैध फैक्ट्री को चिह्नित किया है। जिला पर्यावरण समिति की बैठक में मुद्दा उठने के बाद अब इनकी बिजली काटने और बंद कराने का आदेश जिलाधिकारी ने दिया है।

इसी साल मई के अंत में हिंडन का पानी लाल होने के बाद यहां डाई इंडस्ट्री के अवैध रूप से चलने पर जिम्मेदारों की निगाह गई थी। इसके बाद 30 फैक्ट्रियां बंद कराई गईं। इनमें से 16 के बिजली कनेक्शन भी विद्युत निगम ने काटे। अब फिर से यहां कपड़ों को रंगने के काम शुरू होने से यूपीपीसीबी और बिजली विभाग दोनों पर सवाल उठ रहे हैं। इसके अलावा नोएडा और गाजियाबाद दोनों तरफ से गिर रहे नाले भी सीवर और कूड़ा सीधे नदी में गिरा रहे हैं।
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यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा का कहना है कि जिला पर्यावरण समिति में यह मुद्दा उठा था। डीएम के निर्देश पर बहलोलपुर में बिजली विभाग की मदद से फिर से कार्रवाई की जानी है। वहीं, बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता डिवीजन-एक शिवम त्रिपाठी का कहना है कि जो कनेक्शन पहले काटे गए थे। उनमें से कोई दोबारा जोड़ा नहीं गया है। अगर वहां कोई भी अवैध रूप से बिजली उपयोग हो रहा है तो उसे तुरंत बंद कराया जाएगा। इसके लिए टीम जांच करेगी।
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नहाने-धोने लायक नहीं पानी
यूपीपीसीबी की रिपोर्ट के मुताबिक, हिंडन नदी का पानी ई-श्रेणी का है। जहां टोटल कोलीफार्म ट्रीटमेंट करने के बाद उपयोग में लेने के लिए 5000 एमपीएन प्रति 100 मिलीलीटर होना चाहिए। वह अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम दोनों में नोएडा के अंदर चार लाख के करीब यानी 80 गुना अधिक मिल रहा है। टोटल कोलीफाॅर्म सीवर का पानी मिलने की वजह से बढ़ता है। इसी तरह नदी में घुलनशील ऑक्सीजन की मात्रा भी न्यूनतम है। यह अपस्ट्रीम में 1.2 और डाउनस्ट्रीम में शून्य मिलीग्राम प्रति लीटर मिल रही है। यह एक तरह से नदी के मृतप्राय होने का संकेत है। जानकारों का कहना है कि हिंडन नदी से भूगर्भ जल भी रिचार्ज होता है। ऐसे में भूगर्भ जल के भी दूषित होने का खतरा इससे बना हुआ है।



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नदी किनारे अवैध रूप से काटे जा रहे पशु
हिंडन नदी में सीवर और डाई फैक्ट्री का पानी ही घुलने का खतरा अब तक बना हुआ है। वहीं, बहलोलपुर में ही नदी किनारे पोर्क के लिए पशुओं का कटान भी अवैध रूप से हो रहा है। जबकि, एनजीटी के निर्देश पर खुले में पशुओं का कटान नहीं हो सकता है। चोरी-छिपे पशु कटान करने के लिए नदी किनारे ही अस्थायी बाड़े बना लिए गए हैं।
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